Edition of 10:00 CETबुधवार, 17 जून 2026
289 स्रोत · 16 भाषाएँआज 846 ब्रीफिंग
मंगलवार, 16 जून 2026

हिब्रू समझौता रद्द करने का दावा, विदेश मंत्रालय ने किया खंडन: हेब्रोन में इज़राइल का प्रशासनिक अधिग्रहण

वित्त मंत्री स्मोटरिच ने 1997 के हेब्रोन समझौते को रद्द करने की घोषणा की, लेकिन विदेश मंत्रालय ने इसे केवल योजना शक्तियों का हस्तांतरण बताया; फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण ने इस कदम की कड़ी निंदा की।

इज़राइल के वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोटरिच ने मंगलवार को एक नई बस्ती के शिलान्यास समारोह के दौरान दावा किया कि उन्होंने 1997 के हेब्रोन समझौते को रद्द कर दिया है और फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण से इब्राहीमी मस्जिद (यहूदियों के लिए कुलपिताओं की गुफ़ा) सहित पवित्र स्थलों की योजना एवं निर्माण की शक्तियाँ छीन ली हैं। हालाँकि, कुछ ही घंटों बाद इज़राइली विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि समझौता रद्द नहीं हुआ है, बल्कि कुछ महीने पहले सुरक्षा कैबिनेट ने केवल हेब्रोन की यहूदी विरासत स्थलों और यहूदी समुदाय से जुड़ी योजना शक्तियों को इज़राइली नियंत्रण में लेने का निर्णय लिया था। यह विरोधाभासी बयानबाज़ी एक ऐसे क़दम की राजनीतिक संवेदनशीलता को उजागर करती है जो पहले से ही तनावग्रस्त पश्चिमी तट में स्थिति को और भड़का सकता है।

हेब्रोन समझौता ओस्लो प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसके तहत शहर को दो भागों में बाँटा गया: 80 प्रतिशत H1 क्षेत्र फ़िलिस्तीनी नियंत्रण में और 20 प्रतिशत H2 क्षेत्र इज़राइली शासन के अधीन, जहाँ लगभग 800 यहूदी बसने वाले 40,000 फ़िलिस्तीनियों के बीच रहते हैं। समझौते ने पूरे शहर की योजना और निर्माण की ज़िम्मेदारी फ़िलिस्तीनी नगरपालिका को सौंपी थी, लेकिन अब इज़राइल के सर्वोच्च योजना परिषद ने इब्राहीमी मस्जिद और समीपवर्ती यहूदी बस्ती के लिए वे अधिकार अपने हाथ में ले लिए हैं। अरबी भाषा की रिपोर्टों के अनुसार, स्मोटरिच ने इसे “ओस्लो युग का अंत” और हेब्रोन पर व्यावहारिक संप्रभुता की ओर एक क़दम बताया, जबकि इज़राइली मीडिया ने नोट किया कि यह क़दम दिसंबर में ही सुरक्षा कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद उठाया गया था।

फ़िलिस्तीनी पक्ष ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय क़ानून और द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन बताया है। राष्ट्रपति महमूद अब्बास के कार्यालय ने चेतावनी दी कि इससे हेब्रोन की राजनीतिक और क़ानूनी स्थिति प्रभावित होती है। फ़िलिस्तीनी मीडिया ने इसे पवित्र स्थलों पर इज़राइली कब्ज़े को गहराने वाला क़दम बताया, जो पहले ही इब्राहीमी मस्जिद के भीतर पहुँच और प्रार्थना व्यवस्था को लेकर विवादों का केंद्र रही है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने रेखांकित किया कि यह स्थल यहूदी, मुस्लिम और ईसाई तीनों इब्राहीमी धर्मों के लिए पवित्र है, और इसके प्रशासन में कोई भी एकतरफ़ा बदलाव धार्मिक तनाव को जन्म दे सकता है।

