Edition of 20:00 CETबुधवार, 24 जून 2026
307 स्रोत · 17 भाषाएँआज 1485 ब्रीफिंग
ताज़ा खबर
कांगो में इबोला प्रकोप: अगले सप्ताह दो उपचारों का परीक्षण शुरू, बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के लिए पहला क्लिनिकल ट्रायलनेतन्याहू ने 98 सुनवाई के बाद भ्रष्टाचार मुकदमे में अपनी गवाही पूरी कीपिता बनने के बाद डोकू की वापसी: बेल्जियम के सामने न्यूज़ीलैंड की चुनौतीसाओ पाउलो हवाई अड्डे पर स्पेनिश महिला कर्मचारियों पर नस्लीय टिप्पणी के आरोप में गिरफ़्तारडिज़नीलैंड में किशोर 50 फुट ऊंची जल सवारी से गिरा, अस्पताल से मिली छुट्टी; सिक्स फ्लैग्स में भी तकनीकी अड़चनओलंपिक आंदोलन में ऐतिहासिक मोड़: हर खिलाड़ी को मिलेगा 10,000 डॉलर का अनुदानवसा की गुणवत्ता, प्याज और पादप आहार: मधुमेह से बचाव के नए संकेतहोंडियस जहाज पर हंतावायरस का प्रकोप 2 जुलाई को समाप्त घोषित होने की संभावनाकांगो में इबोला प्रकोप: अगले सप्ताह दो उपचारों का परीक्षण शुरू, बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के लिए पहला क्लिनिकल ट्रायलनेतन्याहू ने 98 सुनवाई के बाद भ्रष्टाचार मुकदमे में अपनी गवाही पूरी कीपिता बनने के बाद डोकू की वापसी: बेल्जियम के सामने न्यूज़ीलैंड की चुनौतीसाओ पाउलो हवाई अड्डे पर स्पेनिश महिला कर्मचारियों पर नस्लीय टिप्पणी के आरोप में गिरफ़्तारडिज़नीलैंड में किशोर 50 फुट ऊंची जल सवारी से गिरा, अस्पताल से मिली छुट्टी; सिक्स फ्लैग्स में भी तकनीकी अड़चनओलंपिक आंदोलन में ऐतिहासिक मोड़: हर खिलाड़ी को मिलेगा 10,000 डॉलर का अनुदानवसा की गुणवत्ता, प्याज और पादप आहार: मधुमेह से बचाव के नए संकेतहोंडियस जहाज पर हंतावायरस का प्रकोप 2 जुलाई को समाप्त घोषित होने की संभावना
भू-राजनीति और राजनीतिसोमवार, 22 जून 2026

सीरिया ने लेबनान में सैन्य हस्तक्षेप से इनकार किया, ट्रंप के बयानों के बाद आर्थिक सहयोग पर जोर

अमेरिकी राष्ट्रपति के बार-बार सुझाव के बावजूद, सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने कहा कि दमिश्क लेबनान में सैन्य नहीं, बल्कि आर्थिक मार्ग तलाश रहा है।

सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने रविवार को स्पष्ट किया कि उनका देश लेबनान में सैन्य हस्तक्षेप नहीं चाहता, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में कई बार सुझाव दिया था कि दमिश्क हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी ले सकता है। अल-मशहद चैनल पर प्रसारित साक्षात्कार में अल-शरा ने कहा, "हम लेबनान और सीरिया के बीच आर्थिक मार्ग तलाश रहे हैं, सैन्य नहीं।" उन्होंने ट्रंप की टिप्पणियों को गलत समझा जाने वाला बताया और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने लेबनान की स्थिति पर चिंता जताई थी, लेकिन लोगों ने इसे ऐसे लिया जैसे सीरिया कल सुबह लेबनान में घुस जाएगा।

वाशिंगटन के रुख के अनुसार, ट्रंप प्रशासन इज़राइल की हिजबुल्लाह को जल्दी पराजित करने की क्षमता से असंतुष्ट है और युद्ध से हुई व्यापक तबाही को लेकर चिंतित है। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा कि वह "इज़राइल के हिजबुल्लाह को खत्म न कर पाने से निराश" हैं और संकेत दिया कि यह जिम्मेदारी सीरिया को सौंपी जा सकती है। अमेरिकी स्रोतों के हवाले से आई रिपोर्टों में बताया गया है कि वाशिंगटन हिजबुल्लाह को निरस्त्र करने के लिए एक साथ कई उपकरण इस्तेमाल कर रहा है—ईरान के साथ समझौता ज्ञापन के बावजूद भी। इसी कड़ी में अमेरिकी ट्रेजरी ने हाल ही में हिजबुल्लाह के सहयोगी मरादा आंदोलन प्रमुख सुलेमान फ्रांजिएह और हिजबुल्लाह की राजनीतिक परिषद के उप प्रमुख महमूद कमाती पर प्रतिबंध लगाए, जिनका उद्देश्य लेबनान की शांति प्रक्रिया में बाधा डालने वालों पर दबाव बनाना बताया गया।

