
विश्व कप 2026: दूसरे दौर में मेक्सिको-दक्षिण कोरिया की अहम टक्कर, चेक गणराज्य-दक्षिण अफ्रीका की जीवन-मरण की लड़ाई
गुरुवार से शुरू हो रहे ग्रुप चरण के दूसरे मुकाबलों में कई टीमों के लिए अगले दौर में पहुंचने की राह आसान या मुश्किल हो सकती है।
फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण का दूसरा दौर गुरुवार, 18 जून से शुरू हो रहा है, और पहले ही दिन चार अहम मुकाबले खेले जाएंगे। सबसे बड़ा आकर्षण ग्रुप ए में मेज़बान मेक्सिको और दक्षिण कोरिया के बीच ग्वाडलाहारा के एस्टादियो अक्रॉन में होने वाली भिड़ंत है, जहां दोनों टीमें अपनी शुरुआती जीत के बाद ग्रुप की बागडोर संभालने उतरेंगी। वहीं, चेक गणराज्य और दक्षिण अफ्रीका के लिए अटलांटा में यह मैच करो या मरो जैसा है, क्योंकि पहले मैच में हार के बाद अब उनके पास गलती की कोई गुंजाइश नहीं है।
मेक्सिको और दक्षिण कोरिया दोनों ने अपने पहले मुकाबले में जीत दर्ज की है—मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराया, जबकि कोरिया ने चेक गणराज्य को 2-1 से पछाड़ा। इस जीत के साथ दोनों के तीन-तीन अंक हैं और अब आमने-सामने की यह लड़ाई तय करेगी कि कौन ग्रुप ए में शीर्ष पर रहेगा और 16वें दौर में पहुंचने की ओर मज़बूत कदम बढ़ाएगा। मेक्सिको को घरेलू दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिलेगा, लेकिन कप्तान और सेंट्रल डिफेंडर सीज़र मोंटेस के निलंबन से उसकी रक्षापंक्ति कमज़ोर हुई है। दक्षिण कोरियाई मीडिया का मानना है कि सोन ह्युंग-मिन जैसे खिलाड़ी इस कमी का फायदा उठाकर इतिहास रच सकते हैं—कोरिया ने कभी विश्व कप में लगातार दो जीत हासिल नहीं की हैं।
दूसरी ओर, चेक गणराज्य और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबला दो हारी हुई टीमों की जीवन-मरण की लड़ाई है। चेक टीम ने कोरिया के खिलाफ सेट-पीस पर गोल करके बढ़त बनाई थी, लेकिन बाद में 2-1 से हार गई। दक्षिण अफ्रीका को मेक्सिको के खिलाफ 2-0 की हार के अलावा दो लाल कार्ड का नुकसान भी झेलना पड़ा, जिससे उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। अफ्रीकी टीम के लिए यह चौथा विश्व कप है, लेकिन वह कभी नॉकआउट दौर में नहीं पहुंची—इस बार वह इतिहास बदलने की कोशिश करेगी। यूरोपीय मीडिया के अनुसार, चेक गणराज्य की सीधी और अनुशासित शैली के लिए दक्षिण अफ्रीका की आक्रामकता चुनौती बन सकती है, लेकिन दोनों के लिए हार का मतलब लगभग बाहर होना होगा।
ग्रुप बी में स्थिति बिल्कुल उलट है—यहां चारों टीमों ने पहले मैच में ड्रॉ खेला, इसलिए सभी के एक-एक अंक हैं। स्विट्ज़रलैंड का सामना बोस्निया और हर्ज़ेगोविना से लॉस एंजिल्स में होगा, जबकि कनाडा क़तर की मेज़बानी वैंकूवर में करेगा। स्विस टीम को क़तर के खिलाफ अप्रत्याशित ड्रॉ के बाद दबाव का सामना करना पड़ रहा है, वहीं बोस्निया ने अपने पहले विश्व कप मैच में कनाडा के खिलाफ अंक हासिल कर इतिहास रचा। इस ग्रुप में कोई भी जीत किसी टीम को अगले दौर के बेहद करीब पहुंचा सकती है, इसलिए हर मैच में रणनीतिक सतर्कता देखने को मिलेगी।
इन मुकाबलों के नतीजे पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय कर सकते हैं। अगर मेक्सिको या दक्षिण कोरिया जीतते हैं और दूसरा ग्रुप मैच ड्रॉ होता है, तो विजेता 16वें दौर के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली टीम बन सकती है। वहीं, चेक गणराज्य-दक्षिण अफ्रीका मैच का हारने वाला अंतिम दौर में बाहर होने की कगार पर पहुंच जाएगा। ग्रुप बी की अनिश्चितता अंत तक रोमांच बनाए रखेगी। भारतीय दर्शकों के लिए ये मैच अलग-अलग समय क्षेत्रों में होंगे, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध रहेगी, जिससे वैश्विक फुटबॉल प्रेमी हर पल का आनंद उठा सकेंगे।
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