Edition of 10:00 CETमंगलवार, 14 जुलाई 2026
311 स्रोत · 17 भाषाएँआज 711 ब्रीफिंग
ताज़ा खबर
यूरोप और पश्चिम एशिया में भीषण ताप लहर: स्वीडन से ईरान तक अलर्टमेसी का इंग्लैंड से पहला सामना: विश्व कप सेमीफाइनल में इतिहास रचने का मौका14 जुलाई 2026: जब आसमानी करवटों ने दुनिया भर की उम्मीदों को सुर्ख़ियाँ दींसुपर एल नीनो का खतरा: फसलों से लेकर बच्चों के दिमाग तक पर असररयानएयर विमान की खिड़की टूटने से यात्री आंशिक रूप से बाहर खिंचा, पत्नी ने पैर पकड़कर बचाई जानआज़ोव सागर में हमलों के बीच रूस की कृषि आपूर्ति पुनर्निर्देशन की तैयारी, निर्यात पर असर से इनकारअमेरिका में साइक्लोस्पोरियासिस का प्रकोप: मिशिगन ने सलाद पत्तों को संभावित स्रोत बताया, मामले 2,600 पारहोर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी मिसाइल हमले में भारतीय नाविक की मौत, भारत ने तेहरान के राजनयिक को तलब कियायूरोप और पश्चिम एशिया में भीषण ताप लहर: स्वीडन से ईरान तक अलर्टमेसी का इंग्लैंड से पहला सामना: विश्व कप सेमीफाइनल में इतिहास रचने का मौका14 जुलाई 2026: जब आसमानी करवटों ने दुनिया भर की उम्मीदों को सुर्ख़ियाँ दींसुपर एल नीनो का खतरा: फसलों से लेकर बच्चों के दिमाग तक पर असररयानएयर विमान की खिड़की टूटने से यात्री आंशिक रूप से बाहर खिंचा, पत्नी ने पैर पकड़कर बचाई जानआज़ोव सागर में हमलों के बीच रूस की कृषि आपूर्ति पुनर्निर्देशन की तैयारी, निर्यात पर असर से इनकारअमेरिका में साइक्लोस्पोरियासिस का प्रकोप: मिशिगन ने सलाद पत्तों को संभावित स्रोत बताया, मामले 2,600 पारहोर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी मिसाइल हमले में भारतीय नाविक की मौत, भारत ने तेहरान के राजनयिक को तलब किया
विज्ञान और स्वास्थ्यमंगलवार, 14 जुलाई 2026

रात में जागने वालों की सेहत पर नया अध्ययन: मेटाबॉलिज्म और खानपान की आदतों पर असर

न्यूजीलैंड के एक अध्ययन में पाया गया कि देर रात तक जागने वाली महिलाओं में मोटापे और खराब मेटाबॉलिक स्वास्थ्य का खतरा अधिक होता है, भले ही वे समान कैलोरी लें।

न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में स्वस्थ महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन ने रात के समय जागने की आदत और चयापचय (मेटाबॉलिज्म) के बीच एक ठोस संबंध सामने रखा है। ‘फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन’ में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, जो महिलाएं स्वाभाविक रूप से देर रात तक जागती हैं और सुबह देर से उठती हैं, उनका बॉडी मास इंडेक्स और शरीर में वसा प्रतिशत, जल्दी सोने-जागने वाली महिलाओं की तुलना में अधिक पाया गया। खास बात यह रही कि सभी समूहों ने लगभग बराबर कैलोरी और पोषक तत्व लिए, फिर भी रात में जागने वाली महिलाओं के मेटाबॉलिक बायोमार्कर और पोषण स्तर अपेक्षाकृत खराब रहे।

इस अंतर के पीछे भोजन का समय एक बड़ा कारक हो सकता है। अध्ययन में देखा गया कि देर रात जागने वाली महिलाएं सुबह बहुत कम खाती थीं और दिन का अधिकांश कैलोरी शाम और रात के समय लेती थीं। कोलंबिया विश्वविद्यालय (अमेरिका) की पोषण विशेषज्ञ मैरी-पियरे सेंट-ऑंज के अनुसार, भोजन का समय शरीर की आंतरिक घड़ी के लिए एक संकेत का काम करता है और इसका सीधा असर मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है। वे बताती हैं कि भूमध्यसागरीय आहार के करीब का खानपान—फल, सब्जियां, साबुत अनाज, मेवे और कम वसा वाला मांस—अनिद्रा की आशंका को कम करता है और नींद को गहरा बनाता है, जबकि अधिक मिठाइयां, संतृप्त वसा और परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट बार-बार नींद टूटने से जुड़े हैं।

