
ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम ख़त्म किया, ख़ुद को 'नंबर वन' निशाना बताया
अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह ईरान की हत्या सूची में सबसे ऊपर हैं और तेहरान के साथ समझौता अब प्रभावी नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के इतर घोषणा की कि ईरान के साथ हालिया युद्धविराम समाप्त हो चुका है और अमेरिकी सेना ने रात भर ईरानी ठिकानों पर नए हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाज़ों पर ईरानी हमलों के जवाब में किए गए, जिनमें ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, रडार प्रतिष्ठानों और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की 60 से अधिक छोटी नौकाओं को निशाना बनाया गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने बंदर महशहर और बुशहर सहित कई स्थानों पर विस्फोटों की पुष्टि की, जहाँ एक आईआरजीसी सदस्य की मौत हुई और परमाणु संयंत्र परिसर के पास हमले की सूचना है।
ट्रंप ने इसी संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि वह ईरान की हत्या की सूची में 'नंबर एक' पर हैं और कहा, 'हो सकता है मैं भी चला जाऊँ।' अमेरिकी प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, यह ख़तरा 2020 में तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर ईरानी जनरल क़ासिम सुलेमानी की ड्रोन हमले में मौत के बाद से लगातार बना हुआ है। पश्चिमी सुरक्षा एजेंसियों का आकलन है कि 2024 के चुनाव अभियान के दौरान भी ईरान समर्थित गुटों ने ट्रंप पर हमले की साजिश रची थी, जिसके तहत एक पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति को हाल ही में अमेरिकी अदालत ने दोषी ठहराया। ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को 'दुष्ट' बताते हुए यह भी कहा कि वह तेहरान को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।
ईरानी पक्ष ने अमेरिकी हमलों का तुरंत जवाब दिया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स के अनुसार, आईआरजीसी ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। कुवैती अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने दो बैलिस्टिक मिसाइलों और 13 ड्रोनों को मार गिराया, जबकि गिरते मलबे से बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में चुनौतियाँ पैदा कर रहा है और तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक क़दम उठाएगा। एक सूत्र ने ईरानी मीडिया को बताया कि किसी भी नए सैन्य हमले की स्थिति में ईरान जलडमरूमध्य को बंद कर देगा और कम-से-कम दोगुने अनुपात में जवाबी कार्रवाई करेगा।
दक्षिण एशियाई ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, इस टकराव का सीधा प्रभाव भारत जैसे बड़े तेल आयातकों पर पड़ेगा, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुज़रने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक कीमतों में तेज़ी आई है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा भी चिंता का विषय बन गई है, हालाँकि अभी तक किसी देश ने निकासी की सलाह जारी नहीं की है। पश्चिमी कूटनीतिक हलकों में यह आकलन है कि ट्रंप प्रशासन ने पिछले महीने हुए 60-दिवसीय युद्धविराम समझौते को व्यावहारिक रूप से त्याग दिया है, जिसके तहत संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत होनी थी।
फ़िलहाल किसी भी पक्ष ने नई वार्ता की संभावना पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा है। ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिकी हमले जारी रह सकते हैं, जबकि ईरान ने अपनी जवाबी क्षमता प्रदर्शित कर दी है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का मानना है कि आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है, लेकिन स्थायी सदस्यों के बीच मतभेद के कारण ठोस कार्रवाई की संभावना कम है।
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
|---|---|---|
| रूसी और सीआईएस प्रेस | 0.00 | neutral |
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.20 | neutral |
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.10 | neutral |
ट्रंप खुद को ईरान का प्रमुख निशाना बताते हैं और इज़राइल के अस्तित्व का श्रेय लेते हैं।
बिना सत्यापन के ट्रंप के दावों को दोहराना उन्हें विश्वसनीय बनाता है।
यह ईरान के साथ समझौता करने की ट्रंप की अनिश्चितता को छोड़ देता है, जो अन्य ब्लॉकों में उजागर है।
ट्रंप खुद को ईरान का शीर्ष निशाना घोषित करते हैं और अपनी मृत्यु की संभावना स्वीकार करते हैं।
बिना व्याख्या के ट्रंप के शब्दों का शाब्दिक अनुवाद निष्पक्षता का प्रभाव पैदा करता है।
यह युद्धविराम समाप्त होने के संदर्भ और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं को छोड़ देता है।
ट्रंप खुद का खंडन करते हैं: वह ईरान का शीर्ष निशाना होने का दावा करते हैं लेकिन समझौते के बारे में अनिश्चित हैं।
ट्रंप के परस्पर विरोधी बयानों को एक साथ रखने से उनकी विश्वसनीयता कम हो जाती है।
यह युद्धविराम की समाप्ति और ईरान के खिलाफ ट्रंप की धमकियों को छोड़ देता है।
ट्रंप ने अलार्म बजाया: ईरान उन्हें मारना चाहता है और युद्धविराम ध्वस्त हो गया है।
ट्रंप की सीधी भाषा का उपयोग और आर्थिक परिणामों का वर्णन खतरे की धारणा को बढ़ाता है।
यह समझौता करने की ट्रंप की अनिश्चितता और संघर्ष के प्रबंधन की आलोचना को छोड़ देता है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
राजकोषीय अनुशासन और डेटा-आधारित नीतियों से उभरती अर्थव्यवस्थाओं को मिल रहा सहारा
4 भाषाएँ · 10 स्रोत
Technology सेAI कौशल से वेतन में 92% तक की बढ़ोतरी, पर दिमागी क्षमता पर असर की चिंता
3 भाषाएँ · 4 स्रोत
Science & Health सेसऊदी अरब की इज़राइल को दरकिनार करने की योजना, कनाडा का व्यापारिक रुख और खाड़ी में स्वास्थ्य-तकनीकी विस्तार
2 भाषाएँ · 5 स्रोत