
G7 में ट्रंप का मेक्सिको पर तीखा हमला: 'कार्टेल चला रहे हैं देश, राष्ट्रपति भयभीत'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि मेक्सिको पर ड्रग कार्टेल का शासन है और राष्ट्रपति शीनबाम 'बहुत डरी हुई' हैं।
फ्रांस के एवियां-ले-बैं में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेक्सिको की संप्रभुता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां ड्रग कार्टेल सरकार चला रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि समुद्री मार्ग से मादक पदार्थों की तस्करी में 97 प्रतिशत और जमीनी रास्ते से 60 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है, लेकिन मेक्सिको ने अपने क्षेत्र पर नियंत्रण खो दिया है। उन्होंने मैक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम को 'एक अच्छी महिला, लेकिन बहुत डरी हुई' बताया। यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिकी सेना सितंबर 2025 से कैरिबियाई सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में संदिग्ध तस्कर जहाजों पर हमले कर रही है।
मेक्सिको की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया आई। सत्तारूढ़ मोरेना पार्टी के वरिष्ठ सांसद रिकार्डो मोनरियल ने ट्रंप के आकलन को 'वास्तविकता से बहुत दूर' करार दिया और कहा कि शीनबाम ने सुरक्षा और शासन के मोर्चे पर दृढ़ता, चरित्र और संप्रभुतापूर्ण रुख का परिचय दिया है। मैक्सिकन सरकार पहले भी इस तरह के आरोपों को खारिज कर चुकी है, लेकिन ट्रंप के ताजा बयान ने द्विपक्षीय तनाव को और गहरा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का यह रुख आगामी व्यापार वार्ताओं और सीमा सुरक्षा सहयोग पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
G7 नेताओं ने सम्मेलन में एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर मादक पदार्थों की तस्करी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ता खतरा बताया और समुद्री एवं बंदरगाह सुरक्षा को मजबूत करने का संकल्प लिया। समूह ने भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े अवैध वित्तीय प्रवाह पर अंकुश लगाने की भी बात कही। यह सामूहिक प्रतिबद्धता दर्शाती है कि ड्रग कार्टेल केवल मेक्सिको या अमेरिका की समस्या नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय चुनौती है जिसमें मानव तस्करी और सीमापार अपराध भी शामिल हैं।
दक्षिण एशिया के लिए यह घटनाक्रम कई सबक लेकर आता है। भारत स्वयं अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र से हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी से जूझ रहा है, और हिंद महासागर में समुद्री मार्गों की निगरानी एक प्राथमिकता बन चुकी है। G7 का समुद्री सुरक्षा पर जोर भारत जैसे तटीय देशों के लिए वैश्विक सहयोग के नए अवसर खोल सकता है। हालांकि, ट्रंप का एकतरफा बयान यह भी याद दिलाता है कि जब कोई बड़ी शक्ति पड़ोसी देश की आंतरिक स्थिति पर इस तरह टिप्पणी करती है, तो क्षेत्रीय कूटनीति में अविश्वास और टकराव बढ़ सकता है। आने वाले महीनों में मेक्सिको-अमेरिका संबंधों की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष सुरक्षा सहयोग को आपसी सम्मान के साथ कैसे आगे बढ़ाते हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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G7 शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि मेक्सिको पर वास्तव में ड्रग कार्टेल का शासन है और राष्ट्रपति शीनबाम एक अच्छी लेकिन भयभीत महिला हैं। रूसी प्रेस इन टिप्पणियों को अलगाव के साथ रिपोर्ट करती है, अमेरिकी अभियानों के परिणामस्वरूप समुद्री ड्रग तस्करी में 97% की कमी के दावे को नोट करती है, और स्थिति को वाशिंगटन के अपने दक्षिणी पड़ोसी पर दबाव का एक व्यावहारिक चित्रण मानती है।
मैक्सिकन मीडिया ने ट्रम्प के G7 दावे पर आक्रोश के साथ प्रतिक्रिया दी कि कार्टेल देश चलाते हैं और राष्ट्रपति शीनबाम डरी हुई हैं। वे प्रतिवाद करते हैं कि सरकार नियंत्रण में है, ट्रम्प की बयानबाजी और वास्तविक आंकड़ों के बीच विरोधाभासों को उजागर करते हैं, और उनके शब्दों को मेक्सिको को कमजोर करने के उद्देश्य से एक राजनीतिक तमाशा के रूप में चित्रित करते हैं। कथा पीड़ितता पर जोर देती है और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करती है।
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