
ज़िदान ने फ़्रांस की कमान संभाली: 2030 तक अनुबंध की ख़बरों से फ़ुटबॉल जगत में हलचल
फ़ैब्रीज़ियो रोमानो की रिपोर्ट के अनुसार ज़िनेदिन ज़िदान ने फ़्रांस के राष्ट्रीय कोच के रूप में 2030 तक का करार कर लिया है, हालांकि फ़्रांसीसी फ़ुटबॉल महासंघ ने अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मंगलवार को इतालवी स्थानांतरण विशेषज्ञ फ़ैब्रीज़ियो रोमानो ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर दावा किया कि ज़िनेदिन ज़िदान ने फ़्रांस की राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम के मुख्य कोच के रूप में जून 2030 तक का अनुबंध कर लिया है। यह ख़बर यूरोपीय और अरब मीडिया में तेज़ी से फैल गई, जिसमें जर्मनी के 'बिल्ड' से लेकर मोरक्को के 'हेस्प्रेस' और संयुक्त अरब अमीरात के 'स्काई न्यूज़ अरबिया' तक शामिल हैं। हालाँकि, फ़्रांसीसी फ़ुटबॉल महासंघ ने अभी तक इस नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रोमानो के अनुसार, मौखिक सहमति पिछले नवंबर में ही बन गई थी और जल्द ही ज़िदान को औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
यह नियुक्ति दीदिएर देशाँ के 14 वर्षों के लंबे कार्यकाल के बाद हो रही है, जिन्होंने 2012 से टीम की कमान संभाली थी। देशाँ के नेतृत्व में फ़्रांस ने 2018 विश्व कप जीता, 2021 नेशंस लीग का ख़िताब अपने नाम किया और 2022 विश्व कप में उपविजेता रहा। हाल ही में संपन्न विश्व कप में टीम सेमीफ़ाइनल में स्पेन से 0-2 से हारकर बाहर हुई और फिर तीसरे स्थान के मुक़ाबले में इंग्लैंड से 4-6 से पराजित रही। इस टूर्नामेंट में किलियन एम्बापे ने 10 गोल करके सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। फ़्रांसीसी महासंघ ने देशाँ के योगदान को सराहते हुए कहा कि उन्होंने "उत्कृष्टता, अनुशासन और टीम भावना" का प्रतिनिधित्व किया।
ज़िदान का कोचिंग करियर अब तक केवल रियल मैड्रिड तक सीमित रहा है, जहाँ उन्होंने 2016-2018 और 2019-2021 के बीच दो कार्यकालों में तीन चैंपियंस लीग ख़िताब और दो ला लीगा ट्रॉफ़ी जीतीं। एक खिलाड़ी के रूप में वह 1998 विश्व कप और 2000 यूरोपीय चैंपियनशिप जीतने वाली फ़्रांसीसी टीम के अहम सदस्य थे, और 2006 विश्व कप फ़ाइनल में मार्को मातेराज़ी को हेडबट करने के कारण लाल कार्ड पाकर अपने करियर का अंत किया था। अब, 54 वर्ष की आयु में, वह पहली बार किसी राष्ट्रीय टीम का कोच बनने जा रहे हैं। फ़्रांसीसी अख़बार 'ले पेरिसियन' के अनुसार, उनके साथ लंबे समय से सहयोगी रहे डेविड बेट्टोनी सहायक कोच की भूमिका में होंगे।
रिपोर्टों के मुताबिक़, ज़िदान का पहला मैच 25 सितंबर को नेशंस लीग में तुर्की के ख़िलाफ़ होगा, जबकि घरेलू शुरुआत 2 अक्टूबर को इटली के विरुद्ध होने की संभावना है। इस दीर्घकालिक अनुबंध का लक्ष्य 2028 यूरोपीय चैंपियनशिप और 2030 विश्व कप में टीम को सफलता दिलाना है। देशाँ और ज़िदान दोनों 1998 की विश्व विजेता टीम का हिस्सा थे, और अब यह जोड़ी कोचिंग की कमान सौंपने के प्रतीकात्मक क्षण में बंध रही है। हालाँकि, जब तक फ़्रांसीसी महासंघ आधिकारिक मुहर नहीं लगाता, यह ख़बर अटकलों के दायरे में ही रहेगी।
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | +0.60 | aligned |
|---|---|---|
| इज़राइली प्रेस | 0.00 | neutral |
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | 0.00 | neutral |
जर्मनी जिदान के आगमन को फ्रांसीसी फुटबॉल के लिए एक विजय के रूप में मनाता है, और शीर्ष क्लबों के प्रस्तावों को ठुकराने के उनके निर्णय पर प्रकाश डालता है।
सनसनीखेज भाषा का उपयोग और 'ट्रांसफर गुरु' का हवाला देकर निश्चितता और उत्साह का माहौल बनाया जाता है, जो एक सामान्य समाचार को एक ऐतिहासिक घटना में बदल देता है।
फ्रांस के हालिया विश्व कप से बाहर होने के विवरण का उल्लेख नहीं किया गया है, जो उत्साह को कम कर सकता था।
इज़राइल इस खबर को तटस्थता से प्रस्तुत करता है, लेकिन फ्रांस की हालिया निराशाओं और एम्बाप्पे की व्यक्तिगत सफलता पर जोर देता है, जिससे संकेत मिलता है कि कोचिंग परिवर्तन एक निराशाजनक टूर्नामेंट के बाद हुआ है।
एम्बाप्पे के गोलों और टीम के परिणाम पर विस्तृत आँकड़े शामिल करने से ध्यान नए कोच से हटकर पिछले प्रदर्शनों पर केंद्रित हो जाता है, जिससे विफलता के बाद संक्रमण की कहानी बनती है।
ज़िदान की नियुक्ति के लिए लंबे इंतजार और नवंबर में पहले से हुए समझौते का उल्लेख नहीं किया गया है, जो हार पर तत्काल प्रतिक्रिया की धारणा को कम कर सकता था।
अरब दुनिया इस खबर को अधिकार के साथ प्रस्तुत करती है, स्थापित स्रोतों पर भरोसा करते हुए, और नियुक्ति को एक स्वाभाविक और अपेक्षित घटना के रूप में चित्रित करती है, बिना किसी भावनात्मक जोर के।
अनुबंध विवरण की पुनरावृत्ति और रोमानो और लेकिप जैसे आधिकारिक स्रोतों का संदर्भ समाचार को विश्वसनीयता और सामान्यता प्रदान करता है, किसी भी सनसनीखेजी से बचता है।
एम्बाप्पे के रिकॉर्ड और फ्रांस की हालिया हार का उल्लेख नहीं किया गया है, ऐसे तत्व जो संकट या व्यक्तिगत विजय का आयाम जोड़ सकते थे।
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