
वेनेजुएला में भूकंप के बाद ला गुआरा तक पहुंच प्रतिबंधित, स्वयंसेवकों के लिए पंजीकरण अनिवार्य
सरकार ने बचाव कार्यों को सुगम बनाने के लिए शुक्रवार रात से ला गुआरा में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया, जबकि संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 50,000 लोग लापता हैं।
वेनेजुएला के गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने शुक्रवार को घोषणा की कि भूकंप से सर्वाधिक प्रभावित राज्य ला गुआरा में स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे से अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित रहेगा। यह कदम बुधवार को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दोहरे भूकंपों के बाद उठाया गया, जिनका केंद्र काराबोबो राज्य के मोरोन शहर के निकट था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक कम से कम 920 लोगों की मौत हो चुकी है और 3,000 से अधिक घायल हैं।
काबेलो ने राज्य टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन में कहा कि यह प्रतिबंध तीन उद्देश्यों से लगाया गया है: मानवीय सहायता सुनिश्चित करना, बचाव कार्यों में तेजी लाना और अनावश्यक भीड़ को आपातकालीन वाहनों के आवागमन में बाधा डालने से रोकना। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मलबे में दबे शवों से सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो सकता है। स्वयंसेवकों, विशेषकर मोटरसाइकिल चालकों, को अब कराकस के पोलिएद्रो स्टेडियम में पंजीकरण कराना होगा, जहां उन्हें क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र या परिचय जैकेट दिया जाएगा। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बिना बचाव या सुरक्षा कार्य वाले लोग ला गुआरा न जाएं।
हालांकि, जमीनी स्तर पर सरकारी प्रयासों को लेकर असंतोष भी सामने आया। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, रोड्रिगेज जब एक प्रभावित इमारत के पास पहुंचीं तो स्थानीय लोगों ने उनकी आलोचना की और नारे लगाए कि “सरकार जनता के लिए कुछ नहीं कर रही।” कई मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि आपदा के तुरंत बाद प्रशिक्षित दलों की कमी के कारण बचाव का अधिकांश काम आम नागरिकों ने ही संभाला। इस बीच, चिली, मैक्सिको, स्पेन, अमेरिका सहित कई देशों के विशेषज्ञ दल मौके पर पहुंच चुके हैं और जर्मनी, नीदरलैंड व इटली की टीमें रवाना हो चुकी हैं।
चिली बचाव दल के प्रमुख नादियोमार पोलांको ने एएफपी को बताया कि ढह चुकी पांच इमारतों वाले परिसर में जीवित बचे लोगों के मिलने की संभावना बहुत कम है और अब ध्यान शवों को निकालने पर केंद्रित है। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि लगभग 50,000 लोग लापता हैं, हालांकि यह आंकड़ा अभी पुष्ट नहीं हुआ है। ला गुआरा को प्राकृतिक आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया गया है और वहां 11,500 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
प्रतिबंध लागू होने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ नागरिकों ने शिकायत की कि एल जुनकितो जैसे अन्य प्रभावित इलाकों में भी नेशनल गार्ड राहत सामग्री ले जाने से रोक रहा है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम अभूतपूर्व भीड़ को नियंत्रित करने के लिए है, न कि सहायता रोकने के लिए।
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