
रूस ने पत्रकार और कार्यकर्ताओं को ‘विदेशी एजेंट’ ठहराया, बांग्लादेश में भी पत्रकार सलाखों के पीछे
रूस के न्याय मंत्रालय ने चार नए व्यक्तियों और एक परियोजना को ‘विदेशी एजेंट’ सूची में डाला, वहीं बांग्लादेश में एक मंत्री के खिलाफ कथित मानहानि के आरोप में पत्रकार गिरफ्तार।
रूस के न्याय मंत्रालय ने हाल ही में ‘विदेशी एजेंट’ रजिस्टर में चार नए नाम जोड़े हैं—पत्रकार पेत्र रुज़ाविन, नवालनी की टॉम्स्क इकाई की पूर्व प्रमुख केसेनिया फ़दीवा, कलाकार येकातेरिना कुज़नेत्सोवा और क्वीर समुदाय की सहायता परियोजना ‘स्फ़ेरा’। मंत्रालय के अनुसार, ये सभी ‘विदेशी एजेंटों’ और अवांछित संगठनों की सामग्री फैलाने, रूसी अधिकारियों के बारे में ‘अविश्वसनीय सूचना’ देने तथा यूक्रेन युद्ध का विरोध करने में शामिल रहे हैं। ‘स्फ़ेरा’ पर एलजीबीटी संबंधों का ‘प्रचार’ करने का भी आरोप है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सभी व्यक्ति और परियोजना विदेश में सक्रिय हैं।
रूसी कानून के तहत ‘विदेशी एजेंट’ का दर्जा पाने वालों को अपनी सामग्री पर निशान लगाना, वित्तीय रिपोर्ट देना और विशेष रूबल खातों में आय जमा करना अनिवार्य है। हाल के वर्षों में प्रतिबंधों का दायरा बढ़ा है—अब ऐसे व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकते, सरकारी नौकरी नहीं कर सकते और सामाजिक विज्ञापन नहीं दे सकते। उल्लंघन पर जुर्माने से लेकर दो साल तक की कैद का प्रावधान है, और एकल कर दर 30 प्रतिशत तय की गई है। मानवाधिकार संगठन ‘ओवीडी-इन्फो’ के आंकड़े बताते हैं कि 2025 में अब तक 178 व्यक्ति और 37 संगठन इस सूची में जोड़े गए, जिनमें से 80 प्रतिशत पर यूक्रेन युद्ध के विरोध या समर्थन का आरोप है।
रूसी न्याय मंत्रालय ने स्वयं स्वीकार किया है कि 2025 में केवल चार प्रतिशत नए ‘एजेंटों’ में विदेशी धन का साक्ष्य मिला, जबकि 2012 में कानून की शुरुआत विदेशी वित्तपोषण को अनिवार्य शर्त मानती थी। अब ‘विदेशी प्रभाव’ की अस्पष्ट परिभाषा के तहत कार्रवाई होती है। आलोचक इस कानून को राजनीतिक असहमति को दबाने का औजार बताते हैं। इसी क्रम में मंत्रालय ने राजनीतिक विश्लेषक इनाल ख़ाशिग को ‘विदेशी एजेंट के लक्षण समाप्त होने’ के कारण सूची से हटा दिया।
इस बीच बांग्लादेश में भी पत्रकारिता पर राज्य की कार्रवाई का एक मामला दर्ज हुआ। बोगुड़ा जिला पुलिस की गुप्तचर शाखा ने ‘दैनिक अग्रयात्रा प्रतिदिन’ के कार्यवाहक संपादक मो. रेज़ानुर इस्लाम को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास एवं सहकारिता राज्यमंत्री मीर शाहे आलम के विरुद्ध साइबर सुरक्षा कानून के तहत मानहानिकर और भ्रामक सूचना फैलाई, साथ ही चंदा मांगने का भी आरोप लगाया गया। मामला एक अन्य स्थानीय पत्रकार की शिकायत पर दर्ज हुआ। राज्यमंत्री ने बाद में बयान जारी कर कहा कि इस प्रकार के मुकदमे के लिए उनकी कोई अनुमति या निर्देश नहीं था, और उन्होंने गिरफ्तार पत्रकार की शीघ्र रिहाई की आशा व्यक्त की। अदालत ने रेज़ानुर को कारागार भेज दिया; जमानत पर सुनवाई रविवार को निर्धारित है।
दक्षिण एशिया और यूरेशिया में ये घटनाक्रम एक व्यापक प्रवृत्ति की ओर इशारा करते हैं जिसमें राज्य असहमति को ‘विदेशी प्रभाव’ या ‘मानहानि’ की श्रेणी में रखकर कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। रूस में ‘विदेशी एजेंट’ रजिस्टर का विस्तार जारी है, जबकि बांग्लादेश में साइबर कानून के तहत पत्रकारों के खिलाफ मामले बढ़ रहे हैं। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि ऐसे कदम स्वतंत्र मीडिया और नागरिक समाज के लिए सिकुड़ती जगह को दर्शाते हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 1 भाषाएँ
रूसी अधिकारियों ने 'विदेशी एजेंट' रजिस्ट्री का विस्तार करते हुए पत्रकार पेत्र रुज़ाविन, कार्यकर्ता केसेनिया फ़दीवा, कलाकार एकातेरिना कुज़नेत्सोवा और LGBT परियोजना 'स्फ़ेरा' को शामिल किया है। न्याय मंत्रालय का कहना है कि इन्होंने अन्य विदेशी एजेंटों की सामग्री और अविश्वसनीय जानकारी फैलाई, और विशेष सैन्य अभियान का विरोध किया। यह रजिस्ट्री राष्ट्रीय हितों को विदेशी प्रभाव से बचाने का एक उपकरण है।
मॉस्को ने अपनी तथाकथित 'विदेशी एजेंट' सूची में नए नाम जोड़े हैं, जिसमें एक पूर्व मीडियाज़ोना पत्रकार, नवालनी की एक सहयोगी और एक LGBT अधिकार परियोजना को निशाना बनाया गया है। आलोचक इसे स्वतंत्र आवाज़ों और अल्पसंख्यकों पर क्रेमलिन की कार्रवाई का एक और कदम मानते हैं। यह कदम रूस में असहमति के लिए घटती जगह को रेखांकित करता है।
संबंधित लेख
इज़राइल के लेबनान हमलों पर ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज़ जलडमरूमध्य
8 भाषाएँ · 55 स्रोत
खेलरोनाल्डिन्हो का 46 की उम्र में धमाकेदार कमबैक: इटली की तीसरी श्रेणी क्लब रेवेना से जुड़े
9 भाषाएँ · 24 स्रोत
भू-राजनीति और राजनीतिपोलैंड ने ज़ेलेंस्की से सर्वोच्च सम्मान छीना, यूक्रेनी नेताओं ने भी लौटाए पदक
8 भाषाएँ · 22 स्रोत