सीरियाई पक्ष ने अपनी स्थिति में ऐतिहासिक संदर्भ और कूटनीतिक प्राथमिकता को रेखांकित किया। अल-शरा ने कहा कि उन्होंने ट्रंप के साथ कई बार लेबनान पर चर्चा की है और अमेरिका के समक्ष यह दृष्टिकोण रखा है कि युद्ध रोका जाए तथा आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक समाधान खोजे जाएं। उन्होंने लेबनानी राज्य को मजबूत करने, संस्थाओं को सहारा देने और सीरियाई, लेबनानी तथा इज़राइली चिंताओं को शांत करने वाले सुरक्षा उपायों की बात की। सीरिया का लेबनान में पूर्व हस्तक्षेप—1976 से 2005 तक सैन्य उपस्थिति—और हिजबुल्लाह का बशर अल-असद शासन के पक्ष में सीरियाई गृहयुद्ध में लड़ना, नई सीरियाई सरकार के लिए किसी भी सैन्य भूमिका को संवेदनशील बनाता है। अल-शरा ने यह भी कहा कि यदि लेबनान और सीरिया के हितों की रक्षा हो तो वे हिजबुल्लाह के साथ बातचीत की मेज पर बैठने को तैयार हैं।

क्षेत्रीय विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी दबाव के बावजूद सीरिया लेबनान में सैन्य उलझाव से बचना चाहता है, क्योंकि इससे न केवल दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक तनाव पुनर्जीवित होंगे, बल्कि सीरिया की घरेलू स्थिरता भी खतरे में पड़ सकती है। अल-शरा सरकार हिजबुल्लाह के प्रति गहरी शत्रुता रखते हुए भी आर्थिक जीवनरेखा और राजनयिक संवाद को प्राथमिकता दे रही है। इस बीच, ईरान-अमेरिका समझौते के तहत लेबनान में लड़ाई शनिवार शाम से थमी हुई है, परंतु वाशिंगटन हिजबुल्लाह को निरस्त्र करने के लिए प्रतिबंधों और कूटनीतिक माध्यमों से दबाव जारी रखे हुए है। सीरिया की ओर से स्पष्ट इनकार के बाद, इस मुद्दे पर अगला ठोस कदम अभी तय नहीं है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों और क्षेत्रीय वार्ताओं के जरिये लेबनान में शक्ति संतुलन को प्रभावित करने के प्रयास जारी रहने की संभावना है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ

44%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
ईरानी और संबद्ध प्रेसइज़राइली प्रेस
ईरानी और संबद्ध प्रेस/ शासन
संदेहसंरक्षणवाद

Trump's request for Syrian military action against Hezbollah was rejected by Ahmed al-Sharaa, pointedly referred to by his former alias 'Jolani' to cast doubt on his legitimacy. The Syrian leader emphasized economic channels instead, but the Iranian perspective remains skeptical of both American meddling and Damascus's true intentions.

इज़राइली प्रेस/ सुरक्षा
संदेहव्यावहारिकता

Despite US pressure, Syria has signaled it will not intervene in Lebanon. The Trump administration, disappointed with Israel's progress against Hezbollah, explored the possibility of Syrian involvement, but Damascus declined, favoring economic cooperation. Israeli observers view this with cautious pragmatism, mindful of the region's complex dynamics.

