
वैश्विक दबाव के बीच श्रमिकों के बकाये पर ईरान से इंडोनेशिया तक चिंता
ईरानी श्रमिक नेता ने बिना वेतन दो माह से अधिक न झेल पाने की चेतावनी दी, जबकि इंडोनेशिया, भारत और अमेरिका में श्रम अधिकारों व बकाया भुगतान पर नए कदम उठ रहे हैं।
ईरान में श्रमिक प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि महीनों से लंबित वेतन के कारण मजदूरों की आर्थिक सहनशक्ति दो माह से अधिक नहीं टिक पाएगी, जिससे गर्मियों के अंत तक सामाजिक अशांति की आशंका है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक आर्थिक दबावों के चलते इंडोनेशिया से लेकर अमेरिका तक श्रमिकों के अधिकारों और बकाया भुगतानों को लेकर कानूनी व नीतिगत हलचल तेज है।
ईरानी श्रम कार्यकर्ताओं के अनुसार, युद्धविराम के बाद कई उत्पादन एवं सेवा इकाइयों ने पुराने कर्मचारियों को वापस बुलाया, लेकिन जून-जुलाई का वेतन अभी तक नहीं चुकाया गया। हाउस ऑफ वर्कर्स के एक अधिकारी ने बताया कि वर्षों के वेतन दमन के कारण अधिकांश श्रमिक पहले ही गरीबी रेखा से नीचे जी रहे हैं, ऐसे में बिना तनख्वाह दो महीने से अधिक गुजारा करना असंभव है। उन्होंने सरकार से पूर्वी और पश्चिमी व्यापार मार्गों पर सीमा शुल्क छूट देकर कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करने और मुनाफाखोरी करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ सख्त निरीक्षण की मांग की। वहीं एक ईरानी अर्थशास्त्री ने जोर देकर कहा कि बाजार में वस्तुओं की कमी नहीं है, लेकिन कीमतें बढ़ने से क्रय शक्ति तेजी से घटी है, इसलिए सरकार को मूल्य नियंत्रण और निम्न आय वर्ग के लिए खाद्य सब्सिडी जैसे कदम उठाने चाहिए।
इंडोनेशिया में पुलिस मुख्यालय की श्रम इकाई ने स्वीकार किया कि वैश्विक आर्थिक हालात में छंटनी को टाला नहीं जा सकता, लेकिन साथ ही यह सुनिश्चित करने की बात कही कि कंपनियां विच्छेद वेतन समेत श्रमिकों के सभी अधिकारों का भुगतान करें। उप-श्रम मंत्री ने बताया कि सरकार ने 2026 के लिए लगभग 50,000 लोगों के पुनर्कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की है और सभी प्रशिक्षण केंद्र छंटनी प्रभावितों को प्रशिक्षित करने के लिए तैयार हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि औद्योगिक विवादों की मध्यस्थता के लिए राष्ट्रीय स्तर से लेकर जिला स्तर तक श्रम डेस्क स्थापित किए गए हैं।
भारत में नए श्रम संहिता के तहत इस्तीफे या बर्खास्तगी पर देय वेतन का भुगतान दो कार्य दिवसों के भीतर करने का प्रावधान किया गया है, हालांकि पूर्ण एवं अंतिम निपटान में छुट्टी नकदीकरण, ग्रेच्युटी और बोनस जैसे घटकों के लिए अलग-अलग समयसीमाएं लागू रहेंगी। अमेरिका में संघीय कानून किसी एक ऋण के लिए वेतन कटौती के आधार पर कर्मचारी को नौकरी से निकालने पर रोक लगाता है, लेकिन यदि एक से अधिक असंबद्ध ऋणों के लिए कटौती चल रही हो तो यह संरक्षण समाप्त हो जाता है। कई राज्यों ने इससे कड़े प्रावधान बनाए हैं।
ईरानी श्रम नेता ने आगाह किया कि यदि सरकार विशेष आर्थिक या गैर-आर्थिक उपायों के जरिए स्थिति नहीं बदलती, तो गर्मियों के अंत तक व्यापक असंतोष देखने को मिल सकता है। इंडोनेशियाई सरकार प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से छंटनी के प्रभाव को कम करने की योजना बना रही है, जबकि भारत में श्रम संहिता की अधिसूचना के बाद ही नए प्रावधान लागू होंगे। अमेरिकी परिदृश्य में कर्जदारों के लिए निपटान वार्ता एक विकल्प बना हुआ है। फिलहाल, विभिन्न देशों में श्रमिकों के बकाया भुगतान और रोजगार सुरक्षा का मसला अनसुलझा है और आने वाले महीनों में नीतिगत कदमों पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −0.70 | critical |
|---|---|---|
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | 0.00 | neutral |
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
ईरानी श्रमिक बकाया वेतन के संचय से पीड़ित हैं जबकि सरकार कोई समाधान नहीं देती।
कथा दैनिक पीड़ा और राज्य की अक्षमता पर जोर देती है, अनिश्चितता को एक अपरिहार्य स्थिति बनाती है।
यह श्रमिकों के वेतन का दावा करने के लिए कानूनी रास्तों का उल्लेख नहीं करता, न ही मुद्रास्फीति और ऋण के वैश्विक संदर्भ का जो अन्य देशों को प्रभावित करता है।
इंडोनेशियाई पुलिस कहती है कि छंटनी अपरिहार्य है और कंपनियों को अधिकारों का भुगतान करना होगा।
यह अनिश्चितता को वैश्वीकरण के अपरिहार्य परिणाम के रूप में सामान्य करता है, ध्यान कानूनी अनुपालन पर स्थानांतरित करता है।
यह संरचनात्मक कारणों या श्रमिक पीड़ा को छोड़ देता है, ईरानी ब्लॉक के विपरीत।
लेनदार निर्णयों को नवीनीकृत कर सकते हैं और नियोक्ता गार्निशमेंट के लिए निकाल सकते हैं, जिससे देनदार बिना सुरक्षा के रह जाते हैं।
यह अनिश्चितता को एक व्यक्तिगत ऋण प्रबंधन समस्या के रूप में प्रस्तुत करता है, व्यापक आर्थिक कारणों को अनदेखा करता है।
यह युद्ध या सरकारी नीतियों की भूमिका को छोड़ देता है, ईरानी ब्लॉक के विपरीत।
भारतीय श्रमिकों को पिछले नियोक्ता से अंतिम निपटान की प्रतीक्षा करनी होती है, लेकिन कानून सटीक शर्तें निर्धारित करता है।
यह देरी को एक प्रशासनिक मामले के रूप में सामान्य करता है, बिना प्रणाली की आलोचना किए।
यह युद्ध या वैश्विक संकट को छोड़ देता है, ईरानी ब्लॉक के विपरीत।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
ट्रंप ने कहा- मोरक्को ने मेरे नाम पर बनाया हाइवे, पश्चिमी सहारा विवाद पर नई बहस
7 भाषाएँ · 11 स्रोत
Economy & Markets सेCXMT का शेयर 500% उछला, चीन की सबसे बड़ी कंपनी बनी
3 भाषाएँ · 7 स्रोत
Technology सेचीन की बहुआयामी AI कूटनीति: 5,000 प्रशिक्षण कार्यक्रम और नए सहयोग केंद्र
3 भाषाएँ · 4 स्रोत