
खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच ईरान में सत्ता-शून्यता और अमेरिका से बढ़ता तनाव
सर्वोच्च नेता के निधन के बाद क्षेत्रीय बंद, नागरिक असंतोष और ट्रंप की धमकियों पर तीखी प्रतिक्रिया ने शासन की चुनौतियों को उजागर किया।
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार के दौरान कई प्रांतों में सरकारी अवकाश घोषित किया गया, जबकि तेहरान के मुसल्ला में आयोजित समारोह में अपेक्षाकृत कम उपस्थिति दर्ज की गई। सरकारी सूत्रों ने इसे 'शक्ति और लोकप्रियता का प्रदर्शन' बताया, लेकिन ईरान इंटरनेशनल से जुड़े नागरिकों के अनुसार व्यापक लामबंदी, मुफ्त परिवहन और अनिवार्य अवकाश के बावजूद निर्धारित स्थान पूरी तरह नहीं भर पाया। इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि या तो तेहरान के साथ समझौता होगा या 'काम खत्म' कर दिया जाएगा, जिसके जवाब में ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बाकर जोल्कद्र ने ट्रंप को 'सम्मान से बात करने' की चेतावनी दी, अन्यथा 'दूसरी भाषा में जवाब' देने की धमकी दी।
विपक्षी नेता रजा पहलवी ने नीदरलैंड की संसद में कहा कि जब तक इस्लामी गणराज्य सत्ता में है, खतरे बने रहेंगे और कोई समझौता समस्या का समाधान नहीं करेगा। उन्होंने यूरोपीय देशों से शासन को वैधता न देने का आग्रह करते हुए एक धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक ईरान को यूरोप का रणनीतिक साझेदार बनने की संभावना जताई। वहीं, ईरानी नागरिकों की प्रतिक्रियाओं में अंतिम संस्कार के खर्च पर गहरा असंतोष झलका, जो ऐसे समय में किया गया जब युद्ध के बाद लोगों की क्रय शक्ति तेजी से घटी है और कई परिवारों के लिए मांस-प्रोटीन जैसी बुनियादी जरूरतें भी दुर्लभ हो गई हैं।
सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों के अनुसार, खामेनेई का जाना केवल एक राजनीतिक नेता का निधन नहीं है, बल्कि सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ और सभी सुरक्षा संस्थानों के मुख्य समन्वयक का अंत है। उनके चार दशक लंबे कार्यकाल में मिसाइल कार्यक्रम, क्षेत्रीय अर्धसैनिक गतिविधियां और सैन्य उद्देश्यों वाला परमाणु कार्यक्रम प्राथमिकता रहे, जिन पर प्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों अरब डॉलर खर्च हुए। सरकारी आकलन बताते हैं कि इन कार्यक्रमों की अप्रत्यक्ष लागत कई हजार अरब डॉलर रही, लेकिन इससे न तो ऊर्जा विकास हुआ और न ही बाहरी हमले रोके जा सके—खुद खामेनेई दूसरे युद्ध के पहले ही दिन मारे गए।
अंतिम संस्कार के दौरान जारी वीडियो में ट्रंप का प्रतीकात्मक पथराव दिखाया गया, जबकि सरकारी मीडिया ने अगले सप्ताह संभावित वार्ता की पुष्टि की है। नागरिकों ने इस विरोधाभास को विदेश नीति की दोहरी रणनीति बताया—घरेलू स्तर पर कठोर नारे, लेकिन व्यवहार में समझौते की मजबूरी। सत्ता के उत्तराधिकार को लेकर मौजूदा अनिश्चितता के बीच, सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई या अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के लिए अल्पावधि में इस शून्य को भरना संभव नहीं होगा। अमेरिकी प्रशासन ने अभी तक किसी ठोस कूटनीतिक पहल की घोषणा नहीं की है, जबकि तेहरान में सत्ता का अगला कदम आने वाले सप्ताहों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.70 | critical |
|---|---|---|
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | +0.60 | aligned |
| रूसी और सीआईएस प्रेस | 0.00 | neutral |
ईरानी विपक्ष सत्ता-शून्यता की निंदा करता है और एक धर्मनिरपेक्ष ईरान की मांग करता है, चेतावनी देता है कि जब तक शासन बना रहेगा खतरा बना रहेगा।
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