संबंधित लेख

और पढ़ें
अंतिम समाचार
कांगो में इबोला प्रकोप: अगले सप्ताह दो उपचारों का परीक्षण शुरू, बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के लिए पहला क्लिनिकल ट्रायल·नेतन्याहू ने 98 सुनवाई के बाद भ्रष्टाचार मुकदमे में अपनी गवाही पूरी की·पिता बनने के बाद डोकू की वापसी: बेल्जियम के सामने न्यूज़ीलैंड की चुनौती·साओ पाउलो हवाई अड्डे पर स्पेनिश महिला कर्मचारियों पर नस्लीय टिप्पणी के आरोप में गिरफ़्तार·डिज़नीलैंड में किशोर 50 फुट ऊंची जल सवारी से गिरा, अस्पताल से मिली छुट्टी; सिक्स फ्लैग्स में भी तकनीकी अड़चन·ओलंपिक आंदोलन में ऐतिहासिक मोड़: हर खिलाड़ी को मिलेगा 10,000 डॉलर का अनुदान·वसा की गुणवत्ता, प्याज और पादप आहार: मधुमेह से बचाव के नए संकेत·होंडियस जहाज पर हंतावायरस का प्रकोप 2 जुलाई को समाप्त घोषित होने की संभावना·कांगो में इबोला प्रकोप: अगले सप्ताह दो उपचारों का परीक्षण शुरू, बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के लिए पहला क्लिनिकल ट्रायल·नेतन्याहू ने 98 सुनवाई के बाद भ्रष्टाचार मुकदमे में अपनी गवाही पूरी की·पिता बनने के बाद डोकू की वापसी: बेल्जियम के सामने न्यूज़ीलैंड की चुनौती·साओ पाउलो हवाई अड्डे पर स्पेनिश महिला कर्मचारियों पर नस्लीय टिप्पणी के आरोप में गिरफ़्तार·डिज़नीलैंड में किशोर 50 फुट ऊंची जल सवारी से गिरा, अस्पताल से मिली छुट्टी; सिक्स फ्लैग्स में भी तकनीकी अड़चन·ओलंपिक आंदोलन में ऐतिहासिक मोड़: हर खिलाड़ी को मिलेगा 10,000 डॉलर का अनुदान·वसा की गुणवत्ता, प्याज और पादप आहार: मधुमेह से बचाव के नए संकेत·होंडियस जहाज पर हंतावायरस का प्रकोप 2 जुलाई को समाप्त घोषित होने की संभावना·
अपडेट 02:15 pm3 भाषाएँ · 5 स्रोत
पिछलाभू-राजनीति और राजनीतिअगला
5 स्रोत|3 भाषाएँ|3 मिनट पढ़ना
सोमवार, 22 जून 2026

सीरिया ने लेबनान में सैन्य हस्तक्षेप से इनकार किया, ट्रंप के बयानों के बाद आर्थिक सहयोग पर जोर

अमेरिकी राष्ट्रपति के बार-बार सुझाव के बावजूद, सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने कहा कि दमिश्क लेबनान में सैन्य नहीं, बल्कि आर्थिक मार्ग तलाश रहा है।

सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने रविवार को स्पष्ट किया कि उनका देश लेबनान में सैन्य हस्तक्षेप नहीं चाहता, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में कई बार सुझाव दिया था कि दमिश्क हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी ले सकता है। अल-मशहद चैनल पर प्रसारित साक्षात्कार में अल-शरा ने कहा, "हम लेबनान और सीरिया के बीच आर्थिक मार्ग तलाश रहे हैं, सैन्य नहीं।" उन्होंने ट्रंप की टिप्पणियों को गलत समझा जाने वाला बताया और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने लेबनान की स्थिति पर चिंता जताई थी, लेकिन लोगों ने इसे ऐसे लिया जैसे सीरिया कल सुबह लेबनान में घुस जाएगा।

वाशिंगटन के रुख के अनुसार, ट्रंप प्रशासन इज़राइल की हिजबुल्लाह को जल्दी पराजित करने की क्षमता से असंतुष्ट है और युद्ध से हुई व्यापक तबाही को लेकर चिंतित है। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा कि वह "इज़राइल के हिजबुल्लाह को खत्म न कर पाने से निराश" हैं और संकेत दिया कि यह जिम्मेदारी सीरिया को सौंपी जा सकती है। अमेरिकी स्रोतों के हवाले से आई रिपोर्टों में बताया गया है कि वाशिंगटन हिजबुल्लाह को निरस्त्र करने के लिए एक साथ कई उपकरण इस्तेमाल कर रहा है—ईरान के साथ समझौता ज्ञापन के बावजूद भी। इसी कड़ी में अमेरिकी ट्रेजरी ने हाल ही में हिजबुल्लाह के सहयोगी मरादा आंदोलन प्रमुख सुलेमान फ्रांजिएह और हिजबुल्लाह की राजनीतिक परिषद के उप प्रमुख महमूद कमाती पर प्रतिबंध लगाए, जिनका उद्देश्य लेबनान की शांति प्रक्रिया में बाधा डालने वालों पर दबाव बनाना बताया गया।

