
व्हाइट हाउस UFC में मिशेल ओबामा पर टिप्पणी से विवाद, ट्रंप की चुप्पी पर सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 80वें जन्मदिन पर आयोजित UFC कार्यक्रम में एक फाइटर द्वारा पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा को 'पुरुष' कहे जाने के बाद वैश्विक आलोचना हुई और ट्रंप की मौन प्रतिक्रिया ने राजनीतिक बहस छेड़ दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 80वें जन्मदिन के अवसर पर व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में आयोजित UFC फ्रीडम 250 इवेंट के दौरान एक विवादित टिप्पणी ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी। हेवीवेट फाइटर जोश होकिट ने डेरिक लुईस को हराने के बाद पॉडकास्टर जो रोगन के साथ पोस्ट-फाइट इंटरव्यू में अचानक कहा, 'मिशेल ओबामा एक पुरुष हैं। क्या मैं सही हूं, अमेरिका?' इस षड्यंत्र सिद्धांत पर आधारित टिप्पणी पर वहां मौजूद भीड़ की मिली-जुली प्रतिक्रिया रही—कुछ हंसे, कुछ असहज दिखे—जबकि स्वयं ट्रंप ने एक हल्की मुस्कान के साथ इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
UFC के अध्यक्ष डाना व्हाइट ने तुरंत इस बयान की निंदा करते हुए इसे 'घृणित बकवास' बताया और कहा कि यह झूठ है। कार्यक्रम में मौजूद कॉमेडियन शेन गिलिस ने भी संवाददाताओं से कहा कि उन्हें यह टिप्पणी पसंद नहीं आई। अमेरिकी टीवी शो 'द व्यू' की सह-होस्ट सनी होस्टिन ने ट्रंप की चुप्पी पर निशाना साधते हुए इसे 'राष्ट्रपति पद की गरिमा के नीचे' बताया। लैटिन अमेरिकी मीडिया ने इस घटना को ट्रांसफोबिक दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा करार दिया, जिसे 'ट्रांसवेस्टिगेशन' कहा जाता है और जो प्रमुख महिलाओं को ट्रांसजेंडर बताकर उनकी विश्वसनीयता घटाने की कोशिश करता है।
यह विवाद महज एक अभद्र टिप्पणी से कहीं अधिक गहरे राजनीतिक संकेत देता है। व्हाइट हाउस जैसे प्रतिष्ठित स्थान पर एक रक्तरंजित लड़ाई के बाद इस तरह की टिप्पणी का आना और राष्ट्रपति का मौन रहना, सत्ता के शीर्ष पर बढ़ती असंवेदनशीलता को दर्शाता है। यूरोपीय और ब्राज़ीलियाई मीडिया ने भी इस पर चिंता जताई, जबकि व्हाइट हाउस ने अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह चुप्पी कई लोगों के लिए अप्रत्यक्ष समर्थन का संकेत बन गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं अमेरिकी राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा सकती हैं और मनोरंजन व खेल आयोजनों के राजनीतिक इस्तेमाल के खतरों को उजागर करती हैं। दक्षिण एशिया जैसे क्षेत्रों में, जहां राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ षड्यंत्र सिद्धांत आम हैं, यह प्रकरण एक चेतावनी है कि कैसे सार्वजनिक मंचों से फैलाया गया दुष्प्रचार सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या ट्रंप प्रशासन इस पर कोई स्पष्ट रुख अपनाता है या चुप्पी का सिलसिला जारी रहता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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एक अमेरिकी योद्धा ने अपनी जीत के तुरंत बाद मिशेल ओबामा पर अभद्र टिप्पणी की, जबकि पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप दर्शकों में मौजूद थे। इस घटना ने राजनीतिक तमाशे के गिरते स्तर और हाई-प्रोफाइल आयोजनों में स्त्रीद्वेष के सामान्यीकरण पर बहस छेड़ दी है।
यूरोपीय नज़रिए से, व्हाइट हाउस में UFC मुकाबले के दौरान मिशेल ओबामा पर की गई अभद्र टिप्पणी एक दूरस्थ अमेरिकी अतिवाद का प्रकरण लगती है, जो राजनीति, सेलिब्रिटी और युद्ध खेलों को मिला देता है। इसे तत्काल प्रभाव से ज़्यादा संयुक्त राज्य में सार्वजनिक जीवन के भोंडेपन के प्रतीक के रूप में व्यंग्यात्मक नज़रिए से देखा जाता है।
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