
पिता के जनाज़े से मोजतबा ख़ामेनेई की ग़ैर-मौजूदगी, उत्तराधिकारी पर सवाल बरक़रार
अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई के जनाज़े में तीन बेटे मौजूद रहे, लेकिन उत्तराधिकारी मोजतबा ख़ामेनेई की ग़ैर-मौजूदगी ने ईरान में नेतृत्व पर अनिश्चितता बढ़ा दी है।
तेहरान में रविवार को अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार के दूसरे दिन उनके तीन पुत्र—मुस्तफ़ा, मैसम और मसूद—प्रार्थना में शामिल हुए, जबकि उनके उत्तराधिकारी और नए आला रहबर मोजतबा ख़ामेनेई सार्वजनिक रूप से अनुपस्थित रहे। यह समारोह ‘ग्रैंड मोसल्ला इमाम ख़ुमैनी’ में आयोजित किया गया, जहाँ अली ख़ामेनेई और हमले में मारे गए परिजनों—बेटी, दामाद, बहू और 14 माह की नातिन—के ताबूत रखे गए। ईरानी मीडिया ने बताया कि इस मौके पर राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ़ और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख अहमद वहीदी सहित शीर्ष नेता मौजूद रहे।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, मोजतबा ख़ामेनेई 28 फ़रवरी के अमरीकी-इज़राइली हवाई हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसमें उनके पिता समेत परिवार के चार अन्य सदस्य मारे गए। रॉयटर्स से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उनका चेहरा बुरी तरह जल गया और एक या दोनों पैरों में गहरी चोटें आईं। मार्च में आला रहबर बनने के बाद से वे सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे, केवल लिखित बयान जारी करते रहे हैं। तेहरान में सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि इज़राइल की हत्या की धमकियों के मद्देनज़र उन्हें पूरे छह दिवसीय शोक कार्यक्रम से दूर रहने की सलाह दी गई है, हालाँकि वे मशहद में दफ़न के समय शामिल होना चाहते थे। इस दौरान शोक मनाने वालों ने “अमरीका मुर्दाबाद” और “इज़राइल मुर्दाबाद” के नारे लगाए और अयातुल्लाह की मौत का बदला लेने की माँग की।
पश्चिमी राजनयिक हलकों में मोजतबा की ग़ैर-मौजूदगी को ईरान के नए नेतृत्व की स्थिरता पर प्रश्नचिह्न के रूप में देखा जा रहा है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक्सियोस से कहा कि उन्होंने अंतिम संस्कार के लिए शांति वार्ता एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि जनता के रोने पर उन्हें आश्चर्य हुआ, क्योंकि उनका मानना था कि लोग ख़ामेनेई से नफ़रत करते हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि यह क्रांति और शहीदों के प्रति जनसमर्थन का प्रदर्शन है। वहीं, रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने शुक्रवार को श्रद्धांजलि दी, और हमास, हिज़बुल्लाह और यमन के हूती विद्रोहियों के प्रतिनिधि भी तेहरान पहुँचे।
क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई का दाह संस्कार एक ओर जहाँ ईरान के शिया बुनियादी ढाँचे में एकता और ताक़त का प्रतीकात्मक प्रदर्शन है, वहीं दूसरी ओर मोजतबा की अनुपस्थिति युद्ध के बाद की अनिश्चितताओं को उजागर करती है। ईरानी अधिकारियों ने इस समारोह को ‘सदी का जनाज़ा’ करार देते हुए दावा किया कि 1.5 से 2 करोड़ लोग भाग लेंगे। सोमवार को तेहरान में विशाल जुलूस, मंगलवार को धार्मिक नगरी क़ुम, बुधवार को इराक़ के नजफ़ और करबला में समारोह और गुरुवार को मशहद में इमाम रज़ा के मक़बरे के पास दफ़्न की योजना है। इस बीच, अमरीका और ईरान के बीच युद्ध विराम क़ायम है लेकिन दोनों पक्षों ने चेतावनी दी है कि वे फिर से सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार हैं। शांति वार्ता अगले सप्ताह फिर शुरू होने की संभावना है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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Iran's new Supreme Leader Mojtaba Khamenei did not attend his father's funeral for security reasons, as stated by Iranian authorities. His absence was explained as a precautionary measure, and state media showed his brothers present. The ceremony took place amid war with the US and Israel.
Mojtaba Khamenei was conspicuously absent from his father's funeral, raising questions about his health and Iran's leadership. While three brothers attended, the new leader has not been seen in public since the attack that killed the ayatollah. The event draws international attention.
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