
जिनेवा में G7 विरोधी प्रदर्शन हिंसक: टेस्ला जली, UN कार्यालय पर हमला
एवियां G7 शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर जिनेवा में 20,000 प्रदर्शनकारियों के मार्च में ब्लैक ब्लॉक ने टेस्ला जलाई और UN दफ्तर तोड़े, पुलिस ने आंसू गैस दागी।
जिनेवा की सड़कों पर रविवार को उस समय हिंसा भड़क उठी जब फ्रांस के एवियां शहर में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन के विरोध में निकला मार्च उग्र हो गया। पुलिस के अनुसार, करीब 600 ब्लैक ब्लॉक उग्रवादियों ने भीड़ में घुसकर पूंजीवाद और बहुपक्षीय संस्थानों के प्रतीकों को निशाना बनाया। प्रदर्शनकारियों ने एक खड़ी टेस्ला कार में आग लगा दी, एक बैंक और संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी की खिड़कियाँ तोड़ डालीं, और फर्श से पत्थर उखाड़कर पुलिस पर फेंके। सुरक्षा बलों ने जवाब में आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर स्थिति को नियंत्रित किया।
यह मार्च 'नो G7' गठबंधन ने आयोजित किया था, जिसमें साठ से अधिक संगठन, यूनियनें और अंतरराष्ट्रीय वामपंथी समूह शामिल हुए। शुरुआत शांतिपूर्ण रही और लगभग 20,000 लोग साम्राज्यवाद, जलवायु परिवर्तन, पूंजीवाद और फासीवाद के खिलाफ नारे लगाते हुए चले। प्रदर्शन में फिलिस्तीन समर्थक, नारीवादी, कुर्द समर्थक और पर्यावरणवादी आवाजें भी प्रमुखता से सुनाई दीं। लेकिन जैसे-जैसे मार्च आगे बढ़ा, काले कपड़े पहने मुखौटाधारी युवकों ने हिंसा का रुख अपनाया। इतालवी विश्लेषकों ने इस घटनाक्रम को 2001 के जेनोवा G8 विरोधी दंगों की याद दिलाने वाला बताया, जहाँ शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच उग्रवाद भड़का था।
G7 नेताओं का यह सम्मेलन 15 से 17 जून तक एवियां-ले-बे में आयोजित है, जिसमें यूक्रेन और मध्य पूर्व के युद्धों, ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी है। भारतीय मीडिया की निगाहें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के आगमन पर भी लगी हैं, जिनकी उपस्थिति को लेकर अतिरिक्त सुरक्षा घेरा बनाया गया है। रूसी स्रोतों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने G7 को राजनीतिक और आर्थिक सत्ता का केंद्रीकरण बताते हुए इसके खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। शहर के मध्य इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है और स्थानीय लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा है।
यह हिंसा एक बार फिर उजागर करती है कि वैश्वीकरण और बहुपक्षवाद के प्रतीक मंचों के खिलाफ बढ़ता असंतोष सड़कों पर किस तरह फूट रहा है। दक्षिण एशिया के संदर्भ में, ऐसे प्रदर्शन वैश्विक आर्थिक असमानता को लेकर बढ़ती चिंता का ही विस्तार हैं, हालाँकि G7 में भारत जैसे उभरती अर्थव्यवस्थाओं की अनुपस्थिति भी असंतोष का एक कारण रही है। आने वाले दिनों में जिनेवा में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त होगी और सम्मेलन के परिणाम इस अशांति की पृष्ठभूमि में वैश्विक नेतृत्व की चुनौतियों को रेखांकित करेंगे।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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जी7 शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर जिनेवा में 20,000 प्रदर्शनकारियों का विरोध हिंसक हो गया, काले कपड़े वाले उग्रवादियों ने पूंजीवाद के चिह्नों को निशाना बनाकर यूएन की खिड़कियां तोड़ीं और टेस्ला कार में आग लगा दी, जिससे जेनोआ 2001 की हिंसा की याद ताज़ा हो गई। पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और शहर को सील कर दिया।
जिनेवा पुलिस ने G7 शिखर सम्मेलन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हजारों लोगों पर आंसू गैस छोड़ी। प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंके, संयुक्त राष्ट्र कार्यालय की खिड़कियां तोड़ीं और एक टेस्ला कार में आग लगा दी, जिसके बाद गिरफ्तारियाँ हुईं।
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