
मेक्सिको और इंग्लैंड के बीच एज़्टेका में इतिहास दोहराने की जंग
लगातार चार जीत के साथ मेक्सिको विश्व कप क्वार्टर फाइनल के सूखे को खत्म करने उतरेगा, जबकि इंग्लैंड अपनी स्टार पावर से मेज़बानों के सपने चकनाचूर करना चाहेगा।
मेक्सिको के लिए रविवार की शाम सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि चार दशकों की पीड़ा समेटे 'पांचवें मैच के अभिशाप' को तोड़ने की आखिरी उम्मीद है। एज़्टेका स्टेडियम की ऊंचाई और उमस भरी गर्मी के बीच, जेवियर एगुइरे की टीम ने अब तक चार मैचों में आठ गोल दागे हैं और एक भी गोल नहीं खाया। इंग्लैंड के खिलाफ यह प्री-क्वार्टर फाइनल भिड़ंत मेज़बान देश के लिए उसी मैदान पर 1970 और 1986 के बाद तीसरी बार अंतिम-आठ में पहुंचने का सुनहरा मौका लेकर आई है।
दोनों टीमों का सफर विपरीत रहा है। मेक्सिको ने इक्वाडोर को 2-0 से रौंदते हुए अपनी धारदार आक्रमण पंक्ति और विकेटकीपर राउल रांगेल की अगुआई वाली मज़बूत रक्षा का लोहा मनवाया। दूसरी ओर, इंग्लैंड को कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के खिलाफ आखिरी पंद्रह मिनटों में हैरी केन के दो गोलों की बदौलत 2-1 से संघर्षपूर्ण जीत मिली। यूरोपीय मीडिया के अनुसार, प्रबंधक थॉमस टुशेल अभी भी अपनी पहली पसंद के एकादश को लेकर असमंजस में हैं—रीस जेम्स की फिटनेस और बुकायो साका या मार्कस रैशफोर्ड के बीच चयन अहम सवाल बने हुए हैं।
लैटिन अमेरिकी मीडिया में यह मुकाबला एज़्टेका की ऐतिहासिक गूंज से जुड़ा है। क्लारीन और लॉस एंडीज़ जैसे अर्जेंटीनी अखबारों ने 1986 की उस याद को ताज़ा किया जब मैनुअल नेग्रेटे के सिज़र्स किक ने बुल्गारिया के खिलाफ जीत दिलाई थी, लेकिन क्वार्टर में जर्मनी से पेनल्टीज़ पर मिली हार बाद के दशकों की निराशा का प्रतीक बन गई। मेक्सिकन पत्रकारिता में एगुइरे के बयानों को केंद्र में रखा गया है—'हमें लगभग पूर्ण खेल खेलना होगा' और 'खिलाड़ी अब राष्ट्रीय जर्सी पहनने के लिए लड़ते हैं'—जोकि एकजुटता और आत्मविश्वास का संकेत देते हैं। वहीं, इंग्लैंड के प्रशंसकों के स्वागत को लेकर पैदा हुई कटुता ने ब्रिटिश दूतावास को सुरक्षा आश्वासन जारी करने पर मजबूर कर दिया, जबकि फीफा ने तूफान की चेतावनी के बावजूद किक-ऑफ समय में कोई बदलाव नहीं किया।
2,200 मीटर की ऊंचाई इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है, जबकि मेक्सिको की आक्रामक तिकड़ी—क्विनोनेस, अल्वारादो और जिमेनेज़—तेज़ी से पलटवार कर सकती है। दक्षिण अमेरिकी विशेषज्ञों का मानना है कि डेक्लान राइस और जूड बेलिंगहैम के मिडफील्ड नियंत्रण के बावजूद, अगर मेक्सिको ने बॉल पर कब्ज़ा बनाए रखा तो इंग्लिश बैकलाइन खुल सकती है।
इस मैच का विजेता ब्राज़ील या नॉर्वे से क्वार्टर फाइनल में भिड़ेगा, जिससे टूर्नामेंट की चौथी सबसे कठिन टक्कर का रास्ता तय होगा।
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