
एंडोमेट्रियोसिस कानून से कैंसर चमत्कार तक: महिला स्वास्थ्य की वैश्विक तस्वीर
इटली में एंडोमेट्रियोसिस पीड़ितों को कार्यस्थल पर उचित सुविधा का अधिकार मिला, स्वीडन में एस्ट्रोजन की कमी ने 'रजोनिवृत्ति पर्यटन' को जन्म दिया, जबकि अर्जेंटीना में लाखों महिलाएं हार्मोन थेरेपी से वंचित हैं और ब्राजील में अग्नाशय कैंसर से बच निकलने की कहानी उम्मीद बनकर उभरी है।
इटली में एक ऐतिहासिक कदम के तहत एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित महिलाओं को अब अपने नियोक्ता से 'उचित सुविधाएं' (अकोमोदामेंती रागिओनेवोली) मांगने का कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया है। यह कदम न केवल इटली में बल्कि वैश्विक स्तर पर महिला स्वास्थ्य को श्रम अधिकारों से जोड़ने वाली एक क्रांति माना जा रहा है। एंडोमेट्रियोसिस, जिसमें गर्भाशय के अंदरूनी ऊतक अन्य अंगों पर बढ़ने लगते हैं, दुनिया भर में करोड़ों महिलाओं को असहनीय दर्द, भारी रक्तस्राव और बांझपन का सामना करना पड़ता है। इटली का यह कानून मानता है कि यह बीमारी स्थायी विकलांगता का रूप ले सकती है और कार्यस्थल पर लचीलेपन की मांग को मान्यता देता है।
जहां इटली अधिकारों की दिशा में आगे बढ़ा है, वहीं स्वीडन में महिलाएं एक अलग संकट से जूझ रही हैं। रजोनिवृत्ति के लक्षणों से राहत देने वाली एस्ट्रोजन हार्मोन दवाओं की भारी कमी ने 'क्लाइमेक्टेरियम टूरिज्म' यानी रजोनिवृत्ति पर्यटन को जन्म दिया है। हजारों महिलाएं दवा खरीदने विदेश जाने को मजबूर हैं, क्योंकि घरेलू बाजार में आपूर्ति ठप है। प्रोफेसर हेलेना कोप काल्नर इसे 'निंदनीय' बताती हैं और कहती हैं कि यह महिला स्वास्थ्य में असमानता को और गहराता है। वहीं अर्जेंटीना से एक और विडंबना सामने आती है: लाखों महिलाएं जो स्तन कैंसर जैसी एस्ट्रोजन-पोषित बीमारियों से जूझ चुकी हैं, उनके लिए हार्मोन थेरेपी वर्जित है। साइबेले मेलोन जैसी महिलाएं, जिनका कैंसर एस्ट्रोजन पर पलता है, उस 'चमत्कारिक' इलाज से वंचित रह जाती हैं जो अन्य महिलाओं की जिंदगी बदल रहा है।
स्विट्जरलैंड और कोलंबिया की कहानियां बताती हैं कि कानून बनने भर से हकीकत नहीं बदलती। स्विस महिला मिरियम बिरर 11 साल की उम्र से एंडोमेट्रियोसिस का दर्द झेल रही हैं, कई ऑपरेशन के बाद भी बीमारी बनी रहती है और पूरे जीवन को प्रभावित करती है। कोलंबिया में एंडोमेट्रियोसिस कानून पारित होने के बावजूद, एसोसिएशन आसोकोएन का आरोप है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे लागू करने की कोई स्पष्ट योजना नहीं दी है। यह दर्शाता है कि नीतिगत पहल और जमीनी अमल के बीच की खाई कितनी गहरी है।
