
युगांडा में सेना प्रमुख ने प्रमुख मीडियाकर्मियों को बंद करने का आदेश दिया, घाना में पत्रकारिता पर कानूनी और राजनीतिक दबाव
युगांडा के सैन्य प्रमुख ने एक बड़ी मीडिया कंपनी के प्रसारण बंद करा दिए, वहीं घाना में मानहानि के मुकदमों और एक रेडियो प्रोड्यूसर पर कथित हमले से प्रेस की आज़ादी पर चिंता बढ़ी है।
युगांडा की राजधानी कंपाला में रविवार तड़के सेना प्रमुख जनरल मुहूज़ी कैनेरुगाबा के आदेश पर नेशन मीडिया ग्रुप (NMG) के दफ़्तरों को सैनिकों ने घेर लिया और NTV युगांडा, स्पार्क टीवी तथा डेली मॉनिटर अख़बार का प्रसारण रोक दिया। जनरल मुहूज़ी, जो राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के बेटे हैं, ने सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म X पर लिखा, "मुझे युगांडा में किसी भी मीडिया हाउस को बंद करने की शक्ति प्राप्त है।" उन्होंने यह भी कहा कि "युगांडा में मैं स्वतंत्र प्रेस में विश्वास नहीं करता" और अब सभी मीडिया को "क्रांति के कार्यकर्ताओं द्वारा निर्देशित" होना होगा। इस कार्रवाई के पीछे शीर्ष नेतृत्व पर कथित नकारात्मक ख़बरों को कारण बताया जा रहा है।
घाना में भी पत्रकारिता पर दबाव के अलग-अलग मामले सामने आए हैं। घाना जर्नलिस्ट एसोसिएशन (GJA) के मध्य क्षेत्रीय शाखा ने कासोआ के ओबातांपा रेडियो के एक निर्माता पर कथित शारीरिक हमले और राजनीतिक टिप्पणी के बाद स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद किए जाने की निंदा की है। बयान में राष्ट्रीय जनतांत्रिक कांग्रेस (NDC) के क्षेत्रीय अध्यक्ष और नगर प्रमुख की संलिप्तता की आशंका जताते हुए त्वरित और निष्पक्ष जाँच की मांग की गई। दूसरी ओर, GJA के महासचिव डोमिनिक ह्लोर्डज़े ने खुलासा किया कि मानहानि के 15 से अधिक मुक़दमे पत्रकारों और मीडिया घरानों पर लंबित हैं, जिसके कारण जाँच-पड़ताल वाली पत्रकारिता ख़तरे में पड़ रही है। हाल ही में द हेराल्ड अख़बार के संपादक लैरी डोग्बे को अदालत की अवमानना में सात दिन की जेल की सज़ा सुनाई गई, जिसके बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया।
युगांडा का यह क़दम पूर्वी अफ़्रीका में स्वतंत्र मीडिया पर बढ़ती सख़्ती की शृंखला में ताज़ा है। पत्रकारों और नागरिक संगठनों ने इसे संवैधानिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया है। युगांडा के राष्ट्रीय प्रसारक संघ ने कम से कम छह आउटलेट बंद होने की पुष्टि करते हुए "मीडिया पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले प्रभाव" पर गहरी चिंता व्यक्त की। घाना में GJA ने स्पष्ट किया कि मीडिया की स्वतंत्रता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता और संविधान का अनुच्छेद 162 संपादकीय आज़ादी की गारंटी देता है। दोनों ही देशों में पीड़ित पक्षों ने कानूनी उपायों की बात कही है, लेकिन जनरल मुहूज़ी ने अपनी व्यक्तिगत स्वीकृति के बिना स्टेशनों को दोबारा खोलने से इनकार कर दिया है।
इन घटनाओं पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय निगरानी बढ़ सकती है। घाना पुलिस से स्वतंत्र जाँच की माँग की गई है और GJA ने NDC नेतृत्व से सार्वजनिक माफ़ी व अनुशासनात्मक कार्रवाई का आह्वान किया है। युगांडा में सरकारी प्रवक्ता ने तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन जनरल मुहूज़ी के बयानों और मुसेवेनी के सातवें कार्यकाल के बाद उत्तराधिकार की अटकलों के बीच यह मामला लोकतांत्रिक ढाँचे पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। घाना में मानहानि के मुकदमों की सुनवाई आगामी सप्ताहों में जारी रहने की उम्मीद है, जबकि लैरी डोग्बे की ज़मानत याचिका पर अदालत 10 दिनों के भीतर पुनर्विचार करेगी।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ
Local media report the closure as a blatant attack on press freedom by the army chief, who is also the president's son. They highlight his public boast of having the power to shut any media house and his declaration that he does not believe in a free press. The narrative is one of outrage and concern for the future of independent journalism in Uganda.
Western outlets report the closure as a major escalation in Uganda's crackdown on independent media, noting the army chief's assertion of authority as de facto ruler. They frame the event as part of a broader pattern of repression, but maintain a factual tone, quoting official justifications and international reactions. The coverage emphasizes the strategic implications for media freedom in East Africa.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
टेक दिग्गजों की 50 अरब डॉलर कर बचत, एआई नौकरियों का दोहरा चेहरा और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं
4 भाषाएँ · 8 स्रोत
Technology सेव्हाट्सएप के यूजरनेम फीचर पर भारत सरकार की रोक, तीन दिन में मांगा जवाब
6 भाषाएँ · 19 स्रोत
Science & Health सेकांगो में इबोला का तीसरा सबसे बड़ा प्रकोप, नए प्रांतों में फैलाव; ब्रिटेन में संदिग्ध की जांच और सूडान में हैजे से 117 मौतें
4 भाषाएँ · 9 स्रोत