
1990 के दशक में जन्मे लोग जैविक रूप से तेज़ी से बूढ़े हो रहे हैं: अध्ययन
नेचर मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, 1990 के दशक में जन्मे लोगों की जैविक आयु पिछली पीढ़ियों की तुलना में अधिक तेज़ी से बढ़ रही है, जिससे कम उम्र में कैंसर का जोखिम बढ़ गया है।
अमेरिका की वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 1,60,000 से अधिक लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण कर पाया कि 1990-99 के बीच जन्मे प्रतिभागियों की जैविक आयु 1960 के दशक में जन्मे लोगों की तुलना में काफी अधिक थी। नेचर मेडिसिन में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, जैविक उम्र बढ़ने की यह रफ्तार हर इकाई वृद्धि पर ठोस ट्यूमर, विशेषकर फेफड़े, जठरांत्र और गर्भाशय के कैंसर का जोखिम लगभग 8 प्रतिशत बढ़ा देती है। सबसे तेज़ी से बूढ़े होने वाले समूह में यह जोखिम 15 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो 55 वर्ष से कम आयु में कैंसर की आशंका को लेकर एक गंभीर संकेत है।
जैविक आयु, कालानुक्रमिक उम्र से भिन्न होती है और यह रक्त में मौजूद बायोमार्करों के माध्यम से शरीर की वास्तविक कार्यक्षमता को मापती है। अध्ययन में तेज़ जैविक बुढ़ापे के पीछे दीर्घकालिक तनाव, गतिहीन जीवनशैली, खराब आहार और पर्यावरणीय प्रदूषकों जैसे कारकों की भूमिका की ओर इशारा किया गया है। यह निष्कर्ष अन्य वैश्विक शोधों से मेल खाते हैं, जिनमें नींद की कमी को कोशिकीय क्षति और समय से पहले बुढ़ापे का कारण बताया गया है, वहीं 45 वर्ष की आयु के बाद शरीर की आंतरिक घड़ी के खिसकने से नींद के पैटर्न में बदलाव भी देखा गया है।
हालांकि यह अध्ययन ब्रिटेन और अमेरिका की आबादी पर केंद्रित था, विशेषज्ञों का मानना है कि इसके निहितार्थ वैश्विक हैं। दक्षिण एशिया सहित कई क्षेत्रों में बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव और शहरीकरण के चलते युवा पीढ़ी में भी इसी तरह के जोखिम उभर सकते हैं। दूसरी ओर, सिडनी में हुए एक अन्य परीक्षण में पाया गया कि 40 की उम्र में नियमित एरोबिक व्यायाम मस्तिष्क की जैविक आयु को कम कर सकता है, जो इस बात का संकेत है कि मध्य आयु में जीवनशैली में बदलाव मस्तिष्क स्वास्थ्य की दिशा बदल सकता है।
शोधकर्ता अब इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जैविक आयु के आकलन को शीघ्र कैंसर जांच का हिस्सा बनाया जाए, ताकि जोखिम वाले युवाओं की समय रहते पहचान हो सके। फिलहाल, विशेषज्ञ प्रतिदिन 7-9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और तनाव प्रबंधन को बुढ़ापे की रफ्तार धीमी करने का सबसे सुलभ उपाय बता रहे हैं। अगला वैज्ञानिक कदम इन कारकों के बीच कार्य-कारण संबंध स्थापित करने के लिए दीर्घकालिक अध्ययन होंगे।
| रूसी और सीआईएस प्रेस | −0.20 | neutral |
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| ईरानी और संबद्ध प्रेस | 0.00 | neutral |
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
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