
व्हाइट हाउस UFC इवेंट पर ड्रोन-स्नाइपर हमले की साजिश नाकाम, पांच गिरफ्तार
एफबीआई ने ट्रंप के 80वें जन्मदिन पर आयोजित मार्शल आर्ट्स गाला को निशाना बनाने वाली बहु-चरणीय आतंकी योजना को विफल कर दिया, जिसमें विस्फोटक ड्रोन और शार्पशूटर शामिल थे।
अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने मंगलवार को खुलासा किया कि उसने व्हाइट हाउस के लॉन में रविवार को आयोजित ‘यूएफसी फ्रीडम 250’ इवेंट पर एक जटिल आतंकी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। यह आयोजन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 80वें जन्मदिन और अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ का जश्न था, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, मेटा के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया पर बताया कि 10 जून को खुफिया एजेंसियों को इस साजिश की भनक लगी, जिसके बाद कई राज्यों में एक साथ ऑपरेशन चलाकर पांच संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया और कम से कम 23 लोगों की पहचान संभावित नेटवर्क के रूप में की गई।
अदालती दस्तावेजों और जांच सूत्रों के अनुसार, योजना बेहद सुनियोजित थी: पहले चरण में विस्फोटकों से लैस छोटे ड्रोन व्हाइट हाउस के आसपास की इमारतों पर हमला करते, जिससे अफरा-तफरी मचती और भीड़ को एक पूर्व-निर्धारित दिशा में भागने पर मजबूर होना पड़ता। वहां पहले से तैनात स्नाइपरों की एक टीम ‘हाई-वैल्यू टारगेट’ यानी राजनेताओं, अरबपतियों और वरिष्ठ अधिकारियों पर गोलियां चलाती। दूसरी लहर में हमलावर व्हाइट हाउस के गेट पर धावा बोलते। ओहायो के 19 वर्षीय टाइसन प्रॉपर की मां ने उसके हथियार खरीदने और ऑनलाइन चरमपंथी समूह से जुड़ने की सूचना पुलिस को दी, जिससे जांच शुरू हुई। समूह ‘एपस्टीन फाइल्स’ से नाराजगी, सरकारी भ्रष्टाचार और डेटा सेंटरों द्वारा सामुदायिक जल संसाधनों के दोहन जैसे मुद्दों पर भड़का हुआ था और ‘पूंजीवादी अभिजात्य’ को निशाना बनाना चाहता था।
इस मामले ने अमेरिकी राजनीति में हिंसक बयानबाजी पर बहस छेड़ दी। उपराष्ट्रपति वेंस ने फॉक्स न्यूज़ पर कहा कि डेमोक्रेट्स की ‘राजनीतिक बयानबाजी’ ऐसी हिंसा को हवा दे रही है और सभी को सुर नीचे करने की ज़रूरत है। वहीं, एमएसएनबीसी के सूत्रों के अनुसार, सीक्रेट सर्विस इस बात से नाराज़ थी कि पटेल ने मामला सीलबंद रहने और कुछ संदिग्धों की गिरफ्तारी बाकी होने के बावजूद समय से पहले सार्वजनिक घोषणा कर दी। यूरोपीय मीडिया ने इस घटना को ट्रंप पर तीसरे संभावित हमले के रूप में देखा—अप्रैल में व्हाइट हाउस चेकपॉइंट पर गोलीबारी और मई में हिल्टन होटल में राष्ट्रपति की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में हमले के बाद। मध्य-पूर्व की रिपोर्टिंग में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि साजिशकर्ताओं ने AIPAC से चंदा पाने वाले राजनेताओं को निशाना बनाने की बात कही थी, जो क्षेत्रीय राजनीति से एक अप्रत्यक्ष कड़ी जोड़ता है।
वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के लिए इस घटना के दूरगामी संकेत हैं। व्हाइट हाउस वर्ल्ड कप टास्क फोर्स के प्रमुख एंड्रयू गिउलियानी ने एबीसी न्यूज़ को बताया कि अमेरिका में होने वाले सभी 78 फीफा वर्ल्ड कप मैचों में अब काउंटर-ड्रोन तकनीक तैनात की जाएगी। दक्षिण एशिया के संदर्भ में, यह घटनाक्रम भारत जैसे देशों के लिए भी प्रासंगिक है, जहाँ सीमापार से ड्रोन के ज़रिए हथियार और विस्फोटक भेजे जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन आतंकवाद का यह नया मॉडल बड़े आयोजनों की सुरक्षा रणनीति में आमूल-चूल बदलाव की मांग करता है।
हालांकि ट्रंप ने G7 शिखर सम्मेलन में कहा कि उन्होंने इस साजिश के बारे में कुछ नहीं सुना था, लेकिन एफबीआई की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी त्रासदी टाल दी। जांच अभी जारी है और अधिकारियों को संदेह है कि नेटवर्क के तार कहीं और भी फैले हो सकते हैं। यह मामला दिखाता है कि कैसे ऑनलाइन कट्टरता, घरेलू शिकायतों और उन्नत तकनीक का घातक संयोजन आधुनिक सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक नई चुनौती पेश कर रहा है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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एफबीआई ने ट्रम्प के जन्मदिन पर व्हाइट हाउस UFC कार्यक्रम को निशाना बनाने वाली विस्फोटक ड्रोन और स्नाइपर्स से जुड़ी एक जटिल बहु-चरणीय आतंकी साजिश को वीरतापूर्वक विफल कर दिया। कानून प्रवर्तन की त्वरित कार्रवाई ने राष्ट्रपति और सैकड़ों मेहमानों को नरसंहार से बचा लिया। 23 लोगों के नेटवर्क का हिस्सा साजिशकर्ताओं को बहु-राज्यीय ऑपरेशन में गिरफ्तार किया गया।
विफल हमला केवल इस बात को रेखांकित करता है कि ट्रम्प ने अपने 80वें जन्मदिन के लिए व्हाइट हाउस को एक हिंसक MMA तमाशे के लिए वेगास-शैली के अखाड़े में बदल दिया, यह कितना बेतुका है। इस आयोजन की भद्दे और व्यावसायिक रूप में आलोचना की गई, और यह सर्कस-शैली की लोकलुभावनवाद की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जो राष्ट्रपति पद को गिराती है। सुरक्षा खतरा लगभग ऐसी लापरवाह आत्म-भोग का अपरिहार्य परिणाम लगता है।
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