
एमबाप्पे ने हाथ नहीं मिलाया, पैराग्वे के गोलकीपर ने फेंक दी गेंद: विश्व कप का गर्मागर्म अंत
फ्रांस के 1-0 से जीतने के बाद, म्बाप्पे के सलामी हाथ को नज़रअंदाज़ करने पर पैराग्वे के गोलकीपर गिल ने उनकी पीठ पर गेंद फेंकी और बाद में कहा कि वह 'एक पल के लिए आपा खो बैठे' थे।
पैराग्वे के खिलाफ फ्रांस के 1-0 की जीत ने उन्हें 2026 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया, लेकिन अंतिम सीटी बजने के बाद मैदान पर तनाव का माहौल बन गया। एकमात्र गोल 70वें मिनट में किलियान एमबाप्पे ने पेनल्टी पर किया, जो वीएआर समीक्षा के बाद दिया गया था। जैसे ही खिलाड़ी हाथ मिलाने की परंपरा के लिए कतार में आए, पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने एमबाप्पे की ओर हाथ बढ़ाया। फ्रांसीसी कप्तान ने उस इशारे को अनदेखा कर दिया और अपने समर्थकों के सामने जश्न में डूब गए। गुस्साए गिल ने तुरंत उनकी पीठ पर मैच की गेंद फेंक दी, हालांकि एमबाप्पे ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और जश्न जारी रखा।
बाद में दक्षिण अमेरिकी मीडिया से बात करते हुए गिल ने स्वीकार किया, "मैंने उनसे हाथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन जब उन्होंने मेरी ओर ध्यान नहीं दिया तो मैं आपा खो बैठा।" उन्होंने यह भी कहा कि यह बस एक पल की गर्मी थी और वह बाद में शांत हो गए। मैच बेहद शारीरिक और उग्र रहा, जिसमें पैराग्वे के खिलाड़ियों ने कई सख्त चुनौतियाँ पेश कीं। एमबाप्पे को बार-बार फाउल किया गया और पहले हाफ में ही आंद्रेस क्यूबास और मटियास गलार्ज़ा जैसे खिलाड़ियों के साथ उनकी तीखी झड़पें हुईं। फ्रांस के तीन खिलाड़ियों को पीला कार्ड मिला, लेकिन पैराग्वे को एक भी कार्ड नहीं दिखाया गया, जिस पर फ्रांसीसी खेमे ने हैरानी जताई।
यूरोपीय मीडिया से बातचीत में एमबाप्पे ने कहा कि फ्रांस को ऐसे कठिन मुक़ाबले की उम्मीद थी। "हम भी गंदा फुटबॉल खेल सकते हैं। शायद उन्होंने सोचा था कि हम टक्सीडो पहनकर आएंगे, लेकिन हम तैयार थे।" फ्रांसीसी कोच डिडियर डेसचैम्प ने पैराग्वे की रणनीति की आलोचना करते हुए कहा कि "यह ऐसा फुटबॉल नहीं है जो दर्शकों को स्टेडियम तक खींचे" और विपक्षी बेंच से आए अपमानजनक शब्दों पर नाराजगी जताई। दूसरी ओर, पैराग्वे के खिलाड़ियों और दक्षिण अमेरिकी पत्रकारों ने रेखांकित किया कि यह शैली उनके क्षेत्रीय फुटबॉल का हिस्सा है और गिल का गुस्सा भी उसी तीव्रता को दर्शाता है।
इस जीत के साथ फ्रांस ने लगातार चौथे विश्व कप में अंतिम आठ में जगह पक्की कर ली। एमबाप्पे का यह टूर्नामेंट का सातवां और विश्व कप करियर का 19वां गोल था, जो उन्हें गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी के बराबर ले आया। पैराग्वे, जिसने पिछले दौर में जर्मनी को पेनल्टी पर हराकर उलटफेर किया था, ने फिर से दमदार रक्षात्मक प्रदर्शन किया लेकिन पेनल्टी के आगे उसकी दीवार टूट गई। अब फ्रांस का सामना क्वार्टर फाइनल में मोरक्को से होगा, एक ऐसी टीम जिसे उसने 2022 विश्व कप के सेमीफाइनल में हराया था।
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | −0.20 | neutral |
|---|---|---|
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.80 | critical |
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | 0.00 | neutral |
Gill reacts impulsively to Mbappé's disrespect, but both share blame.
It reports Gill's explanation and mentions Mbappé's lack of reaction, creating a balanced narrative.
The context of Mbappé's celebration with the crowd, which might explain his distraction, is omitted.
Mbappé refuses to greet Gill and provokes him; the Paraguayan goalkeeper is the victim.
It emphasizes Mbappé's 'terrible' gesture and gives ample space to Gill's version, constructing a narrative where the Frenchman is the antagonist.
It omits that Mbappé was celebrating the victory and might not have intentionally ignored Gill.
Mbappé celebrates and Gill reacts by throwing a ball: two opposing attitudes in a heated finale.
It alternates the actions of both players without expressing judgment, reporting Gill's statements directly.
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