वैश्विक स्तर पर यह घटनाक्रम पश्चिमी तट में इज़राइली बस्तियों के विस्तार और ओस्लो ढाँचे के क्षरण की व्यापक चिंता से जुड़ता है। यूरोपीय और अरब देशों ने पहले भी ऐसे क़दमों की आलोचना की है, जबकि अमेरिकी प्रतिक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है। दक्षिण एशिया, विशेषकर भारत के लिए, जो इज़राइल और फ़िलिस्तीन दोनों के साथ घनिष्ठ संबंध रखता है और दो-राज्य समाधान का समर्थक है, यह विकास पश्चिम एशिया शांति प्रक्रिया की नाज़ुक स्थिति को रेखांकित करता है। भारत ने परंपरागत रूप से यथास्थिति में एकतरफ़ा बदलावों का विरोध किया है, और हेब्रोन जैसे संवेदनशील स्थल पर प्रशासनिक अधिग्रहण से क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ सकता है, जिसका प्रभाव खाड़ी देशों में भारतीय प्रवासियों और ऊर्जा सुरक्षा जैसे हितों तक पहुँच सकता है।

आगे की राह अनिश्चित है। स्मोटरिच का बयान कट्टर दक्षिणपंथी गठबंधन के भीतर पूर्ण संप्रभुता की माँग को दर्शाता है, जबकि विदेश मंत्रालय का खंडन कूटनीतिक स्तर पर क्षति नियंत्रण का प्रयास लगता है। फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण के लिए यह एक और संकेत है कि अंतरिम समझौतों का युग समाप्त हो रहा है, जिससे ज़मीनी स्तर पर प्रतिरोध और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर क़ानूनी चुनौतियाँ तेज़ हो सकती हैं। हेब्रोन का मामला इस बात की याद दिलाता है कि पवित्र स्थलों पर नियंत्रण केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि पहचान और संप्रभुता का गहरा प्रतीकात्मक प्रश्न है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 1 भाषाएँ

32%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa europea continentaleStampa israeliana
Stampa europea continentale
indignazioneallarme

इज़राइल के दूर-दक्षिणपंथी वित्त मंत्री ने हेब्रोन के पवित्र स्थल पर फ़िलिस्तीनी नियंत्रण वापस लेने की घोषणा की, जिसकी फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण ने निंदा की। 1997 का समझौता, जो प्रबंधन फ़िलिस्तीनियों को सौंपता था, हाल के वर्षों में इज़राइल द्वारा धीरे-धीरे कमज़ोर किया गया है।

Stampa israeliana/ critica
scetticismodistacco

इज़राइली विदेश मंत्रालय ने मंत्री स्मोट्रिच के उस दावे का खंडन किया कि उन्होंने 1997 के हेब्रोन समझौते को रद्द कर दिया है, यह स्पष्ट करते हुए कि एकमात्र बदलाव नगरपालिका शक्तियों से संबंधित है। यह विरोधाभास पवित्र स्थलों के नियंत्रण पर आंतरिक दरार को उजागर करता है।

संबंधित लेख

और पढ़ें
अंतिम समाचार
रियल मैड्रिड ने बर्नार्डो सिल्वा के साथ दो साल का करार किया·रूस ने 2025 में 1,100 से अधिक विदेशियों को दिए 'पारंपरिक मूल्यों' के वीज़ा, जर्मनी-फ्रांस शीर्ष पर·G7 में ट्रंप-ज़ेलेंस्की की 'बहुत अच्छी' बैठक, रूस पर दबाव बढ़ाने का संकल्प·IEA ने 2026 तेल मांग अनुमान में भारी कटौती की, हॉर्मुज संकट से आपूर्ति दबाव में·बारिश और बाढ़ की चेतावनी से लेकर 40°C की गर्मी तक: उत्तरी गोलार्ध में मौसम का दोहरा प्रकोप·अमेरिका ने इंडो-पैसिफिक कमान का नाम बदलकर फिर से प्रशांत कमान किया·नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारिट का सफल फेफड़ा प्रत्यारोपण·खिलौनों और स्क्रीन की जंग: टॉय स्टोरी 5 में डिजिटल युग का आईना·रियल मैड्रिड ने बर्नार्डो सिल्वा के साथ दो साल का करार किया·रूस ने 2025 में 1,100 से अधिक विदेशियों को दिए 'पारंपरिक मूल्यों' के वीज़ा, जर्मनी-फ्रांस शीर्ष पर·G7 में ट्रंप-ज़ेलेंस्की की 'बहुत अच्छी' बैठक, रूस पर दबाव बढ़ाने का संकल्प·IEA ने 2026 तेल मांग अनुमान में भारी कटौती की, हॉर्मुज संकट से आपूर्ति दबाव में·बारिश और बाढ़ की चेतावनी से लेकर 40°C की गर्मी तक: उत्तरी गोलार्ध में मौसम का दोहरा प्रकोप·अमेरिका ने इंडो-पैसिफिक कमान का नाम बदलकर फिर से प्रशांत कमान किया·नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारिट का सफल फेफड़ा प्रत्यारोपण·खिलौनों और स्क्रीन की जंग: टॉय स्टोरी 5 में डिजिटल युग का आईना·
अपडेट 10:49 pm1 भाषा · 3 स्रोत
3 स्रोत|1 भाषा|3 मिनट पढ़ना
मंगलवार, 16 जून 2026