मनोवैज्ञानिक पक्ष भी इस पूरी तस्वीर को पुख्ता करता है। अर्जेंटीना और अन्य देशों के विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि दिन में अत्यधिक नींद आना हमेशा तनाव का नतीजा नहीं होता, बल्कि इसके पीछे खराब ‘स्लीप हाइजीन’ हो सकती है—अनियमित सोने-जागने का समय, सोने से ठीक पहले स्क्रीन का इस्तेमाल या शोर-रोशनी वाला कमरा। वहीं, दूसरी ओर, कनाडा और अमेरिका के शोधकर्ताओं के हवाले से बताया गया है कि अनिश्चितता भरे माहौल में रोज़ एक जैसा नाश्ता करने जैसी छोटी दिनचर्याएं मानसिक ऊर्जा बचाने और चिंता घटाने का एक अनुकूली उपाय हो सकती हैं। यह आदत कोई कठोरता नहीं, बल्कि भावनात्मक स्थिरता का एक छोटा-सा सहारा है।

व्यावहारिक स्तर पर, विशेषज्ञ सोने से कम-से-कम तीन घंटे पहले भोजन करने, नियमित समय पर नाश्ता और रात का खाना लेने, तथा सोने से पहले कैमोमाइल चाय, केला या बादाम जैसे हल्के विकल्प चुनने की सलाह देते हैं। ये खाद्य पदार्थ मेलाटोनिन, मैग्नीशियम या ट्रिप्टोफैन जैसे तत्वों के जरिए शरीर को विश्राम का संकेत दे सकते हैं। यदि पर्याप्त नींद के बावजूद दिन में अत्यधिक थकान बनी रहती है, तो इसे सामान्य मान लेने के बजाय चिकित्सकीय और मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन कराने की सिफारिश की गई है, ताकि किसी अंतर्निहित संक्रमण या चयापचय विकार का समय पर पता लगाया जा सके।

यह अध्ययन अवलोकनात्मक है और केवल महिलाओं पर केंद्रित है, इसलिए इसके निष्कर्षों को सभी पर लागू नहीं किया जा सकता। फिर भी, यह इस दिशा में एक स्पष्ट संकेत है कि नींद का समय और खानपान की लय, कैलोरी की मात्रा से कहीं अधिक मायने रख सकते हैं। आगे का कदम इस बात पर शोध होगा कि क्या व्यक्ति की जैविक घड़ी के अनुसार आहार संबंधी हस्तक्षेप मोटापे और मेटाबॉलिक जोखिमों को कम कर सकते हैं।

विचलन — कौन इसे कैसे बताता है
9%कम
4 ब्लॉक · स्थिति −0.20 से 0.00 तक
आलोचनात्मकसमर्थक
SEARUSIRNLAT
प्रेस ब्लॉकों के बीच विचलन
दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस0.00neutral
रूसी और सीआईएस प्रेस0.00neutral
ईरानी और संबद्ध प्रेस−0.20neutral
लैटिन अमेरिकी प्रेस0.00neutral
रात में जागने वालों और शोधकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले आउटलेट इस क्लस्टर में मौजूद नहीं हैं।
दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस0.00
स्वर

पोषण विशेषज्ञ नींद में सुधार के लिए सोने से पहले विशिष्ट खाद्य पदार्थों की सलाह देते हैं, एक तत्काल और सुलभ समाधान प्रदान करते हैं।

तंत्रricettario del sonno

ज्ञात लाभों वाले खाद्य पदार्थों को सूचीबद्ध करके, यह नींद पर तत्काल नियंत्रण की भावना पैदा करता है, रात की गड़बड़ी के गहरे कारणों से बचता है।

चूक

यह उल्लेख नहीं करता कि मूल अध्ययन रात में जागने वालों के चयापचय जोखिमों पर केंद्रित है, न कि सोने से पहले भोजन के लाभों पर।

व्यावहारिकताउदासीनता
रूसी और सीआईएस प्रेस0.00
स्वर

पोषण विशेषज्ञ मैरी-पियरे सेंट-ओन्ज बताती हैं कि भूमध्य आहार नींद में सुधार करता है, स्थापित शोध पर आधारित।

तंत्रautorità scientifica

एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ का हवाला देकर, यह दावे को अधिकार देता है कि दिन का आहार अच्छी नींद की कुंजी है, रात में जागने वालों से ध्यान हटाता है।

चूक

यह उल्लेख नहीं करता कि मूल अध्ययन विशेष रूप से रात में जागने वालों और उनके चयापचय जोखिमों से संबंधित है, सामान्य आहार से नहीं।

