
यूक्रेनी ड्रोन हमलों से रूस में ईंधन संकट, क्रेमलिन ने आयात की बात स्वीकारी
रूस के कई क्षेत्रों में पेट्रोल-डीज़ल की क़िल्लत, क्रीमिया में आपातकाल; यूक्रेन के हमलों के बाद क्रेमलिन विदेशों से ईंधन ख़रीदने पर विचार कर रहा है।
यूक्रेन द्वारा रूसी तेल अवसंरचना पर तेज़ किए गए ड्रोन हमलों के कारण रूस के विस्तृत इलाक़ों में ईंधन की भारी कमी हो गई है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्वयं स्वीकार किया कि इन हमलों से “कुछ कमी” पैदा हुई है, हालाँकि उन्होंने इसे “गंभीर नहीं” बताया। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पुष्टि की कि मॉस्को अन्य देशों के साथ “स्वीकार्य मूल्यों” पर ईंधन आयात करने के लिए बातचीत कर रहा है। 2014 में रूस द्वारा अधिकृत क्रीमिया प्रायद्वीप में हालात सबसे ख़राब हैं, जहाँ आपातकाल घोषित कर निजी वाहनों को ईंधन बेचना बंद कर दिया गया है और बिजली कटौती लागू है। मॉस्को, साइबेरिया के इरकुत्स्क और सुदूर पूर्व के व्लादिवोस्तोक तक पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और राशनिंग की ख़बरें हैं।
यूक्रेनी अधिकारियों के सार्वजनिक बयानों के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य रूसी सेना की ईंधन आपूर्ति को बाधित करना और क्रेमलिन के युद्ध प्रयासों को वित्तपोषित करने वाले हाइड्रोकार्बन राजस्व को कम करना है। कीव ने पिछले कुछ महीनों में रूस की दस सबसे बड़ी रिफ़ाइनरियों में से आठ को निशाना बनाया है, साथ ही तेल डिपो और आपूर्ति मार्गों पर भी हमले किए हैं। दूसरी ओर, क्रेमलिन के प्रवक्ता ने इस संकट के लिए आंशिक रूप से “अचानक बढ़ी माँग” और नागरिकों की चिंता को ज़िम्मेदार ठहराया, और कहा कि आयात बाज़ार को स्थिर करने का एक क़दम होगा। पुतिन ने वायु रक्षा क्षमताएँ बढ़ाने और विशेषकर क्रीमिया में ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने को प्राथमिकता बताया।
इस संकट के ठोस परिणाम रूसी नागरिकों के दैनिक जीवन में दिख रहे हैं। क्रीमिया में पर्यटकों की आमद घटी है और ग्रीष्मकालीन शिविरों से बच्चों को वापस भेजा जा रहा है। कई क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन ने निजी ख़रीद पर सीमाएँ लगा दी हैं या नंबर प्लेट के आधार पर राशनिंग शुरू कर दी है। स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, युद्ध के लिए सैनिक भर्ती और क्षेत्रीय बजट पर दबाव के कारण भी जनता में असंतोष बढ़ रहा है। इसी बीच, यूरोपीय संघ ने यूक्रेन को ड्रोन ख़रीद के लिए 3.9 अरब यूरो की पहली किश्त जारी कर दी है, जो पश्चिमी देशों की ओर से कीव की सैन्य क्षमता को लगातार मज़बूत करने का संकेत है।
राजनयिक मोर्चे पर, अमेरिकी मध्यस्थता वाले युद्धविराम प्रयास फ़िलहाल रुके हुए हैं। पुतिन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वाशिंगटन के ईरान के साथ मध्य-पूर्व संघर्ष पर समझौता हो जाने के बाद अमेरिकी वार्ताकार मॉस्को आएंगे। रूस ने अपने ईंधन भंडार का उपयोग शुरू कर दिया है और डीज़ल निर्यात पर प्रतिबंध लगाने पर भी विचार कर रहा है। यह मामला अभी खुला है, और अगले ठोस क़दमों में रूस के आयात समझौतों की घोषणा तथा यूक्रेनी हमलों का जारी रहना शामिल हो सकता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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