
वियतनाम में बिल्ली मांस के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट: 500 से अधिक बिल्लियों को पुलिस ने बचाया
हो ची मिन्ह सिटी पुलिस ने तीन साल से सक्रिय एक अंतर-प्रांतीय गिरोह का भंडाफोड़ कर 400 से अधिक जीवित और 80 जमी हुई बिल्लियाँ बरामद कीं, नौ आरोपी गिरफ्तार।
वियतनाम की आर्थिक राजधानी हो ची मिन्ह सिटी में पुलिस ने एक सुनियोजित अभियान के तहत बिल्ली मांस की अवैध आपूर्ति करने वाले एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। कई दिनों तक चली निगरानी और छापेमारी के बाद ताय निन्ह प्रांत और शहर के विभिन्न ठिकानों से 400 से अधिक जीवित बिल्लियाँ तथा लगभग 80 बिल्लियों के हिमीकृत शव बरामद हुए। स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से बताया कि यह गिरोह पिछले तीन वर्षों से रात के अंधेरे में पालतू बिल्लियों को पकड़ता, उन्हें तंग पिंजरों में रखता और फिर रेस्तरां में मांस के लिए बेचता था। पुलिस ने इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर ‘बिल्ली चोरी और संग्रहण में विशेषज्ञता रखने वाले आपराधिक गिरोह’ का हिस्सा होने का आरोप है।
अंतरराष्ट्रीय पशु कल्याण संगठन ह्यूमेन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स के अनुसार, बचाई गई बिल्लियों में से 40 से अधिक को उनके मालिकों से पुनर्मिलन करा दिया गया, लेकिन भीड़भाड़ और खराब हालात के कारण दर्जनों बिल्लियाँ बचाव प्रयासों के बावजूद दम तोड़ गईं। संगठन के अभियान प्रमुख करनवीर कुकरेजा ने इस घटना को “वियतनाम के बिल्ली मांस व्यापार के विशाल पैमाने की एक गंभीर याद दिलाने वाली घटना” बताया। बरामदगी में मिले हिमीकृत शव इस बात का संकेत हैं कि यह आपूर्ति शृंखला पहले से ही प्रसंस्करण और वितरण के चरण में थी।
वियतनाम में कुत्ते और बिल्ली का मांस खाना कानूनी रूप से प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन व्यावसायिक रूप से मांस बेचने के लिए अनुमति पत्र आवश्यक है। यह गिरोह बिना किसी लाइसेंस के काम कर रहा था और चोरी के जरिए जानवरों की आपूर्ति करता था, जिससे यह पूरी तरह अवैध श्रेणी में आता है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, 1.4 करोड़ आबादी वाले इस महानगर में पालतू बिल्लियों की चोरी की बढ़ती शिकायतों ने जांच को दिशा दी। यह मामला दर्शाता है कि शहरीकरण और बदलती जीवनशैली के बावजूद कुछ क्षेत्रों में पारंपरिक मांसाहार की मांग अब भी एक समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था को जन्म दे रही है।
दक्षिण एशियाई परिप्रेक्ष्य में देखें तो भारत, बांग्लादेश और नेपाल के कई इलाकों में भी पशु चोरी और अवैध मांस व्यापार की घटनाएं सामने आती रहती हैं, हालांकि बिल्ली मांस का सेवन यहाँ अपेक्षाकृत कम प्रचलित है। फिर भी, सीमापार पशु तस्करी और शहरी पालतू जानवरों की चोरी के गिरोहों का स्वरूप क्षेत्रीय स्तर पर मिलता-जुलता है। वियतनाम का यह मामला इस बात की पुष्टि करता है कि पशु कल्याण कानूनों का कड़ाई से पालन और जागरूकता अभियान ही ऐसे संगठित अपराध पर अंकुश लगा सकते हैं।
आगे की राह में, पशु अधिकार समूह इस बात पर जोर दे रहे हैं कि केवल छापेमारी से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उपभोक्ता जागरूकता, वैकल्पिक आजीविका के अवसर और स्थानीय निकायों की सक्रियता से ही बिल्ली और कुत्ते के मांस की मांग में कमी लाई जा सकती है। हो ची मिन्ह सिटी पुलिस की इस कार्रवाई ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि पालतू जानवरों को परिवार का हिस्सा मानने वाली सोच और संगठित अपराध के बीच की खाई को कानूनी हस्तक्षेप से पाटा जा सकता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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वियतनाम में, 400 से अधिक चुराई गई बिल्लियों को मांस तस्करी के एक गिरोह से बचाया गया। परिवार के सदस्यों की तरह प्यार किए जाने वाले इन जानवरों को व्यवस्थित रूप से पकड़ा जाता था और रेस्तरां को किलो के हिसाब से बेचा जाता था। पुलिस कार्रवाई ने एक आपराधिक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जिससे इस व्यापार की क्रूरता पर आक्रोश फैल गया।
वियतनामी पुलिस ने बिल्लियों की चोरी और उपभोग के लिए विशेषज्ञता वाले एक बड़े पैमाने के आपराधिक सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। ताय निन्ह और हो ची मिन्ह सिटी में छापेमारी में 400 से अधिक बिल्लियों को बचाया गया और नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस ऑपरेशन को अवैध व्यापार के खिलाफ कानून प्रवर्तन की सीधी सफलता के रूप में रिपोर्ट किया गया।
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