
जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका-ईरान संघर्ष में तीव्र वृद्धि, युद्धविराम की उम्मीदें ध्वस्त
जॉर्डन में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने के बाद अमेरिका ने ईरान पर आठवीं रात हमले किए, जिससे जून का अंतरिम समझौता पूरी तरह ध्वस्त हो गया और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की लड़ाई और व्यापक हो गई।
17 जुलाई को जॉर्डन में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों से दो अमेरिकी सैनिक मारे गए और एक लापता है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के अनुसार, ये मौतें तब हुईं जब अमेरिकी और साझेदार सेनाएं ईरानी हमलों का बचाव कर रही थीं। इसके कुछ घंटों बाद, अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के विरुद्ध नए हवाई हमलों की शुरुआत की, जो लगातार आठवीं रात के हमले थे। CENTCOM ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक नौवहन को खतरे में डालने की क्षमता को कम करना और जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को त्वरित दंड देना है।
ईरानी सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने एक लिखित बयान में अमेरिका को 'अविस्मरणीय सबक' सिखाने की चेतावनी दी और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर 'पूरी तरह बेकार और विश्वसनीयता विहीन' हैं। ईरानी उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने राज्य टीवी पर घोषणा की कि अमेरिका ने अंतरिम समझौते के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया है, इसलिए ईरान भी अब उन्हें लागू नहीं कर रहा है। ईरानी सैन्य सलाहकार मेजर जनरल मोहसिन रज़ाई ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो तेहरान 'पूर्ण पैमाने पर आक्रामक अभियान' फिर से शुरू करेगा और अब वह केवल जैसे-को-तैसे जवाब तक सीमित नहीं रहेगा।
इस टकराव का दायरा सैन्य ठिकानों से आगे बढ़कर नागरिक बुनियादी ढांचे तक फैल गया है। कुवैती अधिकारियों के अनुसार, ईरानी हमलों ने एक तेल सुविधा और एक जल अलवणीकरण संयंत्र को निशाना बनाया, जिससे कई लोग घायल हुए और बिजली उत्पादन इकाइयां ठप हो गईं। ईरानी राज्य मीडिया ने बहरीन में शेख ईसा एयर बेस और सऊदी अरब के अल-खर्ज तथा यानबू में मिसाइल हमलों की सूचना दी, जबकि अमेरिकी हमलों ने दक्षिणी ईरान के होर्मोज़गान प्रांत में पुल, सुरंग, बिजली संयंत्र और एक अलवणीकरण संयंत्र को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे लगभग 10,000 लोगों की जल आपूर्ति बाधित हुई। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 27 जून से अमेरिकी हमलों में कम से कम 50 लोग मारे गए और 500 से अधिक घायल हुए हैं।
यह संघर्ष 28 फरवरी को इज़राइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमलों के साथ शुरू हुआ था, जिसका उद्देश्य ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रॉक्सी को निष्क्रिय करना था। अप्रैल में युद्धविराम के बाद जून में एक अंतरिम समझौता हुआ, लेकिन 8 जुलाई को ट्रंप ने इसे 'समाप्त' घोषित कर दिया। तब से होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष केंद्रित है, जहां से शांतिकाल में वैश्विक तेल और गैस व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता था। ईरान ने जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है और अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी फिर से लागू कर दी है।
कूटनीतिक प्रयास फिलहाल ठप हैं। ईरानी उप विदेश मंत्री ने कहा कि 'बातचीत की कोई खबर नहीं है' और अमेरिकी पक्ष की ओर से भी मध्यस्थता के किसी नए प्रयास की सूचना नहीं है। अमेरिकी विदेश विभाग ने बढ़ते तनाव के मद्देनजर वैश्विक यात्रा अलर्ट जारी किया है। इस बीच, दोनों पक्षों के बीच हवाई हमलों का सिलसिला जारी है और निकट भविष्य में इसके थमने के कोई संकेत नहीं हैं।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.60 | critical |
|---|---|---|
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | +0.10 | neutral |
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.20 | neutral |
संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगी एक अकारण ईरानी हमले का सामना कर रहे हैं जिसमें अमेरिकी सैनिक मारे गए। ईरान की 'अविस्मरणीय सबक' की धमकियाँ इसकी आक्रामक मंशा दर्शाती हैं, और अमेरिका को अपनी सेनाओं की रक्षा और प्रतिरोध बहाल करने के लिए निर्णायक रूप से जवाब देना चाहिए।
ईरान की धमकियों और युद्धविराम के पतन को बार-बार उद्धृत करके, कथा हमले को ईरान द्वारा एक जानबूझकर बढ़ोतरी के रूप में प्रस्तुत करती है, जो एक मजबूत अमेरिकी प्रतिक्रिया को उचित ठहराती है और अमेरिका को आक्रमण के शिकार के रूप में चित्रित करती है।
यह खंड उन अमेरिकी और इज़राइली आश्चर्यजनक हमलों का कोई उल्लेख नहीं करता जो इस बढ़ोतरी से पहले हुए थे, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य पर विवाद और ईरानी बुनियादी ढांचे पर अमेरिकी हमलों सहित संघर्ष के व्यापक संदर्भ को भी छोड़ देता है।
ईरान की सैन्य कार्रवाई अमेरिकी आक्रमण के लिए एक मापा प्रतिक्रिया थी, और जॉर्डन द्वारा मिसाइलों का अवरोधन दर्शाता है कि हमला अंधाधुंध नहीं था। अमेरिका को अपनी आक्रामक मुद्रा पर पुनर्विचार करना चाहिए।
जॉर्डन के अवरोधन को उजागर करके और हताहतों को कम करके, कथा सुझाव देती है कि हमला नियंत्रित था और कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं थी, जिससे ईरान से दोष हटता है।
यह खंड इस तथ्य को छोड़ देता है कि युद्ध शुरू होने के बाद से ईरानी सीधी गोलीबारी से यह पहली अमेरिकी सैनिक मौतें हैं, और युद्धविराम के पतन या ईरान की 'अविस्मरणीय सबक' की धमकियों का उल्लेख नहीं करता।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता और आपसी उकसावे के कारण संघर्ष बढ़ रहा है। दोनों पक्ष बढ़ोतरी कर रहे हैं, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को पूर्ण पैमाने पर युद्ध को रोकने के लिए संयम बरतने का आग्रह करना चाहिए।
हमले को होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद और अमेरिकी धमकियों के संदर्भ में रखकर, कथा घटना को एकतरफा आक्रमण के बजाय सममित बढ़ोतरी के हिस्से के रूप में प्रस्तुत करती है और डी-एस्केलेशन का आह्वान करती है।
यह खंड व्यापक युद्ध में अमेरिकी हताहतों की विशिष्ट संख्या को छोड़ देता है और 'ईरानी सीधी गोलीबारी से पहली मौतों' के कोण पर जोर नहीं देता, बल्कि रणनीतिक संदर्भ पर ध्यान केंद्रित करता है।
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