
अल नीनो का तेज़ी से मज़बूत होना: WMO ने जुलाई-सितंबर के लिए चेतावनी जारी की
विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने अल नीनो के तीव्र होकर 'मज़बूत' श्रेणी में पहुँचने की पुष्टि की है, जिससे वैश्विक स्तर पर चरम मौसमी घटनाओं की संभावना बढ़ गई है।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने 3 जुलाई को जारी अपने मासिक जलवायु परिदृश्य में बताया कि उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थितियाँ विकसित हो चुकी हैं और जुलाई से सितंबर 2026 के बीच इसके तेज़ी से मज़बूत होकर 'प्रबल' श्रेणी (चार में से स्तर 3) तक पहुँचने का अनुमान है। प्रमुख निगरानी क्षेत्रों में समुद्री सतह का औसत तापमान सामान्य से 2°C से अधिक रहने की संभावना है। विभिन्न वैश्विक जलवायु केंद्रों के पूर्वानुमान मॉडलों में असाधारण सहमति है, जिससे इस दृष्टिकोण पर उच्च विश्वास है। WMO ने स्पष्ट किया कि यह एक प्राकृतिक जलवायु चक्र है, लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण गर्म होते महासागर और वायुमंडल इसके प्रभावों को और गंभीर बना सकते हैं।
इस मज़बूत अल नीनो के चलते वैश्विक वर्षा पैटर्न में बड़े बदलाव की आशंका है। WMO के अनुसार, भारतीय उपमहाद्वीप, ऑस्ट्रेलिया का अधिकांश भाग, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य अमेरिका, कैरिबियाई क्षेत्र और दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सामान्य से कम वर्षा होगी। इसके विपरीत, मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत, दक्षिण-पश्चिमी संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिणी यूरोप में औसत से अधिक बारिश की संभावना है। यूरोप में उत्तर-दक्षिण विभाजन दिखेगा: उत्तर सूखा, दक्षिण गीला। अफ़्रीका में गिनी की खाड़ी के उत्तर में अधिक वर्षा, जबकि हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका में सूखे की स्थिति बन सकती है। पेरू ने भारी बारिश के 'आसन्न ख़तरे' के मद्देनज़र 800 नगर पालिकाओं में 60 दिन का आपातकाल घोषित कर दिया है, और यूरोप में जून में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने स्वास्थ्य प्रणालियों और बुनियादी ढाँचे पर दबाव डाला है।
कृषि और अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव व्यापक हो सकते हैं। भारतीय मानसून, जो देश की वार्षिक वर्षा का लगभग 70% देता है, अल नीनो वर्षों में कमज़ोर पड़ता है, जिससे चावल, गन्ना और तिलहन का उत्पादन प्रभावित होता है। विश्व बैंक के अनुमान के अनुसार, दक्षिण एशिया, दक्षिणी अफ़्रीका और पूर्वी एशिया में चावल उत्पादन 20-50% तक गिर सकता है। थाईलैंड और वियतनाम जैसे प्रमुख चावल निर्यातकों की पैदावार घटेगी, जबकि ऑस्ट्रेलिया का गेहूँ उत्पादन लगभग 90 लाख टन कम होने का अनुमान है। भारत और थाईलैंड में चीनी उत्पादन 20-30% तक गिर सकता है। श्रॉडर्स के विश्लेषकों ने आकलन किया है कि उर्वरक की ऊँची कीमतों और ऊर्जा लागत के साथ मिलकर यह स्थिति 2027 में खाद्य मुद्रास्फीति को 10% से ऊपर ले जा सकती है। ब्राज़ील सरकार ने अल नीनो के प्रभाव को देखते हुए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को बढ़ा दिया है।
तैयारियों के मोर्चे पर, WMO ने सरकारों, मानवीय एजेंसियों और कृषि-स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के साथ मिलकर पूर्व चेतावनी प्रणालियों को मज़बूत करने की घोषणा की है। ब्राज़ील के रियो डि जेनेरो राज्य ने निगरानी केंद्र, विशेष नागरिक सुरक्षा बल और जल-ऊर्जा आपूर्ति के लिए आकस्मिक योजनाएँ सक्रिय की हैं। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (BNPB) ने स्थानीय सरकारों को सूखा-संभावित क्षेत्रों का मानचित्रण करने और जल संकट से निपटने के उपाय करने का निर्देश दिया है। ब्राज़ील की जल उपयोगिता एजिया ने मनौस में उभयचर पंप लगाए और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में नई जल प्रणालियाँ स्थापित की हैं। अगला महत्वपूर्ण पड़ाव: अल नीनो आमतौर पर नवंबर से फरवरी के बीच चरम पर होता है, लेकिन इसका तापमान प्रभाव अगले वर्ष तक महसूस किया जाता है। WMO आने वाले महीनों में स्थिति की समीक्षा करेगा और यदि आवश्यक हुआ तो 'अत्यधिक प्रबल' घटना की चेतावनी जारी कर सकता है।
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
|---|---|---|
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | 0.00 | neutral |
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.20 | neutral |
The oceans are boiling, and the numbers prove it. India must brace for more floods and heat.
By citing authoritative global data (Copernicus) and linking it to local impacts (Mumbai floods), the narrative makes the El Niño threat tangible and unavoidable.
The bloc omits any mention of cold weather events or regions experiencing cooling, which could complicate the warming narrative.
Forget the global warnings; here in Brazil we are shivering. The real story is the cold, not the heat.
By highlighting a single local cold record, the narrative implicitly questions the global El Niño forecast, suggesting that weather is variable and not uniformly warming.
The bloc omits any reference to the WMO's El Niño warning or the broader context of global ocean heat records.
While the world talks about El Niño, Europe is burning. The immediate threat is the wildfire at our doorstep.
By focusing on a dramatic, ongoing wildfire, the narrative shifts attention from a distant global forecast to a present, visible crisis, implying that local emergencies are more pressing.
The bloc omits any explicit link between the wildfire and El Niño or climate change, treating it as an isolated incident.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन टैंकरों पर हमले, अमेरिका ने ईरान पर किए पलटवार
9 भाषाएँ · 53 स्रोत
Economy & Markets सेसैमसंग का रिकॉर्ड मुनाफ़ा, फिर भी शेयरों में भारी गिरावट: AI चिप बूम की स्थिरता पर सवाल
4 भाषाएँ · 11 स्रोत
Technology सेचीन अपने सबसे उन्नत AI मॉडलों तक विदेशी पहुंच सीमित करने पर विचार कर रहा है
4 भाषाएँ · 8 स्रोत