
डिजिटल सहमति और ऑनलाइन स्त्री-द्वेष पर वैश्विक मोर्चे पर नए फैसले और खुलासे
कोलंबिया की शीर्ष अदालत ने अंतरंग तस्वीरों की सहमति वापस लेने का अधिकार दिया, जबकि ब्राज़ील में अध्ययन ने मीम्स के ज़रिए फैलती स्त्री-विरोधी हिंसा को उजागर किया।
कोलंबिया के संवैधानिक न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट किया है कि अंतरंग तस्वीरों या वीडियो को साझा करने की सहमति स्थायी नहीं होती और इसे कभी भी वापस लिया जा सकता है। न्यायालय के अनुसार, बिना अनुमति ऐसी सामग्री का प्रसार डिजिटल और यौन हिंसा का रूप है, जो निजता, छवि और सम्मान के अधिकारों का उल्लंघन करता है। अदालत ने एक ऐसे मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें एक महिला ने अपनी अंतरंग सामग्री को केवल कोलंबिया के बाहर दिखाने की शर्त पर सहमति दी थी, लेकिन वह देश के भीतर भी उपलब्ध हो गई। न्यायालय ने संसद से अगले सत्र में इस आचरण के लिए दंडात्मक कानून बनाने पर विचार करने का आग्रह किया और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा लोकपाल को छह महीने के भीतर रोकथाम गाइड तैयार करने का निर्देश दिया।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब ब्राज़ील में ऑनलाइन स्त्री-द्वेष के स्वरूप पर एक व्यापक अध्ययन ने चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। बाहिया संघीय विश्वविद्यालय (यूएफबीए) के शोधकर्ताओं ने टेलीग्राम समूहों में साझा की गईं 47,018 छवियों का विश्लेषण कर पाया कि 90 प्रतिशत से अधिक स्त्री-विरोधी सामग्री में प्रत्यक्ष यौन चित्रण नहीं था, बल्कि मीम्स, फोटोशॉप और चुटकुलों के ज़रिए महिलाओं को 'वादिया' (वेश्या), 'फीमिया' (मादा) और 'वागाबुंदा' (आवारा) जैसे शब्दों से निशाना बनाया गया। अध्ययन के अनुसार, यह सामग्री हास्य की आड़ में हिंसा फैलाती है और यूट्यूब, इंस्टाग्राम तथा एक्स जैसे प्लेटफ़ॉर्मों तक फैल जाती है। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से निर्मित छवियों के अलावा, वास्तविक महिलाओं की तस्वीरें उनकी जानकारी के बिना पूर्व साथियों या परिचितों द्वारा अपमानित करने के लिए साझा की जा रही हैं।
इस्लामी विधिशास्त्र के बांग्लादेशी विद्वानों के अनुसार, ऑनलाइन माध्यमों पर बिना प्रमाण किसी महिला को 'दुश्चरित्रा' कहना 'कज़्फ़' (व्यभिचार का झूठा आरोप) की श्रेणी में आता है, जिसके लिए कुरान (सूरह नूर, आयत 4) में चार गवाह न पेश कर पाने पर अस्सी कोड़ों की सज़ा का प्रावधान है। वे बताते हैं कि इस्लामी न्यायशास्त्र का मूल सिद्धांत 'दायमुक्ति' (निर्दोषिता की धारणा) है, जिसके तहत आरोप सिद्ध होने तक व्यक्ति को निर्दोष माना जाता है। यह दृष्टिकोण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों स्थानों पर समान रूप से लागू होता है, और सोशल मीडिया पर लिखी गई हर टिप्पणी के लिए धार्मिक रूप से जवाबदेही तय की गई है।
ब्राज़ील की गायिका लुइसा सोन्ज़ा ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से कहा कि देश में स्त्री-द्वेष को अब भी अपराध नहीं माना जाता और समाज महिलाओं को लगातार खलनायिका के रूप में पेश करता है। उन्होंने अपने पूर्व पति से जुड़े विवाद के बाद यह बयान देते हुए महिलाओं से एक-दूसरे का बचाव करने का आग्रह किया। इस बीच, कोलंबिया के संवैधानिक न्यायालय ने एक अलग मामले में यह भी व्यवस्था दी कि आवासीय परिसर पालतू जानवरों के सामान्य क्षेत्रों में आवागमन पर रोक नहीं लगा सकते, न ही इसके लिए अनुमति मांग सकते हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे प्रतिबंध व्यक्तित्व के मुक्त विकास और पारिवारिक निजता के अधिकारों का हनन करते हैं। इन घटनाक्रमों से संकेत मिलता है कि लैटिन अमेरिका और दक्षिण एशिया में न्यायपालिकाएं और नागरिक समाज डिजिटल युग में व्यक्तिगत गरिमा और सहमति की सीमाओं को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। कोलंबिया की संसद से अब आपराधिक कानून पर बहस की उम्मीद है, जबकि ब्राज़ील में शोधकर्ता प्लेटफ़ॉर्मों से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | −0.20 | neutral |
|---|---|---|
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | −0.50 | critical |
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | +0.40 | aligned |
Criminal punishment is the only effective deterrent against online defamation. The law protects women's dignity.
Presents the case as an example of criminal justice working, reinforcing the idea that law is the primary tool to protect online dignity.
Islam strictly forbids accusing a woman without proof. Believers must refrain from comments that harm others' honor.
Bases the argument on authoritative religious texts (Quran and Sunnah), making the position indisputable for believers.
Consent is never irrevocable. The Court ruled that women can withdraw permission at any time. Online misogyny must be fought with legal and social tools.
Uses a concrete Constitutional Court ruling to establish a legal principle, and links it to research data to show the prevalence of the phenomenon.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
मेन सीनेट उम्मीदवार पर बलात्कार का आरोप, डेमोक्रेटिक समर्थन ढहा; 13 जुलाई तक नाम वापसी की समयसीमा
7 भाषाएँ · 28 स्रोत
Economy & Markets सेअमेरिकी हमलों के बाद ट्रंप ने युद्धविराम को 'खत्म' बताया, कच्चा तेल 5% उछलकर 80 डॉलर के पार
5 भाषाएँ · 14 स्रोत
Technology सेAI कौशल से वेतन में 92% तक की बढ़ोतरी, पर दिमागी क्षमता पर असर की चिंता
3 भाषाएँ · 4 स्रोत