उदासीनताव्यावहारिकता
ईरानी और संबद्ध प्रेस−0.20
स्वर

शोधकर्ता एक नए अध्ययन के आधार पर चेतावनी देते हैं कि रात में जागने वालों की जीवनशैली में विशिष्ट चयापचय जोखिम होते हैं।

तंत्रallarme metabolico

'चयापचय संबंधी नुकसान' शब्द को दोहराकर और रात में जागने वालों की तुलना जल्दी उठने वालों से करके, यह रात में जागने को एक अपरिहार्य जोखिम से जोड़ता है और आदत को हतोत्साहित करता है।

चूक

यह उल्लेख नहीं करता कि अध्ययन में पद्धतिगत सीमाएँ हो सकती हैं या रात में जागने वालों के संज्ञानात्मक लाभ भी हैं।

चेतावनीसंदेह
लैटिन अमेरिकी प्रेस0.00
स्वर

मनोवैज्ञानिक इस बात पर जोर देते हैं कि दिन की नींद हमेशा तनाव नहीं बल्कि खराब नींद की स्वच्छता है, और दोहराए जाने वाले दिनचर्या अनुकूली हैं।

तंत्रnormalizzazione psicologica

'नींद की स्वच्छता' की अवधारणा को सामान्यीकृत करके और दोहराए जाने वाली आदतों को सामान्य करके, यह रात में जागने वालों के चयापचय जोखिमों से ध्यान हटाकर नियंत्रणीय व्यक्तिगत विकल्पों पर केंद्रित करता है।

चूक

यह नींद की स्वच्छता की सलाह को रात में जागने वालों पर विशिष्ट अध्ययन से नहीं जोड़ता, न ही शोध द्वारा उजागर किए गए चयापचय जोखिमों का उल्लेख करता है।

उदासीनताव्यावहारिकता

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

और पढ़ें
अंतिम समाचार
यूरोप और पश्चिम एशिया में भीषण ताप लहर: स्वीडन से ईरान तक अलर्ट·मेसी का इंग्लैंड से पहला सामना: विश्व कप सेमीफाइनल में इतिहास रचने का मौका·14 जुलाई 2026: जब आसमानी करवटों ने दुनिया भर की उम्मीदों को सुर्ख़ियाँ दीं·सुपर एल नीनो का खतरा: फसलों से लेकर बच्चों के दिमाग तक पर असर·रयानएयर विमान की खिड़की टूटने से यात्री आंशिक रूप से बाहर खिंचा, पत्नी ने पैर पकड़कर बचाई जान·आज़ोव सागर में हमलों के बीच रूस की कृषि आपूर्ति पुनर्निर्देशन की तैयारी, निर्यात पर असर से इनकार·अमेरिका में साइक्लोस्पोरियासिस का प्रकोप: मिशिगन ने सलाद पत्तों को संभावित स्रोत बताया, मामले 2,600 पार·होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी मिसाइल हमले में भारतीय नाविक की मौत, भारत ने तेहरान के राजनयिक को तलब किया·यूरोप और पश्चिम एशिया में भीषण ताप लहर: स्वीडन से ईरान तक अलर्ट·मेसी का इंग्लैंड से पहला सामना: विश्व कप सेमीफाइनल में इतिहास रचने का मौका·14 जुलाई 2026: जब आसमानी करवटों ने दुनिया भर की उम्मीदों को सुर्ख़ियाँ दीं·सुपर एल नीनो का खतरा: फसलों से लेकर बच्चों के दिमाग तक पर असर·रयानएयर विमान की खिड़की टूटने से यात्री आंशिक रूप से बाहर खिंचा, पत्नी ने पैर पकड़कर बचाई जान·आज़ोव सागर में हमलों के बीच रूस की कृषि आपूर्ति पुनर्निर्देशन की तैयारी, निर्यात पर असर से इनकार·अमेरिका में साइक्लोस्पोरियासिस का प्रकोप: मिशिगन ने सलाद पत्तों को संभावित स्रोत बताया, मामले 2,600 पार·होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी मिसाइल हमले में भारतीय नाविक की मौत, भारत ने तेहरान के राजनयिक को तलब किया·
अपडेट 08:25 am4 भाषाएँ · 6 स्रोत
पिछलाविज्ञान और स्वास्थ्यअगला
6 स्रोत|4 भाषाएँ|3 मिनट पढ़ना
मंगलवार, 14 जुलाई 2026

