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Defense & Securityबुधवार, 17 जून 2026

अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालत में किया खुलासा: ईरान पर हमलों में इस्तेमाल हुआ एलन मस्क का AI ग्रोक

पर्यावरण मुकदमे के बचाव में पेंटागन ने स्वीकारा कि प्रोजेक्ट मेवन के तहत ग्रोक ने 96 घंटों में 2,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले में मदद की।

अमेरिकी न्याय विभाग ने एक पर्यावरणीय मुकदमे में हस्तक्षेप करते हुए जो कानूनी दलील दी, उसने एक गोपनीय सैन्य अभियान को सार्वजनिक कर दिया: एलन मस्क की कंपनी xAI का चैटबॉट ग्रोक ईरान के विरुद्ध हमलों में इस्तेमाल किया गया। पेंटागन के कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रमुख कैमरन स्टैनली ने शपथ-पत्र में बताया कि ‘प्रोजेक्ट मेवन’ के तहत ग्रोक ने महज 96 घंटों में 2,000 से अधिक लक्ष्यों पर 2,000 मिसाइलें दागने में मदद की। यह खुलासा तब हुआ जब न्याय विभाग ने मिसिसिपी स्थित xAI के विशाल डेटा सेंटर को चलाने वाली गैस टर्बाइनों के खिलाफ NAACP और स्थानीय समूहों की याचिका को खारिज करने की मांग की। याचिका में आरोप है कि बिना अनुमति के संचालित ये टर्बाइनें स्कूलों और चर्चों के निकट जहरीला प्रदूषण फैला रही हैं, जिससे अश्वेत समुदायों का स्वास्थ्य खतरे में है।

इस मामले ने तीन महाद्वीपों पर अलग-अलग संवेदनाएं उजागर की हैं। अमेरिकी मीडिया ने इसे नागरिक अधिकारों और स्वच्छ वायु कानून के उल्लंघन के रूप में देखा, जबकि जर्मन और इतालवी सूत्रों ने मस्क की सरकारी पहुंच और युद्ध में निजी AI की भूमिका पर प्रकाश डाला। ईरानी समाचार आउटलेट ‘हमशहरी ऑनलाइन’ ने ‘एपिक फ्यूरी’ नामक इस ऑपरेशन के पहले दिन मिनाब के एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले का जिक्र किया, जिसमें 168 छात्र मारे गए और अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की कि लक्ष्य का चयन AI द्वारा किया गया था। लेबनानी अखबार ‘अन-नहर’ ने भी पेंटागन की स्वीकारोक्ति को प्रमुखता से छापा। भारतीय पाठकों के लिए यह प्रकरण दोहरी चिंता लेकर आया है—एक ओर अमेरिकी न्याय विभाग का रुख दर्शाता है कि सैन्य AI की जरूरतें पर्यावरणीय न्याय पर भारी पड़ सकती हैं, दूसरी ओर यह साबित होता है कि युद्ध में स्वचालित निर्णय-प्रणालियां कितनी तेजी से नागरिक क्षति पहुंचा सकती हैं।

न्याय विभाग की दलील में स्पष्ट कहा गया कि यह मुकदमा ‘अमेरिकी राष्ट्रीय, आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा’ के लिए खतरा है, क्योंकि इससे उस AI ढांचे की बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है जिस पर युद्ध विभाग निर्भर है। गौरतलब है कि प्रोजेक्ट मेवन पहले एंथ्रोपिक के क्लॉड मॉडल पर चलता था, लेकिन अब इसमें ग्रोक का सरकारी संस्करण ‘ग्रोक गवर्नमेंट मॉडल’ शामिल कर लिया गया है। यह बदलाव मस्क की ट्रंप प्रशासन से निकटता के बीच हुआ, जिसने पूर्व में अलगाव के बाद अचानक उनकी वापसी को स्पष्ट किया है।