सीरियाई पक्ष ने अपनी स्थिति में ऐतिहासिक संदर्भ और कूटनीतिक प्राथमिकता को रेखांकित किया। अल-शरा ने कहा कि उन्होंने ट्रंप के साथ कई बार लेबनान पर चर्चा की है और अमेरिका के समक्ष यह दृष्टिकोण रखा है कि युद्ध रोका जाए तथा आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक समाधान खोजे जाएं। उन्होंने लेबनानी राज्य को मजबूत करने, संस्थाओं को सहारा देने और सीरियाई, लेबनानी तथा इज़राइली चिंताओं को शांत करने वाले सुरक्षा उपायों की बात की। सीरिया का लेबनान में पूर्व हस्तक्षेप—1976 से 2005 तक सैन्य उपस्थिति—और हिजबुल्लाह का बशर अल-असद शासन के पक्ष में सीरियाई गृहयुद्ध में लड़ना, नई सीरियाई सरकार के लिए किसी भी सैन्य भूमिका को संवेदनशील बनाता है। अल-शरा ने यह भी कहा कि यदि लेबनान और सीरिया के हितों की रक्षा हो तो वे हिजबुल्लाह के साथ बातचीत की मेज पर बैठने को तैयार हैं।

क्षेत्रीय विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी दबाव के बावजूद सीरिया लेबनान में सैन्य उलझाव से बचना चाहता है, क्योंकि इससे न केवल दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक तनाव पुनर्जीवित होंगे, बल्कि सीरिया की घरेलू स्थिरता भी खतरे में पड़ सकती है। अल-शरा सरकार हिजबुल्लाह के प्रति गहरी शत्रुता रखते हुए भी आर्थिक जीवनरेखा और राजनयिक संवाद को प्राथमिकता दे रही है। इस बीच, ईरान-अमेरिका समझौते के तहत लेबनान में लड़ाई शनिवार शाम से थमी हुई है, परंतु वाशिंगटन हिजबुल्लाह को निरस्त्र करने के लिए प्रतिबंधों और कूटनीतिक माध्यमों से दबाव जारी रखे हुए है। सीरिया की ओर से स्पष्ट इनकार के बाद, इस मुद्दे पर अगला ठोस कदम अभी तय नहीं है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों और क्षेत्रीय वार्ताओं के जरिये लेबनान में शक्ति संतुलन को प्रभावित करने के प्रयास जारी रहने की संभावना है।

स्रोतों में मतभेद

भू-राजनीति और राजनीति · 5 स्रोत · 3 भाषाएँ

44%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

न्यूनत्र33%
निंदक67%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
ईरानी और संबद्ध प्रेसइज़राइली प्रेस
ईरानी और संबद्ध प्रेस/ शासन
संदेहसंरक्षणवाद

Trump's request for Syrian military action against Hezbollah was rejected by Ahmed al-Sharaa, pointedly referred to by his former alias 'Jolani' to cast doubt on his legitimacy. The Syrian leader emphasized economic channels instead, but the Iranian perspective remains skeptical of both American meddling and Damascus's true intentions.

इज़राइली प्रेस/ सुरक्षा
संदेहव्यावहारिकता

Despite US pressure, Syria has signaled it will not intervene in Lebanon. The Trump administration, disappointed with Israel's progress against Hezbollah, explored the possibility of Syrian involvement, but Damascus declined, favoring economic cooperation. Israeli observers view this with cautious pragmatism, mindful of the region's complex dynamics.

यह समाचार यहाँ छपा

5 स्रोत · 3 भाषाएँ

संबंधित लेख

भू-राजनीति और राजनीति

कोलंबिया में वामपंथी उम्मीदवार ने हार स्वीकारी, ट्रंप-समर्थित डे ला एस्प्रिएला की जीत

6 भाषाएँ · 21 स्रोत

भू-राजनीति और राजनीति

ट्रंप ने द्विदलीय आवास कानून पर हस्ताक्षर रोके, सीनेट पर चुनाव सुधार का दबाव

6 भाषाएँ · 19 स्रोत

खेल

रोनाल्डो का ऐतिहासिक दोहरा गोल, छह विश्व कप में स्कोर करने वाले पहले खिलाड़ी बने

6 भाषाएँ · 15 स्रोत

और पढ़ें