हिब्रू समझौता रद्द करने का दावा, विदेश मंत्रालय ने किया खंडन: हेब्रोन में इज़राइल का प्रशासनिक अधिग्रहण

वित्त मंत्री स्मोटरिच ने 1997 के हेब्रोन समझौते को रद्द करने की घोषणा की, लेकिन विदेश मंत्रालय ने इसे केवल योजना शक्तियों का हस्तांतरण बताया; फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण ने इस कदम की कड़ी निंदा की।

इज़राइल के वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोटरिच ने मंगलवार को एक नई बस्ती के शिलान्यास समारोह के दौरान दावा किया कि उन्होंने 1997 के हेब्रोन समझौते को रद्द कर दिया है और फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण से इब्राहीमी मस्जिद (यहूदियों के लिए कुलपिताओं की गुफ़ा) सहित पवित्र स्थलों की योजना एवं निर्माण की शक्तियाँ छीन ली हैं। हालाँकि, कुछ ही घंटों बाद इज़राइली विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि समझौता रद्द नहीं हुआ है, बल्कि कुछ महीने पहले सुरक्षा कैबिनेट ने केवल हेब्रोन की यहूदी विरासत स्थलों और यहूदी समुदाय से जुड़ी योजना शक्तियों को इज़राइली नियंत्रण में लेने का निर्णय लिया था। यह विरोधाभासी बयानबाज़ी एक ऐसे क़दम की राजनीतिक संवेदनशीलता को उजागर करती है जो पहले से ही तनावग्रस्त पश्चिमी तट में स्थिति को और भड़का सकता है।

हेब्रोन समझौता ओस्लो प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसके तहत शहर को दो भागों में बाँटा गया: 80 प्रतिशत H1 क्षेत्र फ़िलिस्तीनी नियंत्रण में और 20 प्रतिशत H2 क्षेत्र इज़राइली शासन के अधीन, जहाँ लगभग 800 यहूदी बसने वाले 40,000 फ़िलिस्तीनियों के बीच रहते हैं। समझौते ने पूरे शहर की योजना और निर्माण की ज़िम्मेदारी फ़िलिस्तीनी नगरपालिका को सौंपी थी, लेकिन अब इज़राइल के सर्वोच्च योजना परिषद ने इब्राहीमी मस्जिद और समीपवर्ती यहूदी बस्ती के लिए वे अधिकार अपने हाथ में ले लिए हैं। अरबी भाषा की रिपोर्टों के अनुसार, स्मोटरिच ने इसे “ओस्लो युग का अंत” और हेब्रोन पर व्यावहारिक संप्रभुता की ओर एक क़दम बताया, जबकि इज़राइली मीडिया ने नोट किया कि यह क़दम दिसंबर में ही सुरक्षा कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद उठाया गया था।

फ़िलिस्तीनी पक्ष ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय क़ानून और द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन बताया है। राष्ट्रपति महमूद अब्बास के कार्यालय ने चेतावनी दी कि इससे हेब्रोन की राजनीतिक और क़ानूनी स्थिति प्रभावित होती है। फ़िलिस्तीनी मीडिया ने इसे पवित्र स्थलों पर इज़राइली कब्ज़े को गहराने वाला क़दम बताया, जो पहले ही इब्राहीमी मस्जिद के भीतर पहुँच और प्रार्थना व्यवस्था को लेकर विवादों का केंद्र रही है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने रेखांकित किया कि यह स्थल यहूदी, मुस्लिम और ईसाई तीनों इब्राहीमी धर्मों के लिए पवित्र है, और इसके प्रशासन में कोई भी एकतरफ़ा बदलाव धार्मिक तनाव को जन्म दे सकता है।

