
वाइल्डबेरीज गोदामों पर ड्रोन हमले के बाद परिचालन बहाली और मुआवजे पर विवाद
यूक्रेनी ड्रोन हमलों में आठ लोगों की मौत के बाद वाइल्डबेरीज ने कोटोव्स्क गोदाम 23 जुलाई से फिर खोलने की घोषणा की, जबकि विक्रेता माल निकालने में असमर्थ हैं और मुआवजे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
18 जुलाई की रात यूक्रेनी ड्रोनों ने रूस के दो प्रमुख लॉजिस्टिक केंद्रों—तांबोव क्षेत्र के कोटोव्स्क और मॉस्को क्षेत्र के इलेक्ट्रोस्तल—में स्थित वाइल्डबेरीज के गोदामों पर हमला किया। रूसी आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, इन हमलों में कुल आठ लोगों की मौत हुई और लगभग 80 घायल हुए। इलेक्ट्रोस्तल में आग पर काबू पाने में तीन दिन लगे, जबकि कोटोव्स्क स्थित गोदाम का परिचालन 23 जुलाई से फिर शुरू करने की घोषणा की गई है। कंपनी ने बताया कि कोटोव्स्क में रखा माल दोबारा बिक्री के लिए उपलब्ध होगा, लेकिन इलेक्ट्रोस्तल के क्षतिग्रस्त माल की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
वाइल्डबेरीज की संस्थापक तात्याना किम ने मृतकों के परिवारों को 20 लाख रूबल और गंभीर रूप से घायलों को 10 लाख रूबल की सहायता देने की घोषणा की है। हालांकि, विक्रेताओं के मुआवजे पर कंपनी का रुख सीमित है। किम ने कहा कि कंपनी कानूनी रूप से क्षतिग्रस्त माल की भरपाई करने के लिए बाध्य नहीं है, लेकिन विक्रेताओं को भंडारण शुल्क में छूट और मुफ्त ट्रांजिट जैसी सहायता दी जाएगी। दूसरी ओर, कई विक्रेताओं ने शिकायत की है कि वे अपना बचा हुआ माल गोदामों से नहीं निकाल पा रहे हैं। सिस्टम में 'पिकअप पॉइंट ओवरलोडेड' का संदेश आ रहा है और कंपनी का समर्थन केंद्र कोई ठोस जवाब नहीं दे रहा। यह समस्या तुला, मॉस्को, क्रास्नोदर और तातारस्तान सहित कई क्षेत्रों के विक्रेताओं ने उठाई है।
रूसी ई-कॉमर्स क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार, यह हमला पूरे उद्योग के लिए एक बड़े जोखिम का संकेत है। हमले के बाद ओज़ोन के शेयरों में 12% की गिरावट आई, हालांकि बाद में इसमें सुधार हुआ। विश्लेषकों का अनुमान है कि कुल नुकसान 100 अरब रूबल तक पहुँच सकता है, जिसका अधिकांश बोझ विक्रेताओं पर पड़ेगा। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने दावा किया कि इन गोदामों में ड्रोन के कलपुर्जे रखे गए थे, जबकि रूसी जांच समिति ने इसे आतंकवादी कृत्य मानते हुए आपराधिक मामले दर्ज किए हैं।
यह घटना वैश्विक ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए सुरक्षा और बीमा जोखिमों पर नए सवाल खड़े करती है। भारत जैसे देश, जहाँ ड्रोन हमलों की आशंका बढ़ रही है, वाइल्डबेरीज के अनुभव से सबक ले सकते हैं। गौरतलब है कि जनवरी 2024 में सेंट पीटर्सबर्ग के पास शुशारी स्थित वाइल्डबेरीज के गोदाम में भीषण आग लगी थी, जिसके बाद कंपनी ने विक्रेताओं को पूरा मुआवजा नहीं दिया था और नए अनुबंध में ड्रोन हमले की स्थिति में दायित्व से छूट का प्रावधान जोड़ दिया था। इस बार भी कंपनी ने हमले से कुछ दिन पहले ही यह शर्त लागू की थी, जिससे विक्रेताओं में असंतोष है। फिलहाल, कोटोव्स्क गोदाम 23 जुलाई से परिचालन शुरू करेगा, जबकि इलेक्ट्रोस्तल में आग बुझाने का काम पूरा हो चुका है और कंपनी ने जल्द ही मुआवजे पर अद्यतन स्थिति देने का वादा किया है।
| रूसी और सीआईएस प्रेस | −0.30 | critical |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.20 | neutral |
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.20 | neutral |
Russia suffers a terrorist attack on its civilian economy, but reacts with readiness and solidarity, showing that the country is not intimidated.
The bloc frames the attack as an unprovoked act of terrorism against civilians, then immediately shifts to the state's and company's efficient response, thereby transforming a military setback into a narrative of resilience and moral superiority.
The bloc omits the strategic rationale for the Ukrainian attack—that the warehouses were used for military logistics or that the attack was part of a broader campaign to disrupt Russian supply chains. It also downplays the number of casualties and the chaos among sellers.
Ukraine strikes at the heart of the Russian economy, showing that no corner of the country is safe from the war the Kremlin unleashed.
The bloc uses a strategic lens to reinterpret the attack as a legitimate military action that undermines Russia's domestic stability, thereby normalizing strikes on civilian infrastructure as part of warfare.
The bloc omits the civilian casualties and the humanitarian impact on workers and sellers, focusing instead on the military and strategic significance. It also does not mention the compensation efforts or the business resumption.
Sellers are left alone to face the consequences of an attack the government failed to prevent, while the market crashes and censorship intensifies.
The bloc amplifies the voices of affected sellers and uses their complaints to paint a picture of systemic failure, thereby delegitimizing both the company and the state's response.
The bloc omits the Ukrainian perspective on the attack and the broader military context, focusing solely on the domestic fallout and the government's shortcomings.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
कैस्पियन सागर में ईरानी जहाज पर यूक्रेनी हमला: तेहरान ने चेतावनी दी, 'जवाब अवश्य मिलेगा'
5 भाषाएँ · 10 स्रोत
Economy & Markets सेअमेरिका ने जबरन श्रम के आरोप में 60 देशों पर नए स्थायी शुल्क लगाए, चीन ने फिलहाल जवाबी कार्रवाई टाली
6 भाषाएँ · 18 स्रोत
Technology सेओपन-सोर्स एआई सुरक्षा गठबंधन: हगिंग फेस हैक के बाद तकनीकी दिग्गजों का नया मोर्चा
7 भाषाएँ · 16 स्रोत