
रोनाल्डो का ऐतिहासिक नॉकआउट गोल, जोटा को श्रद्धांजलि; पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हराया
क्रोएशिया के खिलाफ 2-1 की जीत में क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पेनल्टी से अपना पहला विश्व कप नॉकआउट गोल किया और पूरे मैच में VAR विवाद और भावनात्मक श्रद्धांजलि देखने को मिली।
पुर्तगाल ने फीफा विश्व कप 2026 के 32वें दौर के एक रोमांचक मुकाबले में क्रोएशिया को 2-1 से हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई, लेकिन इस जीत से कहीं अधिक यह मैच क्रिस्टियानो रोनाल्डो के ऐतिहासिक नॉकआउट गोल और दिवंगत डियोगो जोटा को दी गई भावुक श्रद्धांजलि के लिए याद किया जाएगा। मैच के बाद रोनाल्डो ने जोटा की नंबर 21 वाली जर्सी पहनी और आसमान की ओर हाथ उठाकर इस जीत को पूर्व साथी को समर्पित किया, जिनकी एक साल पहले इसी दिन स्पेन में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। पूरी टीम ने मैच के दौरान जोटा के नाम की पट्टियाँ पहनीं, और माहौल श्रद्धा और संकल्प का मिलाजुला रूप लिए हुए था।
मैच की शुरुआत से ही पुर्तगाल का पलड़ा भारी रहा, लेकिन पहले हाफ में रोनाल्डो को बमुश्किल 17 बार गेंद मिली और वे क्रोएशियाई रक्षापंक्ति में फंसे रहे। दूसरे हाफ में इवान पेरिसिच ने 53वें मिनट में गोल दागकर क्रोएशिया को बढ़त दिला दी। जवाब में, राफेल लियाओ और ब्रूनो फर्नांडिस ने लगातार हमले तेज किए। 68वें मिनट में एक कॉर्नर पर रेनाटो वेइगा को बॉक्स के अंदर खींचे जाने पर VAR समीक्षा के बाद पेनल्टी मिली, जिसे रोनाल्डो ने गोल के बीचोंबीच मारकर बराबरी कर ली। यह उनका विश्व कप नॉकआउट दौर में पहला गोल था — छह टूर्नामेंटों और आठ मैचों में खाली हाथ रहने के बाद। इसके बाद खेल बेतरतीब हो गया। 94वें मिनट में गोंसालो रामोस के हेडर ने पुर्तगाल को जीत दिलाई, लेकिन इससे ठीक पहले योस्को ग्वार्दियोल का गोल ऑफसाइड करार दिए जाने पर बवाल मच गया। VAR ने मारियो पासालिच की बाल-बाल ऑफसाइड पकड़ी, जिसे क्रोएशियाई खेमे ने ‘चयनात्मक उपयोग’ बताया। कप्तान लुका मोड्रिच ने गुस्से में कहा, “जब VAR आया तो मैंने कहा था मुझे पसंद नहीं, फिर कुछ के लिए अच्छा रहा, लेकिन अब इसे गलत या चुनिंदा तरीके से इस्तेमाल किया जाता है, टीम का कद देखकर।”
रोनाल्डो का यह गोल कई मायनों में खास था: 41 साल 147 दिन की उम्र में वे नॉकआउट मैच में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। साथ ही, इस पेनल्टी ने उनके करियर के उस आखिरी सांख्यिकीय अंतर को पाट दिया जो अब तक अधूरा था। हालांकि, 81वें मिनट में उन्हें मैदान से बाहर करना कोच रॉबर्टो मार्टिनेज़ के लिए एक साहसिक फैसला था, जिसने स्पेन के खिलाफ आगामी मुकाबले में टीम की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोनाल्डो के बिना भी पुर्तगाल ने गति पकड़ी और रामोस ने निर्णायक गोल किया। भारतीय खेल विश्लेषकों का मानना है कि यह पुर्तगाली टीम की गहराई दर्शाता है और आने वाले मैचों में अटैकिंग विकल्पों की बहुलता उनकी बड़ी ताकत साबित हो सकती है।
पूरे मैच में डियोगो जोटा की मौजूदगी महसूस की गई। रूबेन नेवेश ने भी मैच के बाद कहा, “एक भी दिन नहीं जाता जब मैं डियोगो को याद न करता।” यह जीत न केवल पुर्तगाल के लिए सांत्वना लेकर आई, बल्कि खिलाड़ियों के बीच गहरे भावनात्मक जुड़ाव को भी उजागर किया। यूरोपीय मीडिया ने इसे पुर्तगाल की एकजुटता का प्रतीक बताया, जबकि दक्षिण एशिया के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह रोनाल्डो की कभी न खत्म होने वाली चाहत का एक और प्रमाण बन गया।
अब पुर्तगाल का सामना 16वें दौर में स्पेन से होगा, जिसने ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर टूर्नामेंट का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। नेवेश ने याद दिलाया कि एक साल पहले नेशंस लीग फाइनल में भी स्पेन को डरावना माना जा रहा था लेकिन पुर्तगाल ने पेनल्टी पर जीत हासिल की थी। “स्पेन विश्व कप जीतने की दावेदार है, यह हकीकत है,” रोनाल्डो ने स्वीकार किया, लेकिन उनके लहजे में पूरा आत्मविश्वास था। डलास में होने वाला यह मुकाबला दो परिचित प्रतिद्वंद्वियों के बीच एक और करीबी टक्कर का वादा करता है।
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | +0.60 | aligned |
|---|---|---|
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.20 | neutral |
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
Portugal wins and dedicates the match to Diogo Jota. Cristiano Ronaldo, captain and symbol, breaks his knockout goal drought and demonstrates his human and sporting greatness.
The narrative transforms a football victory into a commemorative rite, focusing attention on Ronaldo as a national hero who unites sport and emotion.
The VAR controversy and refereeing disputes, central in European reports, are completely absent.
VAR applied rules selectively and decided the match. Portugal wins but the real obstacle is Spain, which awaits.
A narrative of refereeing injustice is constructed, delegitimizing the result and shifting focus to the next match against Spain, seen as a moral rematch.
The emotional tribute to Diogo Jota and Ronaldo's goal drought are ignored, while emphasizing the alleged injustice suffered by Croatia.
Cristiano Ronaldo scored, but his substitution opened a tactical debate. Portugal must decide whether to rely on the captain or a more collective game.
A technical-tactical perspective is adopted to turn a victory into a strategic dilemma, questioning established leadership.
The tribute to Diogo Jota and VAR controversies are absent, while attention is entirely on the tactical future.
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