यह घटनाक्रम वैश्विक AI अभिशासन के लिए एक चेतावनी है। निजी कंपनियों के चैटबॉट अब सीधे सैन्य लक्ष्यीकरण में शामिल हो रहे हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। दक्षिण एशिया के लिए, जहां भारत और पाकिस्तान परमाणु शक्तियां हैं और चीन के साथ सीमा तनाव बना रहता है, AI-संचालित हमलों का यह मॉडल खतरनाक मिसाल बन सकता है। भारत स्वयं तेजी से AI क्षमताएं विकसित कर रहा है और उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी सैन्य आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में मानवीय नियंत्रण और नैतिक सीमाएं कमजोर न पड़ें।

अंततः, मिसिसिपी का पर्यावरणीय मुकदमा महज एक स्थानीय विवाद नहीं रह गया है—इसने AI युग के तीन अंतर्विरोधों को एक साथ बांध दिया है: असमान प्रदूषण का बोझ उठाते अश्वेत समुदाय, कॉरपोरेट और सैन्य शक्ति का विलय, और युद्ध में मशीनों को सौंपा जा रहा घातक निर्णय। आने वाले वर्षों में यह मामला नीति-निर्माताओं को यह सोचने पर मजबूर करेगा कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर AI के बुनियादी ढांचे को पर्यावरणीय कानूनों से छूट देना न्यायसंगत है, और क्या बिना अंतरराष्ट्रीय संधियों के ऐसे हथियारों का प्रसार रोका जा सकता है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 7 भाषाएँ

61%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa europea continentaleStampa atlantica / anglosfera
Stampa europea continentale/ mediterranea
indignazioneallarmescetticismo

An environmental lawsuit accidentally exposed a state secret: Elon Musk's Grok AI has been used by the Pentagon to identify targets in strikes against Iran. The disclosure came as the US government defended xAI's gas turbines, arguing the suit threatens national security. Musk's renewed closeness to Trump now takes on a different meaning.

Stampa atlantica / anglosfera/ sicurezza
pragmatismodistacco

The Trump administration is stepping in to shield Musk's xAI from a pollution lawsuit, arguing the data center is vital for AI innovation that supports military operations. Meanwhile, Musk could team up with Ukraine to shoot down Iranian drones, turning the threat back on Tehran. The offensive use of Grok is downplayed in favor of a security and defense narrative.

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बुधवार, 17 जून 2026

अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालत में किया खुलासा: ईरान पर हमलों में इस्तेमाल हुआ एलन मस्क का AI ग्रोक

पर्यावरण मुकदमे के बचाव में पेंटागन ने स्वीकारा कि प्रोजेक्ट मेवन के तहत ग्रोक ने 96 घंटों में 2,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले में मदद की।

अमेरिकी न्याय विभाग ने एक पर्यावरणीय मुकदमे में हस्तक्षेप करते हुए जो कानूनी दलील दी, उसने एक गोपनीय सैन्य अभियान को सार्वजनिक कर दिया: एलन मस्क की कंपनी xAI का चैटबॉट ग्रोक ईरान के विरुद्ध हमलों में इस्तेमाल किया गया। पेंटागन के कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रमुख कैमरन स्टैनली ने शपथ-पत्र में बताया कि ‘प्रोजेक्ट मेवन’ के तहत ग्रोक ने महज 96 घंटों में 2,000 से अधिक लक्ष्यों पर 2,000 मिसाइलें दागने में मदद की। यह खुलासा तब हुआ जब न्याय विभाग ने मिसिसिपी स्थित xAI के विशाल डेटा सेंटर को चलाने वाली गैस टर्बाइनों के खिलाफ NAACP और स्थानीय समूहों की याचिका को खारिज करने की मांग की। याचिका में आरोप है कि बिना अनुमति के संचालित ये टर्बाइनें स्कूलों और चर्चों के निकट जहरीला प्रदूषण फैला रही हैं, जिससे अश्वेत समुदायों का स्वास्थ्य खतरे में है।