वैश्विक स्तर पर यह घटनाक्रम पश्चिमी तट में इज़राइली बस्तियों के विस्तार और ओस्लो ढाँचे के क्षरण की व्यापक चिंता से जुड़ता है। यूरोपीय और अरब देशों ने पहले भी ऐसे क़दमों की आलोचना की है, जबकि अमेरिकी प्रतिक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है। दक्षिण एशिया, विशेषकर भारत के लिए, जो इज़राइल और फ़िलिस्तीन दोनों के साथ घनिष्ठ संबंध रखता है और दो-राज्य समाधान का समर्थक है, यह विकास पश्चिम एशिया शांति प्रक्रिया की नाज़ुक स्थिति को रेखांकित करता है। भारत ने परंपरागत रूप से यथास्थिति में एकतरफ़ा बदलावों का विरोध किया है, और हेब्रोन जैसे संवेदनशील स्थल पर प्रशासनिक अधिग्रहण से क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ सकता है, जिसका प्रभाव खाड़ी देशों में भारतीय प्रवासियों और ऊर्जा सुरक्षा जैसे हितों तक पहुँच सकता है।

आगे की राह अनिश्चित है। स्मोटरिच का बयान कट्टर दक्षिणपंथी गठबंधन के भीतर पूर्ण संप्रभुता की माँग को दर्शाता है, जबकि विदेश मंत्रालय का खंडन कूटनीतिक स्तर पर क्षति नियंत्रण का प्रयास लगता है। फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण के लिए यह एक और संकेत है कि अंतरिम समझौतों का युग समाप्त हो रहा है, जिससे ज़मीनी स्तर पर प्रतिरोध और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर क़ानूनी चुनौतियाँ तेज़ हो सकती हैं। हेब्रोन का मामला इस बात की याद दिलाता है कि पवित्र स्थलों पर नियंत्रण केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि पहचान और संप्रभुता का गहरा प्रतीकात्मक प्रश्न है।

स्रोतों में मतभेद

— · 3 स्रोत · 1 भाषा

32%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

न्यूनत्र20%
निंदक80%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 1 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa europea continentaleStampa israeliana
Stampa europea continentale
indignazioneallarme

इज़राइल के दूर-दक्षिणपंथी वित्त मंत्री ने हेब्रोन के पवित्र स्थल पर फ़िलिस्तीनी नियंत्रण वापस लेने की घोषणा की, जिसकी फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण ने निंदा की। 1997 का समझौता, जो प्रबंधन फ़िलिस्तीनियों को सौंपता था, हाल के वर्षों में इज़राइल द्वारा धीरे-धीरे कमज़ोर किया गया है।

Stampa israeliana/ critica
scetticismodistacco

इज़राइली विदेश मंत्रालय ने मंत्री स्मोट्रिच के उस दावे का खंडन किया कि उन्होंने 1997 के हेब्रोन समझौते को रद्द कर दिया है, यह स्पष्ट करते हुए कि एकमात्र बदलाव नगरपालिका शक्तियों से संबंधित है। यह विरोधाभास पवित्र स्थलों के नियंत्रण पर आंतरिक दरार को उजागर करता है।

यह समाचार यहाँ छपा

3 स्रोत · 1 भाषा

संबंधित लेख

खेल

लियोनेल मेस्सी का ऐतिहासिक हैट्रिक: क्लोज़ के 16 गोल के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी

9 भाषाएँ · 50 स्रोत

Defense & Security

रूसी युद्धपोत ने इंग्लिश चैनल में ब्रिटिश नौका पर चेतावनी गोलियां चलाईं

9 भाषाएँ · 22 स्रोत

अपराध एवं आपदा

टेक्सास हाईवे पर बिजनेस जेट दुर्घटना: एक की मौत, चश्मदीदों ने जान जोखिम में डालकर बचाए लोग

8 भाषाएँ · 24 स्रोत

और पढ़ें