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होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 नाविकों की निकासी शुरू, अमेरिका-ईरान समझौते के बाद भी तनाव बरकरारआंत की सूजन से कैंसर तक: वैश्विक शोध में सेहत के नए संकेत और छिपे खतरेबोलीविया में सड़क अवरोध समाप्त, सरकार ने आपातकाल बरकरार रखा; OEA में अपराध वर्गीकरण पर ब्राजील-अमेरिका मतभेदजर्मनी के विश्व कप जीतने पर लेवेलिंग करेंगे रोनाल्डो वाला हेयरकटऑस्ट्रेलिया में नई मकड़ी प्रजाति की खोज, शिकार के लिए बुनती है गुलेल जैसा जाललेबनान वार्ता में हिजबुल्लाह की समयबद्ध इजरायली वापसी की मांग, संप्रभुता पर जोररूस में ईंधन संकट गहराया: 61 क्षेत्रों में बिक्री सीमित, पेट्रोल उत्पादन 25% घटा3 अरब साल पुराना उल्कापिंड गड्ढा: पिलबारा में मिला पृथ्वी का सबसे प्राचीन प्रभाव चिह्नहोर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 नाविकों की निकासी शुरू, अमेरिका-ईरान समझौते के बाद भी तनाव बरकरारआंत की सूजन से कैंसर तक: वैश्विक शोध में सेहत के नए संकेत और छिपे खतरेबोलीविया में सड़क अवरोध समाप्त, सरकार ने आपातकाल बरकरार रखा; OEA में अपराध वर्गीकरण पर ब्राजील-अमेरिका मतभेदजर्मनी के विश्व कप जीतने पर लेवेलिंग करेंगे रोनाल्डो वाला हेयरकटऑस्ट्रेलिया में नई मकड़ी प्रजाति की खोज, शिकार के लिए बुनती है गुलेल जैसा जाललेबनान वार्ता में हिजबुल्लाह की समयबद्ध इजरायली वापसी की मांग, संप्रभुता पर जोररूस में ईंधन संकट गहराया: 61 क्षेत्रों में बिक्री सीमित, पेट्रोल उत्पादन 25% घटा3 अरब साल पुराना उल्कापिंड गड्ढा: पिलबारा में मिला पृथ्वी का सबसे प्राचीन प्रभाव चिह्न
न्याय और कानूनशनिवार, 20 जून 2026

यूएई में 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध, एशिया और यूरोप में बढ़ती डिजिटल निगरानी

संयुक्त अरब अमीरात ने बाल सुरक्षा के लिए आयु सीमा लागू की, वहीं इंडोनेशिया नशीली दवाओं के ऑनलाइन जाल और यूरोप किशोर मानसिक स्वास्थ्य पर असर को लेकर उपाय कर रहा है।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के मंत्रिमंडल ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने का निर्णय लिया है। खाड़ी देश के आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, इस आयु वर्ग के बच्चे न तो पोस्ट कर सकेंगे, न टिप्पणी कर सकेंगे और न ही सार्वजनिक समूहों में शामिल हो सकेंगे। 15 से 16 वर्ष के किशोरों के लिए सख्त सुरक्षा उपायों के साथ सीमित पहुँच की अनुमति होगी, जिसमें आयु-आधारित सामग्री वर्गीकरण और अभिभावकीय नियंत्रण शामिल हैं। प्लेटफॉर्म कंपनियों को डिजिटल पहचान प्रणाली जैसे विश्वसनीय आयु-सत्यापन तंत्र अपनाने और बच्चों पर निगरानी-आधारित विज्ञापन लक्षित करने पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य बचपन की सुरक्षा और संतुलित डिजिटल भविष्य सुनिश्चित करना बताया गया है। कार्यान्वयन की रूपरेखा आने वाले सप्ताह में जारी होने की संभावना है।

