
हॉलीवुड के मूक युग में मिनियंस की रंगीन वापसी: क्या नई पीढ़ी को लुभा पाएगी?
जुलाई में सिनेमाघरों और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर आई ढेरों नई रिलीज़ के बीच, 'मिनियंस एंड मॉन्स्टर्स' ने अपनी वैश्विक पहचान और मिली-जुली समीक्षाओं से सबका ध्यान खींचा।
लॉस एंजेलिस में एक शाम, रेड कार्पेट की जगह पीले रंग के छोटे-छोटे पात्रों की भीड़ ने ले ली। यह ‘मिनियंस एंड मॉन्स्टर्स’ का विश्व प्रीमियर था, जहां एलिसन जैनी, जेफ ब्रिजेस और बॉबी मोयनिहन जैसे कलाकार अपनी आवाज़ों से इन अजीबोगरीब किरदारों में जान डालने पहुंचे थे। इल्युमिनेशन स्टूडियो की इस नई फिल्म ने दर्शकों को 1920 के दशक के हॉलीवुड में खींच लिया, जहां मूक फिल्मों का स्वर्ण युग था और मिनियंस, जो केवल अर्थहीन बड़बड़ाहट में बात कर सकते हैं, अचानक बेरोज़गार हो गए थे।
फिल्म की कहानी के मुताबिक, सालों तक हर मालिक की गलती से मौत कराने के बाद मिनियंस हॉलीवुड पहुंचते हैं और एक फिल्म सेट पर हंगामा खड़ा कर देते हैं। निर्देशक नाराज़ होता है, लेकिन निर्माताओं को उनकी हरकतें पसंद आती हैं और वे उन्हें फिल्मों में कास्ट कर लेते हैं। जब सिनेमा में आवाज़ आती है, तो मिनियंस की नौकरी चली जाती है। इसके बाद जेम्स और हेनरी नाम के दो मिनियंस एक जादुई किताब की मदद से मॉन्स्टर फिल्म बनाने का फैसला करते हैं, लेकिन किताब से निकले राक्षस दुनिया पर कब्ज़ा करने की ठान लेते हैं।
हिंदी भाषी दर्शकों के बीच मिनियंस फ्रैंचाइज़ी की गहरी पैठ है, लेकिन एबीपी न्यूज़ की समीक्षा के अनुसार यह फिल्म अपने पूर्ववर्तियों के ऊंचे मानकों पर खरी नहीं उतरती। समीक्षा में कहा गया कि “फिल्म कभी-कभार ही हंसा पाती है” और “पूरा मनोरंजन नहीं दे पाती”, हालांकि बच्चों के लिए यह अब भी एक औसत पारिवारिक फिल्म हो सकती है। इंडोनेशिया में भी इसी तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली, जहां सीएनएन इंडोनेशिया ने इसे ‘सेमुआ उमुर’ (सभी उम्र के लिए) श्रेणी में रखते हुए एक सीधी-सादी कहानी बताया। दूसरी ओर, फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली दो फिल्मों—‘डेस्पिकेबल मी 4’ और ‘मिनियंस: द राइज़ ऑफ ग्रू’—ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर क्रमशः 986.7 मिलियन और 937.7 मिलियन डॉलर की कमाई की थी, जो इस फ्रैंचाइज़ी की अपार लोकप्रियता को दर्शाता है।
यह फिल्म जुलाई के उस विशाल मनोरंजन प्रवाह का हिस्सा है, जिसमें नेटफ्लिक्स पर ‘एनोला होम्स 3’ ने मिली बॉबी ब्राउन को माल्टा में शरलॉक की तलाश में भेजा, एप्पल टीवी+ पर ‘साइलो’ के तीसरे सीज़न ने रेबेका फर्ग्यूसन को एक डिस्टोपियन भविष्य में खड़ा किया, और प्राइम वीडियो पर ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ ने रयान गॉस्लिंग को अंतरिक्ष में अकेला छोड़ दिया। लैटिन अमेरिकी बाज़ार में ‘एले’ जैसी सीरीज़ ने ‘लीगली ब्लॉन्ड’ की प्रीक्वल के रूप में युवा दर्शकों को लक्षित किया, जबकि जर्मन और स्पैनिश भाषी क्षेत्रों में ‘ते एनकॉन्ट्रारे’ और ‘ला मिताद कुए फाल्टा’ जैसी थ्रिलर ने रहस्य का तड़का लगाया।
इस शोर के बीच, मिनियंस की बड़बड़ाहट एक सार्वभौमिक भाषा की तरह गूंजती है। जब सिनेमा बोलना सीख रहा था, तब ये पीले पात्र मूक हास्य की आखिरी सांसों के गवाह बने। आज, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की भीड़ में, उनकी मौजूदगी याद दिलाती है कि शारीरिक कॉमेडी और मासूम शरारतों को समझने के लिए किसी अनुवाद की ज़रूरत नहीं होती—चाहे दर्शक मुंबई के सिनेमा हॉल में बैठा हो या जकार्ता के।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
तेहरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू, लाखों की भीड़; नए सर्वोच्च नेता की गैरमौजूदगी बनी सवाल
5 भाषाएँ · 15 स्रोत
Economy & Markets सेवैश्विक बाजारों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़त, लैटिन अमेरिका और एशिया में नए मॉडलों की धूम
4 भाषाएँ · 7 स्रोत
Technology सेअमेरिकी मंजूरी के बाद ओपनएआई का GPT-5.6 मॉडल गुरुवार को सार्वजनिक होगा
7 भाषाएँ · 20 स्रोत