
80वें जन्मदिन पर ट्रंप से पुतिन और ज़ेलेंस्की की बातचीत: यूक्रेन शांति और ईरान समझौते पर चर्चा
डोनाल्ड ट्रंप के 80वें जन्मदिन पर रूसी और यूक्रेनी राष्ट्रपतियों ने अलग-अलग फोन कर युद्धविराम, जी7 शिखर सम्मेलन और अमेरिका-ईरान वार्ता जैसे मुद्दों पर बात की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 80वें जन्मदिन पर कूटनीति ने निजी अवसर को वैश्विक कूटनीति के मंच में बदल दिया। रविवार को पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और फिर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने ट्रंप से दूरभाष पर बात की। क्रेमलिन के अनुसार पुतिन की बातचीत 55 मिनट तक चली और इसे ‘मैत्रीपूर्ण व स्पष्टवादी’ बताया गया, जबकि ज़ेलेंस्की की बातचीत लगभग 30-35 मिनट की रही। दोनों नेताओं ने जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते और आगामी जी7 शिखर सम्मेलन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की।
रूसी पक्ष ने इस संवाद को विशेष रूप से सौहार्दपूर्ण बताया। पुतिन ने ट्रंप को ‘प्रिय डोनाल्ड’ कहकर संबोधित किया और उन्हें ‘असाधारण व्यक्ति व राजनेता’ बताते हुए उनके ‘लड़ाकू गुणों’ और मुश्किलों को पार करने की क्षमता की सराहना की। ट्रंप इससे भावुक हुए और उन्होंने कहा कि पुतिन विदेशी नेताओं में सबसे पहले फोन करने वाले थे। क्रेमलिन के सहायक यूरी उशाकोव ने बताया कि बातचीत में यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, साथ ही ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगियों और कीव को प्रभावित करने की तत्परता जताई। पुतिन ने रूसी नागरिक ठिकानों पर हमलों को समझौते की राह में बाधा बताया। इसके अलावा, दोनों ने अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन पर चर्चा की और इस बात पर सहमति बनी कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर जल्द ही मास्को का दौरा करेंगे।
यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय ने ज़ेलेंस्की की बातचीत को ‘काफी सारगर्भित’ बताया। ज़ेलेंस्की ने ट्रंप को युद्ध के मैदान की ताज़ा स्थिति से अवगत कराया और यूक्रेनी स्थिति की मजबूती पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दोनों ने ‘ऐसे मुद्दों पर चर्चा की जो अभी शांति लाने में मदद कर सकते हैं’ और फ्रांस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान विस्तृत बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी। ज़ेलेंस्की ने जैवलिन से लेकर पैट्रियट मिसाइल प्रणालियों तक अमेरिकी सहायता के लिए आभार भी जताया। यह कॉल ऐसे समय हुई जब अमेरिकी नेतृत्व वाली शांति वार्ता ईरान संकट के कारण पृष्ठभूमि में चली गई थी, लेकिन रूसी सैन्य प्रगति की गति धीमी पड़ने के संकेत मिल रहे थे।
विभिन्न भौगोलिक दृष्टिकोणों से इस कूटनीतिक दिन की अलग-अलग व्याख्याएँ सामने आईं। मास्को ने इसे व्यक्तिगत संबंधों की गहराई और ईरान समझौते में प्रगति के संकेत के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि कीव ने शांति पहल और जी7 में सीधी बातचीत की संभावना पर जोर दिया। पश्चिमी मीडिया ने दोनों कॉल्स को कवर किया, लेकिन व्हाइट हाउस ने रूसी दावों पर चुप्पी साधे रखी, विशेषकर नागरिक ठिकानों पर हमलों वाले बयान पर। यह सतर्कता दर्शाती है कि वाशिंगटन किसी एक पक्ष के आख्यान को पूरी तरह अपनाने से बच रहा है। जी7 शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर हुई इन वार्ताओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि ट्रंप प्रशासन यूक्रेन संकट के समाधान के लिए मास्को और कीव दोनों से सीधे संवाद बनाए रखना चाहता है। आने वाले दिनों में विटकॉफ और कुशनर की मास्को यात्रा तथा जी7 में ट्रंप-ज़ेलेंस्की मुलाकात इस बहुआयामी कूटनीति की अगली कड़ियाँ होंगी, जिन पर वैश्विक निगाहें टिकी रहेंगी।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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पुतिन ने ट्रंप को उनके 80वें जन्मदिन पर फोन किया, गर्मजोशी और व्यक्तिगत लहजे में 'प्रिय डोनाल्ड' कहा। 55 मिनट की बातचीत में यूक्रेन, ईरान और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई, और ट्रंप कथित तौर पर संदेश से प्रभावित हुए। क्रेमलिन इस कॉल को एक कूटनीतिक जीत के रूप में पेश करता है, जो वैश्विक समीकरण बदल सकने वाले विशेष रिश्ते को मजबूत करती है।
पुतिन ट्रंप के जन्मदिन पर फोन करने वाले पहले विदेशी नेता थे, यह इशारा मॉस्को और वाशिंगटन के बीच निकटता को रेखांकित करता है। मैत्रीपूर्ण और स्पष्ट बातचीत में यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-ईरान समझौते पर चर्चा हुई। तेहरान इस कॉल को शांति और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक रचनात्मक कदम के रूप में देखता है।
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