दक्षिण-पूर्व एशिया में इंडोनेशियाई अधिकारियों ने डिजिटल माध्यमों से बच्चों को नशीली दवाओं के जाल से बचाने पर जोर दिया है। राष्ट्रीय नशा मुक्ति एजेंसी (बीएनएन) प्रमुख कोमिसार जेंदराल पोलिसी सुयुदी आरियो सेतो के अनुसार, नशीले पदार्थों के तस्कर सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और यहाँ तक कि डार्क वेब के जरिए युवाओं को निशाना बना रहे हैं। एजेंसी ने संचार एवं डिजिटल मंत्रालय (कोमडिगी) से नशीली दवाओं से जुड़े अकाउंट और वेबसाइटों को तत्काल ब्लॉक करने की अपील की है। साथ ही, मेदान के उप महापौर ज़कीयुद्दीन हरहप ने अभिभावकों से बच्चों के मोबाइल उपकरणों की नियमित जाँच करने को कहा है, क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार नशीले पदार्थों के विक्रेता ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। सरकार ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए पीपी टूनस नामक विनियमन लागू किया है, जिसका सिद्धांत है — “बच्चों के तैयार होने तक प्रतीक्षा करें”, अर्थात आयु और परिपक्वता के अनुसार ही डिजिटल पहुँच प्रदान की जाए।

यूरोप में भी सोशल मीडिया के किशोरों पर प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा समर्थित स्कूली बच्चों में स्वास्थ्य व्यवहार (एचबीएससी) अध्ययन के आँकड़ों के अनुसार, 2018 से 2022 के बीच किशोरों में समस्याजनक सोशल मीडिया उपयोग 7 प्रतिशत से बढ़कर 11 प्रतिशत हो गया, जिसमें लड़कियाँ अधिक प्रभावित हुई हैं। फ्रांस, स्पेन, डेनमार्क और ब्रिटेन जैसे देश आयु प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं, हालाँकि विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि ऐसे प्रतिबंधों की प्रभावशीलता के पर्याप्त दीर्घकालिक प्रमाण नहीं हैं। स्वीडन की एक राजनीतिक राय में कहा गया है कि अकेला प्रतिबंध पर्याप्त नहीं होगा; प्लेटफॉर्मों को बच्चों के लिए एल्गोरिदम डिज़ाइन की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में लागू पूर्ण प्रतिबंध से किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव के ठोस संकेत नहीं मिले हैं।

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और परामर्शदाताओं ने सोशल मीडिया के कारण बच्चों में शारीरिक छवि को लेकर असंतोष और अवास्तविक सौंदर्य मानकों की चिंता जताई है। संयुक्त अरब अमीरात के चिकित्सकों के अनुसार, 13 वर्ष की लड़कियाँ 18 वर्ष की आयु में लिप सर्जरी की इच्छा व्यक्त कर रही हैं, क्योंकि फिल्टर और संपादित तस्वीरें उनकी आत्म-धारणा को प्रभावित कर रही हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन धोखेबाज अब बिना सिम कार्ड के भी वाई-फाई आधारित गेमिंग और मैसेजिंग ऐप के माध्यम से बच्चों को निशाना बना सकते हैं। पारिवारिक परामर्शदाताओं ने अभिभावकों को “रुको, जवाब मत दो, और माता-पिता को बताओ” का सरल सुरक्षा नियम सिखाने की सलाह दी है। फिलहाल, यूएई जल्द ही प्रवर्तन प्रक्रियाओं की घोषणा करेगा, इंडोनेशिया में बीएनएन और कोमडिगी के बीच सहयोग मजबूत किया जा रहा है, और यूरोपीय देश विधायी विकल्पों का मूल्यांकन जारी रखे हुए हैं।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

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28%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
लैटिन अमेरिकी प्रेसअरब खाड़ी प्रेस
लैटिन अमेरिकी प्रेस
उदासीनताव्यावहारिकता

संयुक्त अरब अमीरात ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया है, प्लेटफ़ॉर्म को अपने सिस्टम को अनुकूलित करने के लिए 12 महीने का समय दिया गया है।

अरब खाड़ी प्रेस
विजयसंरक्षणवाद

अमीराती अधिकारियों ने केवल 15 वर्ष से कम आयु वालों के सोशल मीडिया प्रतिबंध तक सीमित न रहकर एक व्यापक बाल डिजिटल सुरक्षा ढांचा लागू किया है, जिसमें आयु सत्यापन, डेटा गोपनीयता और विज्ञापन लक्ष्यीकरण पर प्लेटफ़ॉर्म के कर्तव्यों को रेखांकित किया गया है और बाल कल्याण को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में स्थापित किया गया है।

