
वेनेज़ुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के जुड़वां भूकंपों से 1,430 की मौत, हजारों लापता
अंतरराष्ट्रीय सहायता के बावजूद राहत कार्यों में भारी चुनौतियाँ, 72 घंटे की महत्वपूर्ण अवधि बीतने के बाद भी जीवित बचे लोगों की तलाश जारी।
24 जून की शाम को लगभग एक मिनट के अंतराल पर आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों ने उत्तरी वेनेज़ुएला के तटीय राज्य ला गुऐरा और राजधानी काराकास को भारी नुकसान पहुँचाया। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज़ के शनिवार के आधिकारिक बयान के अनुसार मृतकों की संख्या 1,430 तक पहुँच गई है, 3,238 लोग घायल हुए हैं और 3,142 परिवार बेघर हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने अब तक 430 से अधिक झटके दर्ज किए हैं, जिससे पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों के ढहने का खतरा बना हुआ है।
लापता लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग आँकड़े सामने आ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के प्रमुख टॉम फ्लेचर ने 50,000 से अधिक लोगों के लापता होने की बात कही, जबकि विपक्ष से जुड़ी एक वेबसाइट पर परिजनों ने 68,900 से अधिक लोगों की गुमशुदगी दर्ज कराई है। भूकंप के तीन दिन बाद भी मलबे से जीवित निकाले जाने की घटनाएं सामने आईं – करबायेदा में एक 11 वर्षीय बालक और उससे कुछ घंटे पहले मोइसेस नाम का दूसरा बच्चा सकुशल निकाला गया; अमेरिकी बचाव दल ने एक नौ माह के शिशु और उसकी माँ को बचाया, और ला गुऐरा में 18 दिन का एक नवजात 32 घंटे बाद जीवित मिला।
25 से अधिक देशों ने सहायता भेजी है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 44 अंतरराष्ट्रीय शहरी खोज एवं बचाव दल वहाँ तैनात हैं, जिनमें मेक्सिको के 473, अल साल्वाडोर के 300 और अमेरिका के 250 राहतकर्मी शामिल हैं। अमेरिका ने तीन विशेष खोज दल, मोबाइल अस्पताल और पंद्रह करोड़ डॉलर की प्रारंभिक सहायता की घोषणा की है; यूरोपीय संघ ने 50 लाख यूरो की आपात सहायता जारी की। बावजूद इसके, ला गुऐरा में कई स्थानों पर भारी मशीनरी का अभाव और सरकारी प्रतिक्रिया की धीमी गति को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में प्रवेश को सीमित कर दिया है, जिसके चलते स्वयंसेवकों को विशेष पास की जरूरत पड़ रही है। बीच-बीच में हो रही बारिश और लगातार झटकों ने बचाव कार्यों को और जटिल बना दिया है।
भूगर्भीय दृष्टि से यह घटना असामान्य रही – महज 39 सेकंड के भीतर दो बड़े भूकंप आए, जिनकी गहराई मात्र 10 से 22 किलोमीटर थी, जिससे सतह पर भारी तबाही हुई। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने उपग्रह आकलन के आधार पर प्रत्यक्ष भौतिक क्षति 6.7 अरब डॉलर या देश के सकल घरेलू उत्पाद का 6 प्रतिशत आँकी है। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) के मुताबिक करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें यूनिसेफ के अनुसार 6.8 लाख बच्चे भी शामिल हैं। अस्पताल क्षमता से अधिक भर गए हैं और कई जगह शवों को सीधे पार्किंग स्थल पर उतारा जा रहा है।
कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने शनिवार देर रात बताया कि अब तक 24 देशों से 521 टन राहत सामग्री और 2,700 से अधिक बचावकर्मी पहुँच चुके हैं। राहत एजेंसियों के लिए पहली चुनौती अभी भी जीवित लोगों की तलाश है, हालाँकि 72 घंटे बीत जाने के बाद उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं। विदेशी नागरिकों की मौतों में 28 पुर्तगाली, 9 स्पेनी, 7 चीनी और 2 ब्राज़ीलियाई शामिल हैं; भारत ने दो मालवाहक विमानों से एक फील्ड अस्पताल और 35 टन राहत सामग्री भेजी है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जमीनी हकीकत और आधिकारिक आँकड़ों के बीच का अंतर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है – मृतकों और लापता लोगों की संख्या में वृद्धि की आशंका बनी हुई है।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.40 | critical |
|---|---|---|
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | 0.00 | neutral |
| उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस | −0.30 | critical |
The earthquakes have devastated Venezuela, but local authorities are failing to respond adequately, leaving thousands of families without rescue.
Personal stories of frustration and the lack of heavy machinery are emphasized to create a sense of urgency and implicit criticism of the response.
The role of international aid and the US-backed interim leadership is not mentioned.
The death toll exceeds 1,400 and tens of thousands are missing, while rescue operations continue.
Official data is reported without adding commentary or criticism, maintaining a detached tone.
Criticism of the local response and political implications are not explored.
The local authorities' response has been inadequate, while US aid arrives and the interim leader tries to reassure the population.
Local inefficiency is contrasted with the arrival of US aid, creating a narrative of external salvation.
The economic damage estimate and detailed stories of waiting families are not mentioned.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
तेहरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू, लाखों की भीड़; नए सर्वोच्च नेता की गैरमौजूदगी बनी सवाल
9 भाषाएँ · 33 स्रोत
Economy & Markets सेओपेक+ ने अगस्त के लिए तेल उत्पादन कोटा 1.88 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ाया
7 भाषाएँ · 18 स्रोत
Technology सेव्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर भारत में अटका, सरकार ने सुरक्षा आकलन तक रोक लगाई
3 भाषाएँ · 5 स्रोत