
लाल सागर में हूती हमलों से तनाव: सऊदी तेल प्रतिष्ठानों पर मिसाइलें, तेल की कीमतें अस्थिर
हूती विद्रोहियों ने शनिवार को सऊदी अरब के जाज़ान और यानबू में अरामको तेल सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसके बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने जवाबी कार्रवाई की और वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मच गई।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के अनुसार, शनिवार तड़के यमन से दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों ने सऊदी अरब के लाल सागर तट स्थित जाज़ान और यानबू के तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। यानबू में ग्रीस द्वारा संचालित पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों और एक ड्रोन को रोक दिया, जबकि जाज़ान में धुएं के गुबार और तेल भंडारण को संभावित क्षति की खबरें वाणिज्यिक सूत्रों ने दीं। सऊदी नागरिक सुरक्षा ने संक्षिप्त अलर्ट जारी किया और बाद में खतरा टलने की सूचना दी।
ये हमले शुक्रवार को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा हुदैदा के तटीय शहर में हूती ठिकानों पर हवाई हमलों के बाद हुए, जिसे गठबंधन ने "सैन्य जवाबी कार्रवाई" बताया। हूती नेतृत्व ने इसे "खतरनाक वृद्धि" करार देते हुए बदला लेने की चेतावनी दी। इससे पहले, हूती आंदोलन ने सऊदी अरब की "नौसैनिक नाकेबंदी" की घोषणा की थी, जिसे उसने यमन पर 12 वर्षों से जारी सऊदी नाकेबंदी का "आंख के बदले आंख" जवाब बताया। यमनी सरकारी बलों (गठबंधन समर्थित) ने भी मारिब और अल-जौफ में मिसाइल लॉन्च प्लेटफार्मों पर हमले किए।
यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल परिवहन प्रभावित हुआ है और सऊदी अरब लाल सागर मार्ग पर अधिक निर्भर हो गया है। हूती प्रवक्ता ने कहा कि बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य बंद नहीं है, लेकिन केवल सऊदी लक्ष्यों को निशाना बनाया जाएगा। रॉयटर्स के अनुसार, हमलों के बाद कम से कम नौ जहाजों ने अपना मार्ग बदला और ब्रेंट क्रूड की कीमत अस्थायी रूप से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। बाद में, दो चीनी सुपरटैंकरों के बाब अल-मंदब से गुजरने के बाद कीमतें नीचे आईं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और हूती को "भारी सैन्य सज़ा" देने की धमकी दी है, जबकि पाकिस्तान से अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थता की खबरें हैं। दो सप्ताह में पहली बार शनिवार को अमेरिका-ईरान के बीच कोई नया हमला नहीं हुआ। अगले सप्ताह लंदन में होर्मुज पर अमेरिका-ब्रिटेन सम्मेलन प्रस्तावित है, और इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू व्हाइट हाउस का दौरा करने वाले हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, हूती अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सऊदी नाकेबंदी नहीं हटाई गई तो हमले व्यापक होंगे, और सऊदी शहरों में पेट्रोल पंपों पर कतारें तथा उड़ानों का स्थगन देखा गया।
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