
कोर्टोइस की चोट, मेरिनो का गोल: स्पेन ने बेल्जियम को हरा सेमीफाइनल में फ्रांस से मुकाबला तय किया
थिबॉ कोर्टोइस की जबरन विदाई और स्थानापन्न गोलकीपर की चूक ने स्पेन को देर से जीत दिलाकर उसे फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।
विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर नाटकीय अंदाज में सेमीफाइनल में प्रवेश किया, जहां उसका सामना फ्रांस से होगा। इंगलवुड के सोफी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले का फैसला अंतिम क्षणों में हुआ जब रिजर्व गोलकीपर सेने लामेंस की गलती पर मिकेल मेरिनो ने 88वें मिनट में गोल दाग दिया। यह गोल उस समय आया जब मैच के बीच में बेल्जियम के दिग्गज गोलकीपर थिबॉ कोर्टोइस चोटिल होकर बाहर जा चुके थे।
मैच की शुरुआत में स्पेन ने 30वें मिनट में फैबियन रुइज़ के गोल से बढ़त बना ली थी। डैनी ओल्मो का शॉट कोर्टोइस ने बचाया, लेकिन रिबाउंड पर रुइज़ ने स्कोर किया। हालांकि, बेल्जियम ने 41वें मिनट में चार्ल्स डी केटेलेरे के हेडर से बराबरी कर ली। यह पूरे टूर्नामेंट में स्पेन के खिलाफ पहला गोल था, जिससे उसके 649 मिनट तक गोल न खाने का रिकॉर्ड टूटा। दूसरे हाफ में बेल्जियम ने आक्रामक रुख अपनाया, लेकिन तभी कोर्टोइस को जांघ में दर्द महसूस हुआ। उन्होंने दो बार गेंद को दूर किक किया और दूसरी बार दर्द बढ़ गया। टीम डॉक्टरों ने इलाज किया, मगर 71वें मिनट में कोच रूडी गार्सिया ने उन्हें बाहर बुला लिया। कोर्टोइस आंसू भरी आंखों से मैदान छोड़ गए।
कोर्टोइस ने बाद में कहा कि वह खेलना जारी रख सकते थे, क्योंकि केवल लंबे किक में दिक्कत थी, गोल बचाने में नहीं। लेकिन गार्सिया ने साफ कर दिया कि वह केवल 100 प्रतिशत फिट खिलाड़ियों को ही मैदान पर रखते हैं। स्थानापन्न सेने लामेंस के लिए यह महज तीसरा अंतरराष्ट्रीय मैच था। 88वें मिनट में पाउ कुबार्सी के शॉट को वह ठीक से पकड़ न सके और गेंद मेरिनो के पास पहुंच गई, जिन्होंने आसानी से गोल कर दिया। यह मेरिनो का लगातार दूसरा मैच था जिसमें उन्होंने बेंच से आकर निर्णायक गोल किया—इससे पहले पुर्तगाल के खिलाफ भी ऐसा ही किया था।
बेल्जियम मीडिया ने इस बदलाव को “बम” और “अविश्वसनीय गलती” करार दिया, जबकि कुछ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने कोर्टोइस के बयानों को कोच और साथी खिलाड़ी के लिए नुकसानदेह बताया। खुद कोर्टोइस ने लामेंस का बचाव करते हुए कहा कि वह एक बेहतरीन गोलकीपर हैं और ऐसे पल उन्हें मजबूत बनाएंगे। लेकिन इससे भी बड़ी खबर यह रही कि कोर्टोइस ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से एक साल के ब्रेक की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि अगर बेल्जियम फुटबॉल संघ इस योजना को नहीं मानता, तो संभवतः यह उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच हो सकता है। 34 वर्षीय खिलाड़ी ने 2011 से अब तक 115 मैच खेले हैं।
इस जीत के साथ स्पेन ने अपनी अजेय लय को 36 मैचों तक पहुंचा दिया और तीसरी बार विश्व कप सेमीफाइनल में जगह बनाई। वह 2010 के बाद पहली बार अंतिम चार में है। अब 14 जुलाई को डलास में उसका सामना फ्रांस से होगा, जो पिछली दो बैठकों—यूरो 2024 सेमीफाइनल और नेशंस लीग फाइनल—में स्पेन से हार चुका है। कोच लुइस दे ला फुएंते ने कहा कि उनकी टीम फ्रांस को हराने में सक्षम है और वे इसके लिए कड़ी मेहनत करेंगे।
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.70 | critical |
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| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.20 | neutral |
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | 0.00 | neutral |
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | +0.30 | aligned |
Belgium crumbles under internal strife: coach Garcia is under fire for his substitution decision, while the young Lammens pays for a fatal mistake.
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