इस मामले ने तीन महाद्वीपों पर अलग-अलग संवेदनाएं उजागर की हैं। अमेरिकी मीडिया ने इसे नागरिक अधिकारों और स्वच्छ वायु कानून के उल्लंघन के रूप में देखा, जबकि जर्मन और इतालवी सूत्रों ने मस्क की सरकारी पहुंच और युद्ध में निजी AI की भूमिका पर प्रकाश डाला। ईरानी समाचार आउटलेट ‘हमशहरी ऑनलाइन’ ने ‘एपिक फ्यूरी’ नामक इस ऑपरेशन के पहले दिन मिनाब के एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले का जिक्र किया, जिसमें 168 छात्र मारे गए और अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की कि लक्ष्य का चयन AI द्वारा किया गया था। लेबनानी अखबार ‘अन-नहर’ ने भी पेंटागन की स्वीकारोक्ति को प्रमुखता से छापा। भारतीय पाठकों के लिए यह प्रकरण दोहरी चिंता लेकर आया है—एक ओर अमेरिकी न्याय विभाग का रुख दर्शाता है कि सैन्य AI की जरूरतें पर्यावरणीय न्याय पर भारी पड़ सकती हैं, दूसरी ओर यह साबित होता है कि युद्ध में स्वचालित निर्णय-प्रणालियां कितनी तेजी से नागरिक क्षति पहुंचा सकती हैं।

न्याय विभाग की दलील में स्पष्ट कहा गया कि यह मुकदमा ‘अमेरिकी राष्ट्रीय, आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा’ के लिए खतरा है, क्योंकि इससे उस AI ढांचे की बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है जिस पर युद्ध विभाग निर्भर है। गौरतलब है कि प्रोजेक्ट मेवन पहले एंथ्रोपिक के क्लॉड मॉडल पर चलता था, लेकिन अब इसमें ग्रोक का सरकारी संस्करण ‘ग्रोक गवर्नमेंट मॉडल’ शामिल कर लिया गया है। यह बदलाव मस्क की ट्रंप प्रशासन से निकटता के बीच हुआ, जिसने पूर्व में अलगाव के बाद अचानक उनकी वापसी को स्पष्ट किया है।

यह घटनाक्रम वैश्विक AI अभिशासन के लिए एक चेतावनी है। निजी कंपनियों के चैटबॉट अब सीधे सैन्य लक्ष्यीकरण में शामिल हो रहे हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। दक्षिण एशिया के लिए, जहां भारत और पाकिस्तान परमाणु शक्तियां हैं और चीन के साथ सीमा तनाव बना रहता है, AI-संचालित हमलों का यह मॉडल खतरनाक मिसाल बन सकता है। भारत स्वयं तेजी से AI क्षमताएं विकसित कर रहा है और उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी सैन्य आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में मानवीय नियंत्रण और नैतिक सीमाएं कमजोर न पड़ें।

अंततः, मिसिसिपी का पर्यावरणीय मुकदमा महज एक स्थानीय विवाद नहीं रह गया है—इसने AI युग के तीन अंतर्विरोधों को एक साथ बांध दिया है: असमान प्रदूषण का बोझ उठाते अश्वेत समुदाय, कॉरपोरेट और सैन्य शक्ति का विलय, और युद्ध में मशीनों को सौंपा जा रहा घातक निर्णय। आने वाले वर्षों में यह मामला नीति-निर्माताओं को यह सोचने पर मजबूर करेगा कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर AI के बुनियादी ढांचे को पर्यावरणीय कानूनों से छूट देना न्यायसंगत है, और क्या बिना अंतरराष्ट्रीय संधियों के ऐसे हथियारों का प्रसार रोका जा सकता है।

स्रोतों में मतभेद

Defense & Security · 13 स्रोत · 7 भाषाएँ

61%उच्च

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

समर्थक33%
न्यूनत्र17%
निंदक50%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

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लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa europea continentaleStampa atlantica / anglosfera
Stampa europea continentale/ mediterranea
indignazioneallarmescetticismo

An environmental lawsuit accidentally exposed a state secret: Elon Musk's Grok AI has been used by the Pentagon to identify targets in strikes against Iran. The disclosure came as the US government defended xAI's gas turbines, arguing the suit threatens national security. Musk's renewed closeness to Trump now takes on a different meaning.

Stampa atlantica / anglosfera/ sicurezza
pragmatismodistacco

The Trump administration is stepping in to shield Musk's xAI from a pollution lawsuit, arguing the data center is vital for AI innovation that supports military operations. Meanwhile, Musk could team up with Ukraine to shoot down Iranian drones, turning the threat back on Tehran. The offensive use of Grok is downplayed in favor of a security and defense narrative.

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