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जब एक कारीगर की टॉय स्टोरी मग्स ने स्क्रीन पार कर दिल जीतेलेबनान में युद्धविराम के बावजूद इज़रायली हमले जारी, कई मरे; अमेरिका-ईरान समझौते पर ख़तरास्पेन के प्रधानमंत्री की पत्नी पर मुकदमा चलेगा, पासपोर्ट जब्त और देश छोड़ने पर रोकतीन मिनट का ठहराव: हाइड्रेशन ब्रेक ने बदला खेल, बहस और बाजार का मिजाजअल्जीरिया-मोरक्को में 45 डिग्री पार, फ्रांस में 43°C तक लू का कहर; ईरान में भीषण गर्मी और तूफान की चेतावनीलीबिया तट पर प्रवासी नाव त्रासदी: 16 शव बरामद, 35 से अधिक लापतामेक्सिको में मिले 'पहले कभी न देखे गए' प्राचीन खंडहर, माया प्रभाव के संकेतफ्रांस में विमान दुर्घटना में यूबीसॉफ्ट के सह-संस्थापक क्लोद गियमो की मौतजब एक कारीगर की टॉय स्टोरी मग्स ने स्क्रीन पार कर दिल जीतेलेबनान में युद्धविराम के बावजूद इज़रायली हमले जारी, कई मरे; अमेरिका-ईरान समझौते पर ख़तरास्पेन के प्रधानमंत्री की पत्नी पर मुकदमा चलेगा, पासपोर्ट जब्त और देश छोड़ने पर रोकतीन मिनट का ठहराव: हाइड्रेशन ब्रेक ने बदला खेल, बहस और बाजार का मिजाजअल्जीरिया-मोरक्को में 45 डिग्री पार, फ्रांस में 43°C तक लू का कहर; ईरान में भीषण गर्मी और तूफान की चेतावनीलीबिया तट पर प्रवासी नाव त्रासदी: 16 शव बरामद, 35 से अधिक लापतामेक्सिको में मिले 'पहले कभी न देखे गए' प्राचीन खंडहर, माया प्रभाव के संकेतफ्रांस में विमान दुर्घटना में यूबीसॉफ्ट के सह-संस्थापक क्लोद गियमो की मौत
विज्ञान और स्वास्थ्यबुधवार, 17 जून 2026

सेहत के झूठे वादे और छिपे खतरे: वजन घटाने से लेकर इंस्टेंट नूडल्स तक की सच्चाई

दुनिया भर में बढ़ती प्रोसेस्ड फूड की लत, वजन घटाने के भ्रामक दावे और नए पोषण शोध जो सेहत के अनदेखे पहलुओं को उजागर कर रहे हैं।

वैश्विक खाद्य बाजार एक अजीब विरोधाभास से गुज़र रहा है। एक ओर जहाँ विश्व स्वास्थ्य संगठन चेतावनी दे रहा है कि औसत वयस्क प्रतिदिन 11 ग्राम नमक खा रहा है—सुरक्षित सीमा से दोगुना—और इस अतिरिक्त सोडियम से हर साल 17 लाख लोग उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और स्ट्रोक से मर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इंस्टेंट नूडल्स का वैश्विक बाज़ार 2032 तक 98 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। यह बढ़त सिर्फ सस्तेपन या सुविधा का नतीजा नहीं, बल्कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड भोजन की लत का संकेत है। सुबह के सीरियल जो “हाई फाइबर” और “विटामिन से भरपूर” होने का दावा करते हैं, अक्सर चीनी और नमक से लबरेज़ होते हैं, जैसा कि न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी की प्रोफ़ेसर मैरियन नेस्ले ने आगाह किया है। बच्चों और किशोरों में गुल, गरम और लेमक (जीजीएल) की अधिकता मोटापे की बढ़ती दरों को हवा दे रही है, जो आगे चलकर मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियों की नींव रखती है।

