
ईरान का दावा: अमेरिकी ठिकानों पर हमलों में 11 विमान नष्ट, 200+ सैनिक मारे गए
आईआरजीसी ने विस्तृत सूची जारी कर बताया कि 8-22 जुलाई के बीच अमेरिकी सैन्य अड्डों को भारी नुकसान पहुँचा, अमेरिकी प्रशासन ने आंकड़ों पर सवाल उठाए।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहब्बी के अनुसार, 8 से 22 जुलाई के बीच हुई लड़ाई में ईरानी सशस्त्र बलों ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर तैनात 11 लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों को ज़मीन पर ही नष्ट कर दिया। आईआरजीसी द्वारा जारी एक विस्तृत सूची में 17 टोही व लड़ाकू ड्रोन, एक एफ-15 लड़ाकू विमान, एक पी-8 गश्ती विमान, एक सी-17 परिवहन विमान और आठ ईंधन भरने वाले विमानों के ध्वस्त होने का दावा किया गया। इसके अतिरिक्त, सात कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर, छह पैट्रियट रडार, तीन उपग्रह संचार प्रणालियों और कई रसद केंद्रों व ईंधन भंडारों को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई।
आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि हाल के हफ़्तों में 200 से अधिक अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं, जो वाशिंगटन के आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने पहले 18 सैनिकों की मौत की सूचना दी थी, लेकिन बाद में न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के बाद इस संख्या को संशोधित कर 14 कर दिया गया। पेंटागन के प्रवक्ता ने इस बदलाव को ‘अस्थायी डेटा विसंगति’ करार दिया, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से 18 मौतों का ज़िक्र जारी रखा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चार मौतों को इसलिए सूची से हटाया गया क्योंकि वे युद्धविराम की घोषणा के बाद हुई थीं, हालांकि तब तक लड़ाई फिर शुरू हो चुकी थी।
ईरानी सैन्य प्रवक्ता मोहम्मद अकरमीनिया ने बताया कि इराक के एरबिल स्थित अमेरिकी बुनियादी ढाँचा लगभग पूरी तरह तबाह हो चुका है, जिसमें पहले से अधिक उन्नत ईरानी ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया। इसी बीच, कुवैत के अल-दोहा, अली अल-सलेम और कैंप आरिफजान अड्डों पर भी ड्रोन हमलों की पुष्टि हुई है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उसके बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर देगा। यह तनाव फरवरी के अंत में शुरू हुए युद्ध के बाद के संघर्षविराम के टूटने और 13 दिनों तक लगातार अमेरिकी बमबारी के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई का हिस्सा है।
स्वतंत्र स्रोतों से इन दावों की पुष्टि नहीं हो पाई है, और अमेरिकी प्रशासन ने विस्तृत नुकसान की सूची पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। विश्लेषकों का मानना है कि तेहरान द्वारा इस तरह के आँकड़े जारी करना घरेलू मोर्चे पर मनोबल बढ़ाने और प्रतिरोधक क्षमता प्रदर्शित करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। वहीं, वाशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक वार्ता जारी है, लेकिन ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान अभी शांति समझौते के लिए तैयार नहीं दिखता। यह सूचना-संघर्ष दोनों पक्षों के बीच बढ़ते अविश्वास और स्थिति की नाज़ुकता को रेखांकित करता है।
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