
वैश्विक स्तर पर घर और वाहन चोरी की घटनाओं में इज़ाफ़ा, अपराधियों के हथकंडे बदले
दक्षिण अमेरिका और मध्य पूर्व के कई देशों में गृह-प्रवेश और वाहन चोरी की बढ़ती घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें अपराधी सोशल मीडिया और निगरानी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अर्जेंटीना के कॉर्डोबा शहर में एक परिवार रात को सो रहा था, तभी अज्ञात चोरों ने घर में प्रवेश कर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कपड़े और खाने-पीने का सामान तक चुरा लिया। इतना ही नहीं, अपराधियों ने पीड़ितों के बैंक खातों से भी रकम निकाल ली। परिवार को संदेह है कि उन्हें बेहोश करने के लिए किसी गैस का इस्तेमाल किया गया, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। यह घटना दुनिया भर में सामने आ रही संपत्ति अपराधों की बढ़ती लहर का एक ताजा उदाहरण है।
ब्राजील के बेलो होरिज़ोंटे में सार्वजनिक सुरक्षा वेधशाला के अनुसार, इस वर्ष के पहले छह महीनों में 4,194 वाहन चोरी की वारदातें दर्ज हुईं, यानी प्रतिदिन औसतन 23 मामले। अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स महानगरीय क्षेत्र (आंबा) में सुरक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, हर दिन करीब 78 घरों में सेंधमारी या प्रवेश चोरी की घटनाएं होती हैं। सान इसिद्रो के लास लोमास इलाके में मात्र 16 दिनों में तीन घरों को निशाना बनाया गया, जबकि पेरू के अरेकीपा में एक महिला के घर चौथी बार चोरी हुई। ईरान की राजधानी तेहरान में एक गिरोह ने 20 से अधिक घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया।
जांचकर्ताओं के अनुसार, अपराधियों के तरीकों में उल्लेखनीय बदलाव देखे गए हैं। पहले जहाँ खाली घरों को निशाना बनाया जाता था, अब 'एंट्राडेरा' जैसी सशस्त्र प्रवेश चोरी में मौजूद लोगों पर हमला कर सामान लूटना आम हो गया है। सोशल मीडिया निगरानी का एक अहम औजार बनकर उभरा है; ईरानी सुरक्षा विशेषज्ञ और पूर्व-चोर माइकल फ्रेज़र के अनुसार, लोगों द्वारा यात्रा की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करना अपराधियों के लिए आसान लक्ष्य प्रदान करता है। कॉर्डोबा के मामले में बेहोश करने वाली गैस के इस्तेमाल की आशंका है, परंतु पुलिस अभी इसकी पुष्टि नहीं कर सकी है। सान इसिद्रो में हालांकि नगर प्रशासन ने दावा किया है कि 2023 की तुलना में पुलिस थाना क्षेत्र में चोरी की घटनाओं में कमी आई है।
भारत और दक्षिण एशियाई देशों के शहरी क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की प्रवृत्तियाँ चिंता का कारण बन रही हैं, जहाँ वाहन और गृह चोरी में तकनीक का दुरुपयोग बढ़ा है। तेहरान में गुप्त रूप से बनाई गई वीडियो की मदद से चार सदस्यीय गिरोह को गिरफ्तार किया गया, वहीं सान इसिद्रो में तीन किशोरों को हिरासत में लिया गया। बेलो होरिज़ोंटे और अरेकीपा में पीड़ित अब भी अपने खोए हुए वाहनों और सामान की वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस जाँच जारी रखे हुए है और गश्त बढ़ाने की बात कह रही है, फिर भी नागरिकों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है।
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