वज़न घटाने की चाहत में लोग अक्सर खतरनाक शॉर्टकट अपनाते हैं। जकार्ता के आरएससीएम अस्पताल के एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. डिकी तहपारी बताते हैं कि बाज़ार में मिलने वाले पिल्स, गमीज़ और ड्रिंक्स तेज़ी से वज़न तो घटाते हैं, लेकिन इस दौरान शरीर से चर्बी नहीं, बल्कि पानी और मांसपेशियाँ कम होती हैं। चेन्नई के फिटनेस कोच राज गणपथ भी आगाह करते हैं कि बहुत कम कैलोरी खाने से मेटाबॉलिज़्म धीमा पड़ता है, मांसपेशियाँ टूटती हैं और हार्मोन असंतुलन के चलते वज़न उल्टा बढ़ सकता है। इसके विपरीत, ईरानी विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई पाँच सरल आदतें—प्रोटीन और फाइबर का संतुलन, भोजन डायरी, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन और प्राकृतिक खाद्य पदार्थ—बिना भूखे रहे स्थायी परिणाम दे सकती हैं। दिलचस्प बात यह है कि वज़न घटाने वाली दवाओं पर हालिया अध्ययन ने स्तन कैंसर के जोखिम को समझने में नई खिड़की खोली है, क्योंकि ये दवाएँ वसा ऊतकों के हार्मोन उत्पादन को प्रभावित करती हैं।

पोषण विज्ञान के नए आयाम लगातार सामने आ रहे हैं। कन्सास विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में अल्ज़ाइमर रोगियों को क्रिएटिन सप्लीमेंट देने पर कार्यशील स्मृति और कार्यकारी क्षमताओं में सुधार देखा गया, हालाँकि शोधकर्ता बड़े परीक्षणों की ज़रूरत पर ज़ोर देते हैं। वहीं, ‘एजिंग-यूएस’ जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन ने चेतावनी दी है कि टायरोसिन नामक अमीनो एसिड का उच्च स्तर पुरुषों की जीवन प्रत्याशा को छोटा कर सकता है—यह वही पोषक तत्व है जो मांस, मछली और डेयरी में पाया जाता है और ध्यान केंद्रित करने के लिए सप्लीमेंट के रूप में बेचा जाता है। पाचन स्वास्थ्य की अनदेखी भी भारी पड़ती है; जावा पोस की रिपोर्ट के अनुसार, भोजन को ठीक से चबाना और नियमित दिनचर्या जैसे छोटे उपाय आंतों को साफ रखकर सुस्ती, कब्ज़ और पेट फूलने से बचा सकते हैं।

भविष्य की खाद्य प्रणाली टिकाऊ विकल्पों की तलाश कर रही है। मीडिया इंडोनेशिया की एक रिपोर्ट बताती है कि कीट-आधारित भोजन का स्वाद लोगों की अपेक्षा से कहीं बेहतर निकला, लेकिन मनोवैज्ञानिक घृणा इसे अपनाने में सबसे बड़ी बाधा है। दूसरी ओर, इंस्टेंट नूडल्स और मीठे सीरियल जैसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड उत्पाद अपनी लत पैदा करने वाली बनावट और स्वाद के कारण बाज़ार पर राज कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पष्ट पोषण लेबलिंग, बच्चों को लक्षित करने वाले विज्ञापनों पर सख्ती और स्कूलों में खाद्य शिक्षा अनिवार्य करने जैसे नीतिगत कदम ज़रूरी हैं। आखिरकार, सेहत का रास्ता न तो अंधाधुंध परहेज़ में है और न ही बिना सोचे-समझे खाने में, बल्कि जागरूकता, संतुलन और वैज्ञानिक समझ पर टिका है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 4 भाषाएँ

57%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
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allarmescetticismoindignazione

वैश्विक खाद्य प्रवृत्तियाँ खतरों को छिपाती हैं: स्लिमिंग उत्पाद त्वरित परिणाम का वादा करते हैं लेकिन स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाते हैं, रोज़मर्रा के मसालों और नाश्ते के अनाज में नमक और चीनी की खतरनाक मात्रा छिपी होती है, और यहाँ तक कि लोकप्रिय मोटापा-रोधी दवाएँ भी अप्रत्याशित दुष्प्रभाव दिखाती हैं। उपभोक्ताओं को खाद्य उद्योग द्वारा बनाए गए भ्रमों से सावधान रहने और छिपे जोखिमों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

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pragmatismodistacco

ध्यान क्रिएटिन जैसे पोषण पूरकों की मस्तिष्क गतिविधि को बढ़ाने की क्षमता पर है, जिसमें अल्जाइमर रोगियों पर हाल के अध्ययन नई संभावनाएँ खोल रहे हैं। आहार संबंधी चेतावनी भरे बयानों के बजाय, यह चर्चा एक आशावादी, विज्ञान-आधारित स्वर अपनाती है, यह सुझाव देते हुए कि लक्षित पोषण संज्ञानात्मक स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है।

