
नोवो नॉर्डिस्क पर साइबर हमला: 1 TB डेटा चोरी, 25 मिलियन डॉलर की फिरौती की मांग
यूरोप की सबसे बड़ी दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क के सिस्टम में दो महीने तक घुसपैठ कर संवेदनशील डेटा चुराने का दावा करने वाले हैकर समूह ने फिरौती न मिलने पर जानकारी बेचने की धमकी दी है।
यूरोप की सबसे बड़ी दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क एक बड़े साइबर हमले का शिकार हुई है। साइबर उत्पीड़न समूह फुलक्रमसेक ने मंगलवार को दावा किया कि वह दो महीने से अधिक समय तक कंपनी के नेटवर्क में छिपा रहा और इस दौरान एक टेराबाइट से अधिक संवेदनशील डेटा चुरा लिया। समूह ने शुरुआत में 25 मिलियन डॉलर (लगभग 210 करोड़ रुपये) की फिरौती मांगी, लेकिन कंपनी द्वारा भुगतान से इनकार करने के बाद अब वह चुराए गए डेटा के कुछ हिस्सों को बेचने की संभावना तलाश रहा है।
भारतीय और वैश्विक मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चुराए गए डेटा में कंपनी का सोर्स कोड, जारी और अप्रकाशित दवाओं की मालिकाना जानकारी, क्लिनिकल परीक्षणों के आंकड़े, कर्मचारियों, डॉक्टरों और मरीजों का विवरण, साथ ही आंतरिक एआई मॉडल की जानकारी शामिल है। नोवो नॉर्डिस्क, जो डायबिटीज और मोटापे की दवाओं ओज़ेम्पिक और वेगोवी के लिए दुनियाभर में जानी जाती है, ने एक प्रवक्ता के माध्यम से पुष्टि की कि कंपनी इन दावों से अवगत है और मामले की जांच कर रही है।
अक्टूबर 2025 में उभरा फुलक्रमसेक एक नया साइबर उत्पीड़न समूह है, जिसने कम समय में ही बड़े लक्ष्यों पर हमला कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। ब्राज़ील की यूओएल रिपोर्ट के मुताबिक, समूह ने अपनी वेबसाइट पर लंबा संदेश पोस्ट कर विस्तार से बताया कि कैसे उसने नोवो नॉर्डिस्क के नेटवर्क में सेंध लगाई। स्वीडन के वित्तीय समाचार पत्र डेगेंस इंडस्ट्री ने भी इस हमले को प्रमुखता से कवर किया, जो यूरोपीय बाज़ारों में कंपनी के निवेशकों के बीच चिंता का संकेत है।
यह घटना वैश्विक फार्मा उद्योग के लिए एक गंभीर चेतावनी है, खासकर तब जब भारत जैसे देशों में ओज़ेम्पिक और वेगोवी की भारी मांग है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मरीजों का डेटा सार्वजनिक हुआ तो इससे न केवल कंपनी की साख को झटका लगेगा, बल्कि दवा आपूर्ति श्रृंखला और अनुसंधान पर भी असर पड़ सकता है। नोवो नॉर्डिस्क ने अभी तक डेटा उल्लंघन की पुष्टि नहीं की है, लेकिन साइबर सुरक्षा एजेंसियां मामले पर नज़र बनाए हुए हैं।
आगे की राह में कंपनी को पारदर्शिता बनाए रखते हुए अपने सुरक्षा ढांचे को मज़बूत करना होगा। फुलक्रमसेक जैसे समूहों का उदय दिखाता है कि साइबर अपराधी अब केवल वित्तीय डेटा नहीं, बल्कि बौद्धिक संपदा और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को भी निशाना बना रहे हैं। वैश्विक नियामकों और भारत जैसे बड़े बाज़ारों को मिलकर ऐसे हमलों से निपटने के लिए सख्त मानक तय करने की ज़रूरत है, ताकि जीवनरक्षक दवाओं पर निर्भर लाखों मरीजों का भरोसा बना रहे।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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एक नया साइबर जबरन वसूली समूह, फुलक्रमसेक, दावा करता है कि उसने नोवो नॉर्डिस्क के नेटवर्क में दो महीने से अधिक समय बिताया और भारी मात्रा में डेटा चुराया। 25 मिलियन डॉलर की मांग असफल होने के बाद, समूह अब चुराई गई जानकारी बेचने पर विचार कर रहा है।
जबकि एक हैकर समूह दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क से डेटा चोरी का दावा करता है, स्कैंडिनेवियाई निर्माण क्षेत्र में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। एक प्रमुख स्वीडिश बिल्डर ने रणनीतिक अधिग्रहण किया है और निविदा पूछताछ में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है, जबकि एक खिड़की निर्माता को स्कॉटलैंड में अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर मिला है। बाजार निचले स्तर पर खुले, लेकिन निर्माण क्षेत्र की खबरें सतर्क आशावाद प्रदान करती हैं।
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