इन संघर्षों के बीच, ब्राजील से उम्मीद की एक किरण आती है। एडगार्ड डि लूना को 42 साल की उम्र में अग्नाशय के कैंसर का पता चला और डॉक्टरों ने केवल पाँच महीने का समय दिया था। लेकिन आठ साल बाद उनके शरीर में बीमारी का कोई पता नहीं है—यह एक चिकित्सीय चमत्कार है जो दर्शाता है कि गंभीर बीमारियों में भी जीवन की संभावना बढ़ रही है। हालांकि, यह उपलब्धि पुरुष कैंसर रोगी की है, लेकिन यह सवाल उठाती है कि क्या महिला-विशिष्ट बीमारियों के अनुसंधान और संसाधनों में भी ऐसी ही प्रगति हो रही है। दक्षिण एशिया, खासकर भारत में, एंडोमेट्रियोसिस से करीब ढाई करोड़ महिलाएं प्रभावित हैं, फिर भी कार्यस्थल सुविधाओं या हार्मोन थेरेपी तक पहुंच नगण्य है। रजोनिवृत्ति को लेकर सामाजिक चुप्पी और स्वास्थ्य ढांचे की कमी समस्या को और विकराल बनाती है।
वैश्विक अनुभव बताते हैं कि महिला स्वास्थ्य को अब केवल चिकित्सकीय नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक न्याय के नजरिए से देखने की जरूरत है। इटली का कानून, स्वीडन की सड़क से संसद तक उठी आवाजें और कोलंबिया की निगरानी संस्थाएं इस बात का संकेत हैं कि बदलाव संभव है, बशर्ते सरकारें आपूर्ति श्रृंखला, अनुसंधान निवेश और कानूनी ढांचे को एक साथ मजबूत करें। भारत जैसे देशों के लिए यह समय है कि वे इन वैश्विक सबक से सीखें और अपनी महिलाओं को न केवल जीवन रक्षक दवाएं, बल्कि सम्मानजनक कार्यस्थल और इलाज का अधिकार सुनिश्चित करें।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 1 भाषाएँ
यूरोप में महिलाओं का स्वास्थ्य एक मूक क्रांति के दौर से गुज़र रहा है: एक ओर, एंडोमेट्रियोसिस के लिए कार्यस्थल पर उचित आवास का अधिकार मान्यता प्राप्त कर रहा है; दूसरी ओर, एस्ट्रोजन की पुरानी कमी महिलाओं को विदेश में इलाज कराने के लिए मजबूर कर रही है, जो रजोनिवृत्ति की उपेक्षा करने वाली व्यवस्था को उजागर करती है। व्यक्तिगत कहानियाँ दिखाती हैं कि यह बीमारी पूरे जीवन को कैसे आकार देती है, लेकिन सामाजिक दबाव कानूनी और सांस्कृतिक बदलाव ला रहा है।
लैटिन अमेरिका में, लाखों महिलाएँ रजोनिवृत्ति हार्मोन थेरेपी से वंचित रह जाती हैं, अक्सर कैंसर जैसी विपरीत परिस्थितियों या पहुँच की कमी के कारण। रोगी संघ एंडोमेट्रियोसिस कानूनों के कार्यान्वयन में स्पष्टता की कमी की निंदा करते हैं, जबकि व्यक्तिगत उत्तरजीविता की कहानियाँ एक खंडित और असमान स्वास्थ्य प्रणाली में आशा की किरणें प्रदान करती हैं।
संबंधित लेख
अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराकर अंतिम-32 में जगह पक्की की, 96 साल बाद लगातार दो जीत
11 भाषाएँ · 60 स्रोत
अपराध एवं आपदाइंग्लैंड के बेडफोर्ड में दो यात्री ट्रेनें टकराईं, एक की मौत, 89 घायल
12 भाषाएँ · 40 स्रोत
मीडिया और मनोरंजनजब मेस्सी ने कैमरे को चूमा और कहा ‘ते आमो, पापा’: एक झूठी खबर, एक बीमार पिता और स्ट्रीमिंग युग का सच
9 भाषाएँ · 28 स्रोत