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जब एक कारीगर की टॉय स्टोरी मग्स ने स्क्रीन पार कर दिल जीते·लेबनान में युद्धविराम के बावजूद इज़रायली हमले जारी, कई मरे; अमेरिका-ईरान समझौते पर ख़तरा·स्पेन के प्रधानमंत्री की पत्नी पर मुकदमा चलेगा, पासपोर्ट जब्त और देश छोड़ने पर रोक·तीन मिनट का ठहराव: हाइड्रेशन ब्रेक ने बदला खेल, बहस और बाजार का मिजाज·अल्जीरिया-मोरक्को में 45 डिग्री पार, फ्रांस में 43°C तक लू का कहर; ईरान में भीषण गर्मी और तूफान की चेतावनी·लीबिया तट पर प्रवासी नाव त्रासदी: 16 शव बरामद, 35 से अधिक लापता·मेक्सिको में मिले 'पहले कभी न देखे गए' प्राचीन खंडहर, माया प्रभाव के संकेत·फ्रांस में विमान दुर्घटना में यूबीसॉफ्ट के सह-संस्थापक क्लोद गियमो की मौत·जब एक कारीगर की टॉय स्टोरी मग्स ने स्क्रीन पार कर दिल जीते·लेबनान में युद्धविराम के बावजूद इज़रायली हमले जारी, कई मरे; अमेरिका-ईरान समझौते पर ख़तरा·स्पेन के प्रधानमंत्री की पत्नी पर मुकदमा चलेगा, पासपोर्ट जब्त और देश छोड़ने पर रोक·तीन मिनट का ठहराव: हाइड्रेशन ब्रेक ने बदला खेल, बहस और बाजार का मिजाज·अल्जीरिया-मोरक्को में 45 डिग्री पार, फ्रांस में 43°C तक लू का कहर; ईरान में भीषण गर्मी और तूफान की चेतावनी·लीबिया तट पर प्रवासी नाव त्रासदी: 16 शव बरामद, 35 से अधिक लापता·मेक्सिको में मिले 'पहले कभी न देखे गए' प्राचीन खंडहर, माया प्रभाव के संकेत·फ्रांस में विमान दुर्घटना में यूबीसॉफ्ट के सह-संस्थापक क्लोद गियमो की मौत·
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बुधवार, 17 जून 2026

सेहत के झूठे वादे और छिपे खतरे: वजन घटाने से लेकर इंस्टेंट नूडल्स तक की सच्चाई

दुनिया भर में बढ़ती प्रोसेस्ड फूड की लत, वजन घटाने के भ्रामक दावे और नए पोषण शोध जो सेहत के अनदेखे पहलुओं को उजागर कर रहे हैं।

वैश्विक खाद्य बाजार एक अजीब विरोधाभास से गुज़र रहा है। एक ओर जहाँ विश्व स्वास्थ्य संगठन चेतावनी दे रहा है कि औसत वयस्क प्रतिदिन 11 ग्राम नमक खा रहा है—सुरक्षित सीमा से दोगुना—और इस अतिरिक्त सोडियम से हर साल 17 लाख लोग उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और स्ट्रोक से मर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इंस्टेंट नूडल्स का वैश्विक बाज़ार 2032 तक 98 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। यह बढ़त सिर्फ सस्तेपन या सुविधा का नतीजा नहीं, बल्कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड भोजन की लत का संकेत है। सुबह के सीरियल जो “हाई फाइबर” और “विटामिन से भरपूर” होने का दावा करते हैं, अक्सर चीनी और नमक से लबरेज़ होते हैं, जैसा कि न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी की प्रोफ़ेसर मैरियन नेस्ले ने आगाह किया है। बच्चों और किशोरों में गुल, गरम और लेमक (जीजीएल) की अधिकता मोटापे की बढ़ती दरों को हवा दे रही है, जो आगे चलकर मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियों की नींव रखती है।

वज़न घटाने की चाहत में लोग अक्सर खतरनाक शॉर्टकट अपनाते हैं। जकार्ता के आरएससीएम अस्पताल के एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. डिकी तहपारी बताते हैं कि बाज़ार में मिलने वाले पिल्स, गमीज़ और ड्रिंक्स तेज़ी से वज़न तो घटाते हैं, लेकिन इस दौरान शरीर से चर्बी नहीं, बल्कि पानी और मांसपेशियाँ कम होती हैं। चेन्नई के फिटनेस कोच राज गणपथ भी आगाह करते हैं कि बहुत कम कैलोरी खाने से मेटाबॉलिज़्म धीमा पड़ता है, मांसपेशियाँ टूटती हैं और हार्मोन असंतुलन के चलते वज़न उल्टा बढ़ सकता है। इसके विपरीत, ईरानी विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई पाँच सरल आदतें—प्रोटीन और फाइबर का संतुलन, भोजन डायरी, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन और प्राकृतिक खाद्य पदार्थ—बिना भूखे रहे स्थायी परिणाम दे सकती हैं। दिलचस्प बात यह है कि वज़न घटाने वाली दवाओं पर हालिया अध्ययन ने स्तन कैंसर के जोखिम को समझने में नई खिड़की खोली है, क्योंकि ये दवाएँ वसा ऊतकों के हार्मोन उत्पादन को प्रभावित करती हैं।