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होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 नाविकों की निकासी शुरू, अमेरिका-ईरान समझौते के बाद भी तनाव बरकरार·आंत की सूजन से कैंसर तक: वैश्विक शोध में सेहत के नए संकेत और छिपे खतरे·बोलीविया में सड़क अवरोध समाप्त, सरकार ने आपातकाल बरकरार रखा; OEA में अपराध वर्गीकरण पर ब्राजील-अमेरिका मतभेद·जर्मनी के विश्व कप जीतने पर लेवेलिंग करेंगे रोनाल्डो वाला हेयरकट·ऑस्ट्रेलिया में नई मकड़ी प्रजाति की खोज, शिकार के लिए बुनती है गुलेल जैसा जाल·लेबनान वार्ता में हिजबुल्लाह की समयबद्ध इजरायली वापसी की मांग, संप्रभुता पर जोर·रूस में ईंधन संकट गहराया: 61 क्षेत्रों में बिक्री सीमित, पेट्रोल उत्पादन 25% घटा·3 अरब साल पुराना उल्कापिंड गड्ढा: पिलबारा में मिला पृथ्वी का सबसे प्राचीन प्रभाव चिह्न·होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 नाविकों की निकासी शुरू, अमेरिका-ईरान समझौते के बाद भी तनाव बरकरार·आंत की सूजन से कैंसर तक: वैश्विक शोध में सेहत के नए संकेत और छिपे खतरे·बोलीविया में सड़क अवरोध समाप्त, सरकार ने आपातकाल बरकरार रखा; OEA में अपराध वर्गीकरण पर ब्राजील-अमेरिका मतभेद·जर्मनी के विश्व कप जीतने पर लेवेलिंग करेंगे रोनाल्डो वाला हेयरकट·ऑस्ट्रेलिया में नई मकड़ी प्रजाति की खोज, शिकार के लिए बुनती है गुलेल जैसा जाल·लेबनान वार्ता में हिजबुल्लाह की समयबद्ध इजरायली वापसी की मांग, संप्रभुता पर जोर·रूस में ईंधन संकट गहराया: 61 क्षेत्रों में बिक्री सीमित, पेट्रोल उत्पादन 25% घटा·3 अरब साल पुराना उल्कापिंड गड्ढा: पिलबारा में मिला पृथ्वी का सबसे प्राचीन प्रभाव चिह्न·
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शनिवार, 20 जून 2026

यूएई में 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध, एशिया और यूरोप में बढ़ती डिजिटल निगरानी

संयुक्त अरब अमीरात ने बाल सुरक्षा के लिए आयु सीमा लागू की, वहीं इंडोनेशिया नशीली दवाओं के ऑनलाइन जाल और यूरोप किशोर मानसिक स्वास्थ्य पर असर को लेकर उपाय कर रहा है।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के मंत्रिमंडल ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने का निर्णय लिया है। खाड़ी देश के आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, इस आयु वर्ग के बच्चे न तो पोस्ट कर सकेंगे, न टिप्पणी कर सकेंगे और न ही सार्वजनिक समूहों में शामिल हो सकेंगे। 15 से 16 वर्ष के किशोरों के लिए सख्त सुरक्षा उपायों के साथ सीमित पहुँच की अनुमति होगी, जिसमें आयु-आधारित सामग्री वर्गीकरण और अभिभावकीय नियंत्रण शामिल हैं। प्लेटफॉर्म कंपनियों को डिजिटल पहचान प्रणाली जैसे विश्वसनीय आयु-सत्यापन तंत्र अपनाने और बच्चों पर निगरानी-आधारित विज्ञापन लक्षित करने पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य बचपन की सुरक्षा और संतुलित डिजिटल भविष्य सुनिश्चित करना बताया गया है। कार्यान्वयन की रूपरेखा आने वाले सप्ताह में जारी होने की संभावना है।