रात में जागने वालों की सेहत पर नया अध्ययन: मेटाबॉलिज्म और खानपान की आदतों पर असर

न्यूजीलैंड के एक अध्ययन में पाया गया कि देर रात तक जागने वाली महिलाओं में मोटापे और खराब मेटाबॉलिक स्वास्थ्य का खतरा अधिक होता है, भले ही वे समान कैलोरी लें।

न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में स्वस्थ महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन ने रात के समय जागने की आदत और चयापचय (मेटाबॉलिज्म) के बीच एक ठोस संबंध सामने रखा है। ‘फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन’ में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, जो महिलाएं स्वाभाविक रूप से देर रात तक जागती हैं और सुबह देर से उठती हैं, उनका बॉडी मास इंडेक्स और शरीर में वसा प्रतिशत, जल्दी सोने-जागने वाली महिलाओं की तुलना में अधिक पाया गया। खास बात यह रही कि सभी समूहों ने लगभग बराबर कैलोरी और पोषक तत्व लिए, फिर भी रात में जागने वाली महिलाओं के मेटाबॉलिक बायोमार्कर और पोषण स्तर अपेक्षाकृत खराब रहे।

इस अंतर के पीछे भोजन का समय एक बड़ा कारक हो सकता है। अध्ययन में देखा गया कि देर रात जागने वाली महिलाएं सुबह बहुत कम खाती थीं और दिन का अधिकांश कैलोरी शाम और रात के समय लेती थीं। कोलंबिया विश्वविद्यालय (अमेरिका) की पोषण विशेषज्ञ मैरी-पियरे सेंट-ऑंज के अनुसार, भोजन का समय शरीर की आंतरिक घड़ी के लिए एक संकेत का काम करता है और इसका सीधा असर मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है। वे बताती हैं कि भूमध्यसागरीय आहार के करीब का खानपान—फल, सब्जियां, साबुत अनाज, मेवे और कम वसा वाला मांस—अनिद्रा की आशंका को कम करता है और नींद को गहरा बनाता है, जबकि अधिक मिठाइयां, संतृप्त वसा और परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट बार-बार नींद टूटने से जुड़े हैं।

मनोवैज्ञानिक पक्ष भी इस पूरी तस्वीर को पुख्ता करता है। अर्जेंटीना और अन्य देशों के विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि दिन में अत्यधिक नींद आना हमेशा तनाव का नतीजा नहीं होता, बल्कि इसके पीछे खराब ‘स्लीप हाइजीन’ हो सकती है—अनियमित सोने-जागने का समय, सोने से ठीक पहले स्क्रीन का इस्तेमाल या शोर-रोशनी वाला कमरा। वहीं, दूसरी ओर, कनाडा और अमेरिका के शोधकर्ताओं के हवाले से बताया गया है कि अनिश्चितता भरे माहौल में रोज़ एक जैसा नाश्ता करने जैसी छोटी दिनचर्याएं मानसिक ऊर्जा बचाने और चिंता घटाने का एक अनुकूली उपाय हो सकती हैं। यह आदत कोई कठोरता नहीं, बल्कि भावनात्मक स्थिरता का एक छोटा-सा सहारा है।

व्यावहारिक स्तर पर, विशेषज्ञ सोने से कम-से-कम तीन घंटे पहले भोजन करने, नियमित समय पर नाश्ता और रात का खाना लेने, तथा सोने से पहले कैमोमाइल चाय, केला या बादाम जैसे हल्के विकल्प चुनने की सलाह देते हैं। ये खाद्य पदार्थ मेलाटोनिन, मैग्नीशियम या ट्रिप्टोफैन जैसे तत्वों के जरिए शरीर को विश्राम का संकेत दे सकते हैं। यदि पर्याप्त नींद के बावजूद दिन में अत्यधिक थकान बनी रहती है, तो इसे सामान्य मान लेने के बजाय चिकित्सकीय और मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन कराने की सिफारिश की गई है, ताकि किसी अंतर्निहित संक्रमण या चयापचय विकार का समय पर पता लगाया जा सके।

यह अध्ययन अवलोकनात्मक है और केवल महिलाओं पर केंद्रित है, इसलिए इसके निष्कर्षों को सभी पर लागू नहीं किया जा सकता। फिर भी, यह इस दिशा में एक स्पष्ट संकेत है कि नींद का समय और खानपान की लय, कैलोरी की मात्रा से कहीं अधिक मायने रख सकते हैं। आगे का कदम इस बात पर शोध होगा कि क्या व्यक्ति की जैविक घड़ी के अनुसार आहार संबंधी हस्तक्षेप मोटापे और मेटाबॉलिक जोखिमों को कम कर सकते हैं।

