
एमबापे ने सेनेगल के खिलाफ गोल कर रचा इतिहास, मेस्सी से बराबरी; क्लोज़ के 16 गोल के रिकॉर्ड पर दोनों की नज़र
2026 विश्व कप के शुरुआती दिन फ्रांस के किलियन एमबापे ने सेनेगल के खिलाफ गोल दागकर पेले को पीछे छोड़ा और लियोनेल मेस्सी के 13 गोल की बराबरी कर ली, जबकि अर्जेंटीना के कप्तान अल्जीरिया के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करने वाले हैं।
2026 फीफा विश्व कप के पहले ही दिन फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबापे ने इतिहास रच दिया। सेनेगल के खिलाफ ग्रुप I के मुकाबले में किए गए एक गोल ने उन्हें विश्व कप के सर्वकालिक गोल स्कोररों की सूची में ब्राजील के दिग्गज पेले से आगे और अर्जेंटीना के लियोनेल मेस्सी के बराबर 13 गोल पर पहुंचा दिया। यह एमबापे का तीसरा विश्व कप है और महज 15 मैचों में ही उन्होंने यह आंकड़ा छू लिया है, जबकि मेस्सी को 13 गोल तक पहुंचने में पांच विश्व कप लगे थे। फ्रांसीसी मीडिया के अनुसार, एमबापे का यह प्रदर्शन उन्हें टूर्नामेंट के सर्वकालिक शीर्ष स्कोरर जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज़ (16 गोल) के रिकॉर्ड की ओर तेजी से बढ़ा रहा है।
दक्षिण अमेरिकी परिप्रेक्ष्य से देखें तो अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेस्सी भी इसी दिन अल्जीरिया के खिलाफ अपने छठे विश्व कप की शुरुआत कर रहे हैं। 39 वर्ष की उम्र में मेस्सी के पास क्लोज़ के 16 गोल के रिकॉर्ड को छूने के लिए तीन गोल की दरकार है। ब्राजीलियाई मीडिया इस बात पर जोर दे रहा है कि मेस्सी और एमबापे दोनों ही क्लोज़ के कीर्तिमान को खतरे में डाल सकते हैं, हालांकि एमबापे की उम्र और फॉर्म उन्हें लंबी अवधि में अधिक प्रबल दावेदार बनाती है। अर्जेंटीना के स्रोत बताते हैं कि मेस्सी के लिए यह अंतिम विश्व कप हो सकता है, इसलिए हर गोल ऐतिहासिक विरासत को और मजबूत करेगा।
एशियाई मीडिया, विशेषकर इंडोनेशिया से, एमबापे की उपलब्धि को वैश्विक फुटबॉल में शक्ति संतुलन के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। उनका मानना है कि एमबापे का पहले ही मैच में पेले को पीछे छोड़ना और मेस्सी की बराबरी करना यह दर्शाता है कि यूरोपीय फुटबॉल की युवा पीढ़ी ऐतिहासिक दक्षिण अमेरिकी रिकॉर्डों को तेजी से पीछे छोड़ रही है। वहीं, भारतीय उपमहाद्वीप के प्रशंसकों के लिए यह द्वंद्व विशेष रोमांचक है, क्योंकि क्रिकेट-प्रधान क्षेत्र में फुटबॉल की बढ़ती लोकप्रियता के बीच मेस्सी और एमबापे जैसे सितारे युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
वर्तमान में क्लोज़ 16 गोल के साथ शीर्ष पर हैं, उनके बाद ब्राजील के रोनाल्डो 15 गोल के साथ दूसरे स्थान पर हैं। जर्मनी के गर्ड म्यूलर 14 गोल के साथ तीसरे पायदान पर हैं, जबकि मेस्सी और एमबापे अब संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर आ गए हैं। पेले का 12 गोल का रिकॉर्ड अब छठे स्थान पर खिसक गया है। यह सूची दर्शाती है कि पिछले दो दशकों में गोल स्कोरिंग का घनत्व बढ़ा है, और आधुनिक फॉरवर्ड कम मैचों में अधिक गोल कर रहे हैं।
आगे का विश्लेषण करें तो यह स्पष्ट है कि एमबापे की रफ्तार और मेस्सी का अनुभव इस विश्व कप को ऐतिहासिक बना सकते हैं। यदि एमबापे अपनी मौजूदा लय बनाए रखते हैं, तो वे इसी संस्करण में क्लोज़ को पीछे छोड़ सकते हैं, जबकि मेस्सी को रिकॉर्ड तोड़ने के लिए संभवतः अपने करियर के अंतिम विश्व कप में चार गोल की आवश्यकता होगी। दोनों खिलाड़ियों की यह होड़ न केवल व्यक्तिगत गौरव की लड़ाई है, बल्कि यह फुटबॉल के दो युगों—एक अनुभवी जादूगर और एक आधुनिक गति-आधारित स्टार—के बीच का संवाद भी है, जो पूरे टूर्नामेंट को रोमांचक बनाए रखेगा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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सेनेगल के खिलाफ गोल करके एमबाप्पे ने मेस्सी के 13 विश्व कप गोलों की बराबरी कर ली और पेले को पीछे छोड़ दिया। फ्रांसीसी सितारा और अर्जेंटीना के कप्तान अब दोनों क्लोज़ के रिकॉर्ड पर निशाना साध रहे हैं, जिससे 2026 का विश्व कप एक ऐतिहासिक दौड़ बन गया है।
सेनेगल के खिलाफ एमबाप्पे का गोल उन्हें पेले के बराबर और मेस्सी से सिर्फ एक पीछे खड़ा करता है। 2026 विश्व कप शुरू होने के साथ, फ्रांसीसी फॉरवर्ड के पास मेस्सी को पछाड़ने और क्लोज़ के रिकॉर्ड के करीब पहुंचने का सुनहरा मौका है।
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