
ट्रंप का दावा: पुतिन जल्द समझौते को तैयार, 2029 से पहले यूक्रेन युद्ध समाप्ति की उम्मीद
अमेरिकी राष्ट्रपति ने फ़ॉक्स न्यूज़ को बताया कि रूस शीघ्र ही यूक्रेन संघर्ष पर सहमति बना सकता है, जबकि मॉस्को ने पश्चिमी शांति सेना को वैध सैन्य लक्ष्य बताया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्हें विश्वास है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए “जल्द ही” समझौता करने को तैयार हैं। फ़ॉक्स न्यूज़ से बातचीत में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यह संघर्ष उनके राष्ट्रपति काल की समाप्ति, जनवरी 2029, से पहले ख़त्म हो सकता है। उन्होंने बताया कि वह पुतिन से लगातार कहते रहे हैं, “व्लादिमीर, अब समय आ गया है कि तुम रुको, इस युद्ध को रोको।” ट्रंप ने इससे पहले अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात के बाद भी कहा था कि दोनों पक्ष समाधान चाहते हैं और पिछले कुछ हफ़्तों में “अच्छी प्रगति” हुई है।
रूसी पक्ष ने ट्रंप के बयानों पर सतर्क प्रतिक्रिया दी है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पहले कहा था कि वाशिंगटन शांति प्रक्रिया में योगदान देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन “एक रात में” समाधान संभव नहीं है क्योंकि टकराव की जड़ें गहरी हैं। रूसी सीनेटर ग्रिगोरी कारासिन ने कहा कि मॉस्को ट्रंप को ठोस क़दमों के बारे में “सुझाव” दे सकता है, बशर्ते वह बार-बार अपना रुख़ न बदलें। वहीं, ड्यूमा की उपाध्यक्ष स्वेतलाना ज़ूरोवा ने ट्रंप को “सबसे ख़राब मध्यस्थ नहीं” बताया, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि समझौता किन शर्तों पर होगा, यह निर्णायक रहेगा। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाख़ारोवा ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम के बाद यूक्रेन में तैनात किसी भी बहुराष्ट्रीय पश्चिमी बल को मॉस्को “वैध सैन्य लक्ष्य” मानेगा।
यूरोपीय और अमेरिकी नीति के बीच तनाव भी उभर कर आया है। पेरिस में “इच्छुक गठबंधन” की बैठक में पश्चिमी देशों ने शत्रुता समाप्त होने के बाद एक बहुराष्ट्रीय बल भेजने की मंशा दोहराई, जिसका उद्देश्य यूक्रेन को आश्वस्त करना और उसकी सेना के पुनर्निर्माण में मदद करना है। इसके विपरीत, ट्रंप ने यूक्रेन द्वारा रूसी ऊर्जा ठिकानों पर किए जा रहे हमलों को “वृद्धि” क़रार देते हुए भी इसे संघर्ष समाप्ति में सहायक बताया। इस बीच, ज़मीनी लड़ाई जारी है: यूक्रेन ने क्रीमिया के बालाक्लावा थर्मल पावर स्टेशन पर हमले का दावा किया, जबकि रूस ने ओडेसा क्षेत्र पर लगातार पाँचवें दिन ड्रोन और मिसाइल हमले कर तीन लोगों की जान ले ली।
ट्रंप का यह आशावाद उनके पहले के वादों से मेल खाता है, जब उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान 24 घंटे में युद्ध समाप्त करने की बात कही थी, बाद में इसे “कुछ महीने” या “आधा साल” कर दिया। अमेरिकी प्रशासन अब भी मध्यस्थता के लिए तैयार है, हालाँकि हाल के दिनों में उसने वार्ता में किसी ठोस प्रगति की अनुपस्थिति स्वीकार की है। ट्रंप ने ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात के बाद पुतिन को फ़ोन करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक ऐसी किसी बातचीत की पुष्टि नहीं हुई है। क्रेमलिन ने दोनों नेताओं के बीच अच्छे व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख किया है, जबकि ट्रंप ने भी पुतिन के साथ “अच्छी बनती है” कहा, साथ ही यह शिकायत भी की कि रूसी राष्ट्रपति अच्छी बातें तो कहते हैं लेकिन व्यवहार नहीं बदलते।
फ़िलहाल, कूटनीतिक प्रयास दोहरी पटरी पर चल रहे हैं: एक ओर ट्रंप शीघ्र समझौते की संभावना जता रहे हैं, दूसरी ओर रूस अपनी शर्तों पर अडिग है और पश्चिमी सैन्य उपस्थिति को स्पष्ट रूप से ख़ारिज कर रहा है। यूक्रेन को अमेरिकी पैट्रियट मिसाइलों के उत्पादन का लाइसेंस देने की ट्रंप की घोषणा और क्रीमिया में बिजली संयंत्र पर हमला इस बात के संकेत हैं कि सैन्य दबाव भी जारी रहेगा। अगला ठोस क़दम ट्रंप और पुतिन के बीच प्रस्तावित फ़ोन वार्ता हो सकती है, जिसके बाद संभवतः अमेरिकी वार्ताकारों की मॉस्को यात्रा पर चर्चा आगे बढ़ेगी।
| रूसी और सीआईएस प्रेस | +0.50 | aligned |
|---|---|---|
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −0.40 | critical |
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.20 | neutral |
Russia projects Trump's words as proof of its own readiness for a deal, ignoring parallel threats.
Only Trump's statements that confirm the Russian narrative are selected, while Moscow's warnings are omitted to maintain an optimistic tone.
The Moscow warning that NATO troops would be targets is omitted, which is present in Atlantic bloc materials.
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The contrast between the 24-hour campaign promise and the current multi-year horizon is used to undermine Trump's credibility.
The Moscow warning about NATO troops is omitted, as is any positive context about Russian readiness.
Latin America counterposes facts to Trump's optimism, without taking sides.
Trump's statements are juxtaposed with concrete data (ongoing attacks, signs of escalation) to create a critical balancing effect.
The Moscow warning about NATO troops is omitted, as are positive Russian reactions.
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