
एंडी बर्नहैम की ऐतिहासिक जीत: ब्रिटेन में प्रधानमंत्री स्टारमर के खिलाफ चुनौती का मार्ग प्रशस्त
मेकरफील्ड उपचुनाव में बर्नहैम की शानदार जीत ने लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व संघर्ष की संभावना को बल दिया है, जिससे ब्रिटेन में सातवें प्रधानमंत्री का रास्ता खुल सकता है।
ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम ने उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड की मेकरफील्ड सीट पर हुए उपचुनाव में 54.8 प्रतिशत मतों के साथ निर्णायक जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही वे संसद सदस्य के रूप में वेस्टमिंस्टर लौट आए हैं, जिससे उनके लिए प्रधानमंत्री कीर स्टारमर को लेबर पार्टी के नेतृत्व के लिए औपचारिक चुनौती देने का रास्ता साफ हो गया है। बर्नहैम ने धुर-दक्षिणपंथी रिफॉर्म यूके के उम्मीदवार रॉबर्ट केन्यॉन को 9,200 से अधिक मतों के अंतर से हराया, जबकि मतदान प्रतिशत 58.75 रहा। यूरोपीय मीडिया के अनुसार, यह उपचुनाव छह दशकों में ब्रिटेन का सबसे परिणामकारी स्थानीय चुनाव हो सकता है, क्योंकि इसने स्टारमर के पहले से ही दबाव में चल रहे नेतृत्व को सीधी चुनौती का आधार दे दिया है।
स्टारमर खेमे ने बर्नहैम को बधाई देते हुए कहा कि मतदाताओं ने ‘विभाजन और घृणा के बजाय आशा और आशावाद’ को चुना, लेकिन प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी नेतृत्व चुनौती का सामना करेंगे और स्वेच्छा से पद नहीं छोड़ेंगे। दूसरी ओर, बर्नहैम ने अपनी जीत को ब्रिटिश राजनीति के लिए ‘संभावित मोड़’ बताते हुए लेबर पार्टी को ‘बदलाव का अंतिम अवसर’ बताया। मध्य-पूर्व की खबरों में इस घटनाक्रम को स्टारमर को सत्ता से हटाने की दिशा में एक ठोस कदम के रूप में देखा गया, जबकि दक्षिण एशियाई विश्लेषकों ने ब्रिटेन में एक दशक के भीतर सातवें प्रधानमंत्री की संभावना को वहां की गहरी राजनीतिक अस्थिरता का संकेत बताया है।
लेबर पार्टी के नियमों के तहत, नेतृत्व चुनौती शुरू करने के लिए बर्नहैम को कम से कम 81 सांसदों (पार्टी के संसदीय दल का 20 प्रतिशत) का समर्थन चाहिए। ब्रिटिश राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह आंकड़ा आसानी से जुट जाएगा, क्योंकि मई के स्थानीय चुनावों में लेबर की करारी हार के बाद से लगभग एक चौथाई लेबर सांसद स्टारमर के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। रक्षा मंत्री जॉन हीली और स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग सहित कई वरिष्ठ सहयोगी पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। यदि स्टारमर को हटाया जाता है, तो ब्रिटेन को लगभग एक दशक में सातवां प्रधानमंत्री मिलेगा, जो पिछले दो शताब्दियों में सबसे अधिक कार्यकाल परिवर्तन होगा। भारत और दक्षिण एशिया के लिए, ब्रिटिश नेतृत्व में बदलाव से व्यापार वार्ता, आव्रजन नीतियों और रणनीतिक साझेदारी पर प्रभाव पड़ सकता है, हालांकि बर्नहैम की नीतिगत प्राथमिकताएं अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।
बर्नहैम, जिन्हें ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ कहा जाता है, लेबर पार्टी के सॉफ्ट-लेफ्ट धड़े से आते हैं और सार्वजनिक सेवाओं के राष्ट्रीयकरण, क्षेत्रीय शक्तियों के हस्तांतरण तथा चार दशकों की ‘विफल नव-उदारवादी अर्थव्यवस्था’ की आलोचना करते रहे हैं। यूरोपीय टिप्पणीकारों के अनुसार, उनकी लोकप्रियता स्टारमर की तकनीकी-केंद्रित शैली के विपरीत एक जमीनी विकल्प प्रस्तुत करती है। स्टारमर की अलोकप्रियता के पीछे नीतिगत यू-टर्न, जेफ्री एपस्टीन से जुड़े पीटर मैंडलसन को अमेरिकी राजदूत नियुक्त करने का विवाद, और रिफॉर्म यूके के उदय के बीच लेबर का कमजोर प्रदर्शन प्रमुख कारण माने जाते हैं। यह उपचुनाव मूल रूप से लेबर सांसद जोश साइमंस के इस्तीफे से संभव हुआ, जिन्होंने बर्नहैम की वापसी का मार्ग प्रशस्त करने के लिए अपनी सीट छोड़ दी।
अब सोमवार को बर्नहैम के सांसद के रूप में शपथ लेने की उम्मीद है। उनके सहयोगी स्टारमर पर सम्मानजनक निकास की समय-सीमा तय करने का दबाव बना रहे हैं, जबकि स्टारमर ने अभी तक कोई संकेत नहीं दिया है कि वे पद छोड़ेंगे। यदि जल्द ही औपचारिक चुनौती शुरू होती है, तो आंतरिक चुनाव प्रक्रिया सितंबर में होने वाले लेबर सम्मेलन तक खिंच सकती है, जिससे सरकार का कामकाज प्रभावित हो सकता है। रिफॉर्म यूके के नेता नाइजेल फराज राष्ट्रीय स्तर पर बढ़त बनाए हुए हैं, और 2029 के आम चुनाव से पहले लेबर के भीतर किसी भी तरह की उथल-पुथल को अपने लिए अवसर के रूप में देख रहे हैं।
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मेकरफील्ड का उपचुनाव एंडी बर्नहैम, 'उत्तर के राजा', को नया लेबर नेता और प्रधानमंत्री बना सकता है, जिससे कीर स्टार्मर का संकटग्रस्त कार्यकाल समाप्त होगा। मैनचेस्टर के मेयर बर्नहैम ने महामारी के दौरान केंद्र सरकार की कंजूसी की निंदा कर उपेक्षित उत्तरी क्षेत्रों के प्रतीक बन गए। उनकी जीत लेबर पार्टी में आंतरिक संघर्ष छेड़ देगी, जबकि स्टार्मर पहले ही स्थानीय चुनाव हार और मंत्रियों के इस्तीफों से कमजोर हैं।
मेकरफील्ड का उपचुनाव ब्रिटेन के लिए बड़े परिणाम लेकर आया है। ग्रेटर मैनचेस्टर के लेबर मेयर एंडी बर्नहैम की जीत नेतृत्व की चुनौती शुरू कर सकती है जो प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को हटा देगी। परिणाम ब्रिटिश सरकार की स्थिरता तय करेगा।
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