
ट्रंप ने इंग्लैंड की रणनीति पर उठाए सवाल, तुखेल का पलटवार—‘क्या ट्रंप को गवाह बनाएंगे?’
इंग्लैंड की सेमीफाइनल हार के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने हैरी केन को डिफेंडर बनाने पर सवाल उठाए, तो थॉमस तुखेल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा—क्या आप ट्रंप को गवाह बनाएंगे?
अर्जेंटीना ने विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई, लेकिन इस हार की गूंज खेल से कहीं आगे तक पहुंच गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क में फीफा के एक स्वागत समारोह में इंग्लैंड के कोच थॉमस तुखेल की रणनीति पर सीधा निशाना साधा। ट्रंप ने कहा कि इंग्लैंड ने बढ़त लेने के बाद अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैरी केन को रक्षात्मक भूमिका में धकेल दिया, जो ‘असामान्य’ था। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में यह भी जोड़ा, ‘मैं फुटबॉल के बारे में क्या जानता हूं?’ ट्रंप ने 18 महीने पहले केन के साथ गोल्फ खेलने का जिक्र करते हुए कहा कि टीम को थोड़ा आक्रामक रहना चाहिए था।
यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब तुखेल की रणनीति पर पहले से ही सवाल उठ रहे थे। इंग्लैंड ने एंथनी गॉर्डन के 55वें मिनट के गोल से 1-0 की बढ़त बना ली थी, लेकिन इसके बाद टीम गहरे रक्षात्मक घेरे में सिमट गई। तुखेल ने दो आक्रामक खिलाड़ियों को हटाकर डिफेंडर उतारे और टीम ने पांच रक्षकों के साथ खेलना शुरू कर दिया। केन, जो स्ट्राइकर हैं, बार-बार अपने पेनल्टी एरिया के पास नजर आए। दूसरी ओर, लियोनेल मेसी ने खाली जगहों का फायदा उठाते हुए एंजो फर्नांडीज (85वें मिनट) और लाउतारो मार्टिनेज (इंजरी टाइम) को गोल करवाकर अर्जेंटीना को नाटकीय जीत दिला दी।
तुखेल ने ट्रंप की आलोचना पर पलटवार करते हुए संवाददाता सम्मेलन में पूछा, ‘क्या आप डोनाल्ड ट्रंप को अपने मामले का गवाह बना रहे हैं?’ उन्होंने साफ कहा कि उन्हें अपने फैसलों पर कोई पछतावा नहीं है और टीम बहुत निष्क्रिय हो गई थी, इसलिए उन्होंने मदद के लिए बदलाव किए। जर्मन कोच ने हार की पूरी जिम्मेदारी ली, लेकिन यह भी रेखांकित किया कि इंग्लिश फुटबॉल एसोसिएशन (एफए) ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया है और उनका अनुबंध 2028 तक है।
इंग्लैंड अब शनिवार को मियामी में फ्रांस के खिलाफ तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ में उतरेगा। तुखेल ने माना कि यह मैच 1966 के बाद विश्व कप में इंग्लैंड का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का मौका है, लेकिन साथ ही स्वीकार किया कि अर्जेंटीना, स्पेन और फ्रांस जैसी शीर्ष टीमों के मुकाबले अभी थोड़ा अंतर बाकी है। उन्होंने कहा, ‘यह हमारा दर्द है, हमारा घाव है, लेकिन हम इससे उबरेंगे और प्रतिक्रिया देंगे।’ इस बीच, ट्रंप की टिप्पणी ने वैश्विक फुटबॉल परिचर्चा में एक अप्रत्याशित राजनीतिक आयाम जोड़ दिया, जिसकी गूंज भारतीय खेल मीडिया में भी सुनाई दी।
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
|---|---|---|
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.20 | neutral |
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.10 | neutral |
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