दक्षिण-पूर्व एशिया में इंडोनेशियाई अधिकारियों ने डिजिटल माध्यमों से बच्चों को नशीली दवाओं के जाल से बचाने पर जोर दिया है। राष्ट्रीय नशा मुक्ति एजेंसी (बीएनएन) प्रमुख कोमिसार जेंदराल पोलिसी सुयुदी आरियो सेतो के अनुसार, नशीले पदार्थों के तस्कर सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और यहाँ तक कि डार्क वेब के जरिए युवाओं को निशाना बना रहे हैं। एजेंसी ने संचार एवं डिजिटल मंत्रालय (कोमडिगी) से नशीली दवाओं से जुड़े अकाउंट और वेबसाइटों को तत्काल ब्लॉक करने की अपील की है। साथ ही, मेदान के उप महापौर ज़कीयुद्दीन हरहप ने अभिभावकों से बच्चों के मोबाइल उपकरणों की नियमित जाँच करने को कहा है, क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार नशीले पदार्थों के विक्रेता ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। सरकार ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए पीपी टूनस नामक विनियमन लागू किया है, जिसका सिद्धांत है — “बच्चों के तैयार होने तक प्रतीक्षा करें”, अर्थात आयु और परिपक्वता के अनुसार ही डिजिटल पहुँच प्रदान की जाए।

यूरोप में भी सोशल मीडिया के किशोरों पर प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा समर्थित स्कूली बच्चों में स्वास्थ्य व्यवहार (एचबीएससी) अध्ययन के आँकड़ों के अनुसार, 2018 से 2022 के बीच किशोरों में समस्याजनक सोशल मीडिया उपयोग 7 प्रतिशत से बढ़कर 11 प्रतिशत हो गया, जिसमें लड़कियाँ अधिक प्रभावित हुई हैं। फ्रांस, स्पेन, डेनमार्क और ब्रिटेन जैसे देश आयु प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं, हालाँकि विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि ऐसे प्रतिबंधों की प्रभावशीलता के पर्याप्त दीर्घकालिक प्रमाण नहीं हैं। स्वीडन की एक राजनीतिक राय में कहा गया है कि अकेला प्रतिबंध पर्याप्त नहीं होगा; प्लेटफॉर्मों को बच्चों के लिए एल्गोरिदम डिज़ाइन की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में लागू पूर्ण प्रतिबंध से किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव के ठोस संकेत नहीं मिले हैं।

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और परामर्शदाताओं ने सोशल मीडिया के कारण बच्चों में शारीरिक छवि को लेकर असंतोष और अवास्तविक सौंदर्य मानकों की चिंता जताई है। संयुक्त अरब अमीरात के चिकित्सकों के अनुसार, 13 वर्ष की लड़कियाँ 18 वर्ष की आयु में लिप सर्जरी की इच्छा व्यक्त कर रही हैं, क्योंकि फिल्टर और संपादित तस्वीरें उनकी आत्म-धारणा को प्रभावित कर रही हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन धोखेबाज अब बिना सिम कार्ड के भी वाई-फाई आधारित गेमिंग और मैसेजिंग ऐप के माध्यम से बच्चों को निशाना बना सकते हैं। पारिवारिक परामर्शदाताओं ने अभिभावकों को “रुको, जवाब मत दो, और माता-पिता को बताओ” का सरल सुरक्षा नियम सिखाने की सलाह दी है। फिलहाल, यूएई जल्द ही प्रवर्तन प्रक्रियाओं की घोषणा करेगा, इंडोनेशिया में बीएनएन और कोमडिगी के बीच सहयोग मजबूत किया जा रहा है, और यूरोपीय देश विधायी विकल्पों का मूल्यांकन जारी रखे हुए हैं।

स्रोतों में मतभेद

न्याय और कानून · 6 स्रोत · 4 भाषाएँ

28%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

समर्थक83%
न्यूनत्र17%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 4 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
लैटिन अमेरिकी प्रेसअरब खाड़ी प्रेस
लैटिन अमेरिकी प्रेस
उदासीनताव्यावहारिकता

संयुक्त अरब अमीरात ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया है, प्लेटफ़ॉर्म को अपने सिस्टम को अनुकूलित करने के लिए 12 महीने का समय दिया गया है।

अरब खाड़ी प्रेस
विजयसंरक्षणवाद

अमीराती अधिकारियों ने केवल 15 वर्ष से कम आयु वालों के सोशल मीडिया प्रतिबंध तक सीमित न रहकर एक व्यापक बाल डिजिटल सुरक्षा ढांचा लागू किया है, जिसमें आयु सत्यापन, डेटा गोपनीयता और विज्ञापन लक्ष्यीकरण पर प्लेटफ़ॉर्म के कर्तव्यों को रेखांकित किया गया है और बाल कल्याण को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में स्थापित किया गया है।

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