
गर्मी की लहर: बिजली बिल और सेहत पर दोहरी मार, विशेषज्ञों के सुझाव
दुनियाभर में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच एयर कंडीशनिंग का बढ़ता उपयोग बिजली के बिल बढ़ा रहा है और स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर रहा है, लेकिन छोटे बदलाव बड़ी राहत दे सकते हैं।
इस वर्ष उत्तरी गोलार्ध के कई हिस्सों में तापमान 40 से 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से एयर कंडीशनिंग पर निर्भरता अचानक बढ़ी है, जिसका सीधा असर घरेलू बिजली बिलों पर दिख रहा है। उत्तर अमेरिकी कूलिंग विशेषज्ञों के अनुसार, थर्मोस्टैट को केवल दो से तीन डिग्री बढ़ाने पर मासिक बिल में दो से तीन प्रतिशत की कमी आ सकती है, जबकि स्मार्ट थर्मोस्टैट और नियमित उपकरण रखरखाव से ऊर्जा खपत को और नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही, गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य आपात स्थितियों—विशेषकर हीटस्ट्रोक, जिसमें शरीर का मुख्य तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है और भ्रम या बेहोशी हो सकती है—में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
खाड़ी देशों में, जहां किराए के आवासों में स्थायी बदलाव संभव नहीं होते, वहां थर्मल ब्लैकआउट पर्दों और पोर्टेबल इवैपोरेटिव कूलरों का चलन बढ़ा है। ये पर्दे सूर्य की गर्मी को कमरे में प्रवेश करने से पहले ही रोक लेते हैं, जबकि पानी आधारित पोर्टेबल कूलर हवादार कमरों में प्रभावी साबित हो रहे हैं। वियरेबल नेक फैन जैसे व्यक्तिगत उपकरण भी लोकप्रिय हो रहे हैं, जो पूरे कमरे को ठंडा करने की बजाय सीधे शरीर के आसपास की हवा को गतिशील रखते हैं। उत्तर अमेरिकी बाजार में एनर्जी स्टार प्रमाणित एसी इकाइयों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है, जो कम ऊर्जा में अधिकतम शीतलन का दावा करती हैं।
स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर ब्रिटिश चिकित्सकों ने चेताया है कि लगातार एसी में रहने से त्वचा, आंखें और नाक-गला सूख सकते हैं, और खराब रखरखाव वाली इकाइयों से धूल, पराग और फफूंद फैलने का खतरा रहता है, जो अस्थमा जैसी फेफड़ों की बीमारियों को बढ़ा सकता है। ईरानी स्वास्थ्य सूत्रों ने हृदय, फेफड़े और गुर्दे के मरीजों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है—सुबह 10 से शाम 4 बजे के बीच बाहर न निकलना, पर्याप्त पानी पीना और कैफीन व अधिक नमक-चीनी से बचना। ईरानी पारंपरिक चिकित्सक भी बिना बर्फ का ठंडा पानी पीने को सुरक्षित मानते हैं, जबकि अत्यधिक गर्म पानी को पाचन के लिए हानिकारक बताते हैं।
विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि गर्मी से बचाव का सबसे कारगर तरीका शरीर और घर दोनों को ठंडा रखने की मिली-जुली रणनीति है। त्वचा को मॉइश्चराइज़ करना, होंठों पर बाम लगाना, घर में पौधे रखना और एसी का तापमान बहुत कम न रखना जैसे छोटे कदम बड़ी राहत दे सकते हैं। अगला ध्यान देने योग्य पड़ाव है ऊर्जा-कुशल उपकरणों की ओर उपभोक्ताओं का रुझान और सार्वजनिक स्वास्थ्य परामर्शों का स्थानीय भाषाओं में प्रसार, ताकि हीटस्ट्रोक जैसी आपात स्थितियों में समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित हो सके।
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| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −0.20 | neutral |
| अरब खाड़ी प्रेस | 0.00 | neutral |
सूचित उपभोक्ता लागत कम करने और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उपाय अपनाता है।
विशेषज्ञ सलाह को तत्काल और तटस्थ समाधान के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, एयर कंडीशनिंग के उपयोग को सामान्य बनाते हुए।
सांस्कृतिक शीतलन परंपराओं और पुराने रोगियों के लिए विशिष्ट जोखिमों का उल्लेख नहीं किया गया है।
डॉक्टर आबादी को गर्मी के खतरों और झूठी मान्यताओं के बारे में चेतावनी देता है, सुरक्षात्मक व्यवहार लागू करता है।
चिकित्सा अधिकार और लोकप्रिय परंपरा का उपयोग तात्कालिकता और आज्ञाकारिता की भावना पैदा करने के लिए किया जाता है।
ऊर्जा खपत और घर को ठंडा करने के व्यावहारिक समाधानों पर ध्यान नहीं दिया जाता है।
खाड़ी निवासी कुशल शीतलन के लिए पारंपरिक और आधुनिक तरीकों को अपनाता है।
सरल, कम लागत वाले समाधान स्पष्ट और प्राकृतिक के रूप में प्रस्तुत किए जाते हैं, जो स्थानीय संस्कृति में निहित हैं।
स्वास्थ्य जोखिम और एयर कंडीशनिंग लागत का उल्लेख नहीं किया गया है।
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