विचलन — कौन इसे कैसे बताता है
9%कम
4 ब्लॉक · स्थिति −0.20 से 0.00 तक
आलोचनात्मकसमर्थक
SEARUSIRNLAT
प्रेस ब्लॉकों के बीच विचलन
दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस0.00neutral
रूसी और सीआईएस प्रेस0.00neutral
ईरानी और संबद्ध प्रेस−0.20neutral
लैटिन अमेरिकी प्रेस0.00neutral
रात में जागने वालों और शोधकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले आउटलेट इस क्लस्टर में मौजूद नहीं हैं।
दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस0.00
स्वर

पोषण विशेषज्ञ नींद में सुधार के लिए सोने से पहले विशिष्ट खाद्य पदार्थों की सलाह देते हैं, एक तत्काल और सुलभ समाधान प्रदान करते हैं।

तंत्रricettario del sonno

ज्ञात लाभों वाले खाद्य पदार्थों को सूचीबद्ध करके, यह नींद पर तत्काल नियंत्रण की भावना पैदा करता है, रात की गड़बड़ी के गहरे कारणों से बचता है।

चूक

यह उल्लेख नहीं करता कि मूल अध्ययन रात में जागने वालों के चयापचय जोखिमों पर केंद्रित है, न कि सोने से पहले भोजन के लाभों पर।

व्यावहारिकताउदासीनता
रूसी और सीआईएस प्रेस0.00
स्वर

पोषण विशेषज्ञ मैरी-पियरे सेंट-ओन्ज बताती हैं कि भूमध्य आहार नींद में सुधार करता है, स्थापित शोध पर आधारित।

तंत्रautorità scientifica

एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ का हवाला देकर, यह दावे को अधिकार देता है कि दिन का आहार अच्छी नींद की कुंजी है, रात में जागने वालों से ध्यान हटाता है।

चूक

यह उल्लेख नहीं करता कि मूल अध्ययन विशेष रूप से रात में जागने वालों और उनके चयापचय जोखिमों से संबंधित है, सामान्य आहार से नहीं।

उदासीनताव्यावहारिकता
ईरानी और संबद्ध प्रेस−0.20
स्वर

शोधकर्ता एक नए अध्ययन के आधार पर चेतावनी देते हैं कि रात में जागने वालों की जीवनशैली में विशिष्ट चयापचय जोखिम होते हैं।

तंत्रallarme metabolico

'चयापचय संबंधी नुकसान' शब्द को दोहराकर और रात में जागने वालों की तुलना जल्दी उठने वालों से करके, यह रात में जागने को एक अपरिहार्य जोखिम से जोड़ता है और आदत को हतोत्साहित करता है।

चूक

यह उल्लेख नहीं करता कि अध्ययन में पद्धतिगत सीमाएँ हो सकती हैं या रात में जागने वालों के संज्ञानात्मक लाभ भी हैं।

चेतावनीसंदेह
लैटिन अमेरिकी प्रेस0.00
स्वर

मनोवैज्ञानिक इस बात पर जोर देते हैं कि दिन की नींद हमेशा तनाव नहीं बल्कि खराब नींद की स्वच्छता है, और दोहराए जाने वाले दिनचर्या अनुकूली हैं।

तंत्रnormalizzazione psicologica

'नींद की स्वच्छता' की अवधारणा को सामान्यीकृत करके और दोहराए जाने वाली आदतों को सामान्य करके, यह रात में जागने वालों के चयापचय जोखिमों से ध्यान हटाकर नियंत्रणीय व्यक्तिगत विकल्पों पर केंद्रित करता है।

चूक

यह नींद की स्वच्छता की सलाह को रात में जागने वालों पर विशिष्ट अध्ययन से नहीं जोड़ता, न ही शोध द्वारा उजागर किए गए चयापचय जोखिमों का उल्लेख करता है।

उदासीनताव्यावहारिकता

यह समाचार यहाँ छपा

6 स्रोत · 4 भाषाएँ

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

Geopolitics & Politics से

ट्रंप ने ईरान पर समुद्री नाकेबंदी बहाल की, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले माल पर 20% शुल्क लगाने की घोषणा

5 भाषाएँ · 19 स्रोत

Economy & Markets से

AI की लागत दक्षता की होड़ और विकासशील देशों में शासन की चुनौतियाँ

6 भाषाएँ · 16 स्रोत

Technology से

एआई से आर्थिक उछाल की उम्मीद, पर साइबर जोखिम बनी बड़ी चुनौती

2 भाषाएँ · 9 स्रोत

और पढ़ें