
स्कालोनी ने केप वर्डे को लेकर चेताया: 'यह टीम संयोग से यहां नहीं पहुंची', डी पॉल बोले- 'हमारे लिए यह आखिरी मैच'
विश्व कप के 16वें दौर से पहले अर्जेंटीना के कोच और खिलाड़ियों ने अफ्रीकी टीम के प्रति सम्मान और सतर्कता का भाव दिखाया।
मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में शुक्रवार को होने वाले मुकाबले की पूर्व संध्या पर अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने साफ शब्दों में कहा कि केप वर्डे का नॉकआउट में पहुंचना कोई इत्तेफाक नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि अफ्रीकी टीम ने ग्रुप चरण में एक भी मैच नहीं हारा—स्पेन, उरुग्वे और सऊदी अरब से ड्रॉ खेलकर उसने उरुग्वे जैसी मजबूत टीम को पीछे छोड़ा। स्कालोनी ने कहा, 'यह एक ऐसी टीम है जो हारी नहीं है, कुछ मैचों में तो जीत की हकदार थी। हमें इसका सम्मान करना होगा।' मिडफील्डर रोड्रिगो डी पॉल ने इस भावना को और मजबूत करते हुए कहा कि टीम हर मैच को अंतिम मानकर खेलती है: 'हमारे लिए कल का मैच आखिरी है, और हम सब कुछ झोंक देंगे ताकि ऐसा न हो।'
केप वर्डे के कोच बुबिस्ता ने इस मुकाबले को 'हमारी जिंदगी का मैच' बताया और कहा कि उनकी टीम को कोई डर नहीं है। महज पांच लाख से कुछ अधिक आबादी वाले इस द्वीपसमूह ने अपने पहले ही विश्व कप में ग्रुप एच में स्पेन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। बुबिस्ता ने स्वीकार किया कि अफ्रीकी टीमों के लिए मैच के अंतिम क्षणों में एकाग्रता बनाए रखना चुनौती रही है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य अगले दौर में पहुंचना है। अर्जेंटीना के खेमे ने भी केप वर्डे की रक्षात्मक मजबूती और तेज पलटवार की क्षमता को रेखांकित किया।
दूसरी ओर, अर्जेंटीना ने ग्रुप जे में अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया और जॉर्डन को हराकर पूरे नौ अंक लिए। लियोनेल मेसी ने टीम के आठ में से छह गोल किए, जिससे उन पर निर्भरता के सवाल उठे। स्कालोनी ने कहा कि वे चाहते हैं कि गोल पूरी टीम में बंटें, लेकिन जब तक टीम मौके बना रही है, यह चिंता का विषय नहीं। मेसी की फिटनेस पर कोच ने कहा कि वह खेलेंगे, लेकिन यह मैच के हालात पर निर्भर करेगा। डी पॉल ने मेसी को 'इतिहास का सर्वश्रेष्ठ' बताते हुए कहा कि उन्हें हर दिन एंजॉय करना चाहिए, भविष्य की अटकलें बेकार हैं।
स्कालोनी ने टूर्नामेंट की अन्य दावेदार टीमों पर भी बात की। उन्होंने फ्रांस और ब्राजील को प्रमुख दावेदार बताया, साथ ही मेक्सिको, कोलंबिया, स्पेन, पुर्तगाल और इंग्लैंड का भी जिक्र किया। फ्रांस के प्रदर्शन को 'ध्यान देने लायक' करार दिया। मियामी की गर्मी और उमस पर भी सवाल उठाए गए; स्कालोनी ने कहा कि शाम 6 बजे का समय खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए बेहतर नहीं है, लेकिन दोनों टीमों को इससे जूझना होगा।
इस मुकाबले का विजेता अगले दौर में ऑस्ट्रेलिया या मिस्र से भिड़ेगा। अर्जेंटीना के लिए यह स्कालोनी का 100वां मैच होगा, जबकि डी पॉल अपना 90वां मैच खेलेंगे। दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि नॉकआउट फुटबॉल में गलती की कोई गुंजाइश नहीं—'जो हारा, वह घर लौटा'—और यही सोच टीम को जमीन पर रखे हुए है।
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | +0.30 | aligned |
|---|---|---|
| उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस | 0.00 | neutral |
Cape Verde proves that small nations can stand tall against giants. Their near-victory is a lesson in resilience.
By highlighting the near-upset and quoting a local figure, the narrative universalizes the underdog story, turning a loss into a moral victory.
The final score and Argentina's advancement are omitted, which would undermine the narrative of Cape Verde's success.
Africa's World Cup campaign ends in disappointment: only two teams advanced. Cape Verde's effort is a footnote in a larger story of underperformance.
By aggregating results into a continental tally, the narrative shifts focus from individual heroics to collective underperformance, using the number of advancing teams as a metric.
The specific details of Cape Verde's near upset are omitted, which would have provided a positive counterpoint to the overall disappointing tally.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
तेहरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू, लाखों की भीड़; नए सर्वोच्च नेता की गैरमौजूदगी बनी सवाल
6 भाषाएँ · 17 स्रोत
Economy & Markets सेसैमसंग का रिकॉर्ड मुनाफ़ा, फिर भी शेयरों में भारी गिरावट: AI चिप बूम की स्थिरता पर सवाल
9 भाषाएँ · 18 स्रोत
Technology सेAI कौशल से वेतन में 92% तक की बढ़ोतरी, पर दिमागी क्षमता पर असर की चिंता
3 भाषाएँ · 5 स्रोत