
रूबियो का ईरान को अल्टीमेटम: 'आंख के बदले सिर' की नीति, हर रात बढ़ेगी कीमत
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ईरान के 'आंख के बदले आंख' के जवाब में 'सिर के बदले आंख' की रणनीति पर कायम है, और तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने मनीला में आसियान बैठक के दौरान कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति अब 'सिर के बदले आंख' पर आधारित है। यह बयान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची के उस वक्तव्य की प्रतिक्रिया में आया जिसमें उन्होंने ईरान की रक्षा नीति को 'आंख के बदले आंख' बताया था। रूबियो ने चेतावनी दी कि ईरान को हर रात बढ़ती कीमत चुकानी पड़ेगी, और अमेरिकी सेना लगातार बारहवीं रात ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रही है। ट्रंप ने पहले ही धमकी दी थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी जहाज पर हमले के जवाब में अमेरिका तेहरान के निकट किसी पुल या बिजली संयंत्र को निशाना बनाएगा।
वाशिंगटन के अनुसार, ईरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से समझौते की गुहार लगा रहा है, लेकिन अभी तक किसी ठोस समझौते पर टिके रहने को तैयार नहीं है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि वह ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करना चाहता है और तब तक सैन्य दबाव जारी रहेगा जब तक तेहरान गंभीर वार्ता के लिए राजी नहीं होता। साथ ही, वाशिंगटन ने किसी भी युद्धविराम को होर्मुज जलडमरूमध्य के सैन्य रूप से निष्प्रभावीकरण की शर्त से जोड़ दिया है, जिसके तहत ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की आक्रामक क्षमताओं को सीमित किया जाना है। इसी बीच, रूबियो ने सऊदी अरब के साथ असैन्य परमाणु समझौते को 'तार्किक' बताया और कहा कि ऐसे किसी भी करार में शांतिपूर्ण उपयोग की शर्तें शामिल होंगी।
तेहरान के आधिकारिक सूत्रों ने अमेरिकी रुख को 'भ्रमपूर्ण' और 'युद्ध अपराध की धमकी' करार दिया है। ईरानी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि ईरान के बुनियादी ढांचे पर कोई भी हमला 'शक्तिशाली और निर्णायक जवाब' लाएगा, और रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी कि यदि आक्रमण जारी रहा तो 'ऐसी कार्रवाई की जाएगी जिससे अमेरिका में सार्वजनिक शोक घोषित करना पड़े।' ईरानी मीडिया ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि वाशिंगटन ही युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य में नियंत्रण स्थापित करने में विफल रहा है।
इस गतिरोध का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा कच्चा तेल और एलएनजी गुजरता है, और हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी तेल टैंकरों पर हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है। दक्षिण एशिया, विशेषकर भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है, के लिए यह मूल्य वृद्धि आयात बिल और घरेलू मुद्रास्फीति पर दबाव डाल सकती है। बीमा प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी और लंबे वैकल्पिक मार्गों की संभावना ने आपूर्ति श्रृंखला के जोखिमों को और बढ़ा दिया है।
फिलहाल, अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष सऊदी अरब के साथ परमाणु समझौते की समीक्षा लंबित है, जबकि ईरान के साथ कोई नई वार्ता प्रारंभ नहीं हुई है। अमेरिकी सेना क्षेत्र में अपनी तैनाती बढ़ा रही है और ईरानी ठिकानों पर रात्रिकालीन हमले जारी हैं। दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता के प्रयास अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं, और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम होने के कोई तत्काल संकेत नहीं दिख रहे हैं।
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −0.90 | critical |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.10 | neutral |
| अरब खाड़ी प्रेस | +0.20 | neutral |
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | 0.00 | neutral |
Iran denounces US aggression and the threat of disproportionate retaliation, asserting its right to self-defense and rejecting Rubio's claims as lies.
The bloc uses victimization and historical grievances (US violations of the Islamabad memorandum) to frame the US as an untrustworthy aggressor, making its own position appear morally justified.
The bloc omits any mention of Iranian attacks on commercial shipping in the Strait of Hormuz or the context of the clashes that triggered the US response.
The United States asserts its determination to protect navigation and punish Iran for its actions, dismissing accusations of aggression as unfounded.
The bloc uses the language of deterrence and proportionality ('head for an eye') to justify a strong response, and cites Iran's alleged begging to portray Tehran as weak and desperate.
The bloc omits the US violations of previous agreements (e.g., the Islamabad understanding) and the disproportionate nature of the 'head for an eye' doctrine compared to Iran's 'eye for an eye'.
The Gulf states support the US hardline stance against Iran, questioning Tehran's sincerity and emphasizing the heavy price it will pay.
The bloc amplifies US official statements without critical scrutiny, using repetition to make the US narrative appear factual and inevitable.
The bloc omits any criticism of US policy or the humanitarian impact of the conflict, and does not mention Iran's perspective on the violations.
The Latin American report presents Rubio's statement as a neutral news item, without endorsing or condemning either side.
The bloc uses a detached, factual reporting style to appear objective, avoiding any analysis that might reveal bias.
The bloc omits the broader context of the Hormuz clashes and the history of US-Iran tensions, focusing only on the immediate exchange.
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