
दोषसिद्धि के बावजूद सर्वेक्षणों में मरीन ली पेन की बढ़त, वाम में मेलेंशों का दबदबा
फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव 2027 से पहले कराए गए सर्वेक्षणों में न्यायिक दोषसिद्धि के बाद भी मरीन ली पेन अग्रणी उम्मीदवार हैं, जबकि वामपंथी खेमे में ज्यां-लूक मेलेंशों की स्थिति मजबूत हो रही है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान से दस महीने पहले राष्ट्रीय रैली (RN) की नेता मरीन ली पेन जनमत सर्वेक्षणों में सबसे आगे चल रही हैं। हाल ही में पेरिस की अपील अदालत ने यूरोपीय संसद धन के दुरुपयोग के मामले में उनकी दोषसिद्धि बरकरार रखी, लेकिन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध की अवधि घटाकर 15 माह कर दी, जिससे उनकी उम्मीदवारी का रास्ता साफ हो गया। एलाबे और इफॉप जैसे संस्थानों के सर्वेक्षण बताते हैं कि पहले दौर में ली पेन को 34 से 36 प्रतिशत मत मिल सकते हैं, जो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से कहीं अधिक है। दूसरे दौर की काल्पनिक टक्करों में भी वे पूर्व प्रधानमंत्री एडवर्ड फिलिप को 52-48 प्रतिशत के मामूली अंतर से और वामपंथी नेता ज्यां-लूक मेलेंशों को बड़े अंतर से हराती दिख रही हैं।
विभिन्न राजनीतिक खेमों की प्रतिक्रियाओं में गहरा ध्रुवीकरण झलकता है। राष्ट्रीय रैली और स्वयं ली पेन का तर्क है कि वह ‘निर्दोष’ हैं और कैसेशन कोर्ट (सर्वोच्च अपील न्यायालय) उन्हें बरी कर देगा। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने तो यहां तक कहा कि ‘अपनी बेगुनाही का फैसला स्वयं ली पेन ही सबसे बेहतर कर सकती हैं।’ दूसरी ओर, वामपंथी दल ‘अदम्य फ्रांस’ (LFI) के सांसदों ने इस रुख पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और आरोप लगाया कि मामूली चोरी पर कठोर सज़ा और करोड़ों की धोखाधड़ी पर चुनाव लड़ने की छूट दोहरे मानक का प्रमाण है। फ्रांसीसी कारोबारी जगत, जो पहले जॉर्डन बार्देला की व्यवसाय-हितैषी छवि से सहज था, अब ली पेन के आर्थिक कार्यक्रम को ‘राजनीतिक शत्रु’ करार दे रहा है और एक मजबूत केंद्रवादी उम्मीदवार की तलाश में है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अल्जीरियाई पर्यवेक्षक इस उम्मीदवारी को फ्रांस-अल्जीरिया संबंधों के लिए ‘नया संकट’ मानते हैं—विशेष रूप से प्रवासन, विसा और ऐतिहासिक स्मृतियों के मसलों पर पहले से तनावपूर्ण रिश्ते और बिगड़ सकते हैं। रूसी विश्लेषक एडवर्ड फिलिप को मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में रेखांकित करते हैं, जबकि ब्राज़ीलियाई रिपोर्टें अति-दक्षिणपंथी नेता के उदय को वैश्विक संदर्भ में रखती हैं। यूरोप में यह चुनावी नतीजा व्यापक दक्षिणपंथी लहर का संकेत बन सकता है, जिसके दक्षिण एशिया पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकते हैं—विशेषकर भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग, जलवायु वार्ता और अप्रवासी भारतीय समुदाय के लिए नीतिगत प्राथमिकताओं के स्तर पर।
चुनावी गणित में मेलेंशों की वापसी ने वामपंथी मतदाताओं को एक साथ कर दिया है, और केंद्र-दक्षिणपंथी खेमे में एडवर्ड फिलिप और गैब्रियल अटाल के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा से मत विभाजन का ख़तरा पैदा हो गया है। सर्वेक्षण बताते हैं कि 70 प्रतिशत फ्रांसीसी ली पेन के ‘निर्दोष’ दावे से सहमत नहीं हैं, लेकिन उनके समर्थक मतदाताओं में एकजुटता कायम है। कैसेशन कोर्ट ने संकेत दिया है कि वह चुनाव से पहले अंतिम फैसला सुनाएगा—यदि दोषसिद्धि बरकरार रही तो ली पेन को संभवतः इलेक्ट्रॉनिक ब्रेसलेट के साथ प्रचार करना होगा। आगामी महीनों में चुनाव प्रचार तेज़ होने के साथ ही यह मामला फ्रांस के तीन ध्रुवों—राष्ट्रवादी दक्षिणपंथ, वामपंथी गठबंधन और संकटग्रस्त केंद्र—के बीच की खाई को और गहरा कर सकता है।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.20 | neutral |
|---|---|---|
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | −0.70 | critical |
| रूसी और सीआईएस प्रेस | 0.00 | neutral |
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.30 | critical |
Le Pen has one last chance to win, but she must overcome legal and internal challenges.
Personalizes the judicial conflict, turning the electoral campaign into a trial of the candidate.
The international dimension and risks of social protests are absent.
Le Pen's candidacy is a direct threat to already fragile France-Algeria relations.
Establishes a hierarchy where diplomatic risk outweighs other aspects.
Domestic political competition and judicial details are overlooked.
Le Pen is a normal candidate, leading in polls, and the legal case is just background.
Presents Le Pen's candidacy as a routine political event, minimizing legal anomalies.
International implications and social risks are not mentioned.
Le Pen has chances, but her victory would trigger violent protests.
Makes a prediction of social unrest to anchor a warning about the consequences of an electoral win.
The perspective of France-Algeria relations is missing.
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