पोषण विज्ञान के नए आयाम लगातार सामने आ रहे हैं। कन्सास विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में अल्ज़ाइमर रोगियों को क्रिएटिन सप्लीमेंट देने पर कार्यशील स्मृति और कार्यकारी क्षमताओं में सुधार देखा गया, हालाँकि शोधकर्ता बड़े परीक्षणों की ज़रूरत पर ज़ोर देते हैं। वहीं, ‘एजिंग-यूएस’ जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन ने चेतावनी दी है कि टायरोसिन नामक अमीनो एसिड का उच्च स्तर पुरुषों की जीवन प्रत्याशा को छोटा कर सकता है—यह वही पोषक तत्व है जो मांस, मछली और डेयरी में पाया जाता है और ध्यान केंद्रित करने के लिए सप्लीमेंट के रूप में बेचा जाता है। पाचन स्वास्थ्य की अनदेखी भी भारी पड़ती है; जावा पोस की रिपोर्ट के अनुसार, भोजन को ठीक से चबाना और नियमित दिनचर्या जैसे छोटे उपाय आंतों को साफ रखकर सुस्ती, कब्ज़ और पेट फूलने से बचा सकते हैं।

भविष्य की खाद्य प्रणाली टिकाऊ विकल्पों की तलाश कर रही है। मीडिया इंडोनेशिया की एक रिपोर्ट बताती है कि कीट-आधारित भोजन का स्वाद लोगों की अपेक्षा से कहीं बेहतर निकला, लेकिन मनोवैज्ञानिक घृणा इसे अपनाने में सबसे बड़ी बाधा है। दूसरी ओर, इंस्टेंट नूडल्स और मीठे सीरियल जैसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड उत्पाद अपनी लत पैदा करने वाली बनावट और स्वाद के कारण बाज़ार पर राज कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पष्ट पोषण लेबलिंग, बच्चों को लक्षित करने वाले विज्ञापनों पर सख्ती और स्कूलों में खाद्य शिक्षा अनिवार्य करने जैसे नीतिगत कदम ज़रूरी हैं। आखिरकार, सेहत का रास्ता न तो अंधाधुंध परहेज़ में है और न ही बिना सोचे-समझे खाने में, बल्कि जागरूकता, संतुलन और वैज्ञानिक समझ पर टिका है।

स्रोतों में मतभेद

विज्ञान और स्वास्थ्य · 7 स्रोत · 4 भाषाएँ

57%उच्च

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

समर्थक29%
न्यूनत्र14%
निंदक57%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 4 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
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Stampa sud-est asiatica
allarmescetticismoindignazione

वैश्विक खाद्य प्रवृत्तियाँ खतरों को छिपाती हैं: स्लिमिंग उत्पाद त्वरित परिणाम का वादा करते हैं लेकिन स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाते हैं, रोज़मर्रा के मसालों और नाश्ते के अनाज में नमक और चीनी की खतरनाक मात्रा छिपी होती है, और यहाँ तक कि लोकप्रिय मोटापा-रोधी दवाएँ भी अप्रत्याशित दुष्प्रभाव दिखाती हैं। उपभोक्ताओं को खाद्य उद्योग द्वारा बनाए गए भ्रमों से सावधान रहने और छिपे जोखिमों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

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pragmatismodistacco

ध्यान क्रिएटिन जैसे पोषण पूरकों की मस्तिष्क गतिविधि को बढ़ाने की क्षमता पर है, जिसमें अल्जाइमर रोगियों पर हाल के अध्ययन नई संभावनाएँ खोल रहे हैं। आहार संबंधी चेतावनी भरे बयानों के बजाय, यह चर्चा एक आशावादी, विज्ञान-आधारित स्वर अपनाती है, यह सुझाव देते हुए कि लक्षित पोषण संज्ञानात्मक स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है।

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