
जर्मन रिपोर्ट में ऑनलाइन बाल यौन शोषण के रिकॉर्ड आँकड़े, स्वीडन में किशोरियों की आत्महत्या दर से जुड़ी चिंता
2025 में जर्मनी में 20,000 से अधिक बच्चे ऑनलाइन यौन हिंसा के शिकार हुए, वहीं स्वीडन में डिजिटल यौन उत्पीड़न को किशोरियों के बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
जर्मनी की संघीय आपराधिक पुलिस (बीकेए) द्वारा मंगलवार को जारी ‘बच्चों और किशोरों के विरुद्ध यौन अपराध’ स्थिति रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में ऑनलाइन माध्यमों से बाल यौन शोषण के मामले अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गए। रिपोर्ट में 20,000 से अधिक पीड़ित दर्ज किए गए, जो 2024 की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि है। विशेष रूप से बिना शारीरिक संपर्क वाले यौन शोषण के अपराधों में 16.5 प्रतिशत की तीव्र बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रिपोर्ट के अनुसार डिजिटलीकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने अपराध के तरीकों को बदल दिया है। साइबरग्रूमिंग – जिसमें वयस्क बच्चों का विश्वास जीतकर उनका शोषण करते हैं – और लाइवस्ट्रीमिंग के जरिए विदेशों में हो रहे शोषण को लाइव देखना दो प्रमुख चिंताएँ हैं। एआई की मदद से अपराधी नकली पहचान बनाकर चैट में मित्रता और निकटता का दिखावा करते हैं, जो आगे चलकर सेक्सटॉर्शन (अंतरंग तस्वीरों के ब्लैकमेल) तक पहुँच सकता है। बीकेए प्रमुख होल्गर म्यून्ख ने बताया कि 2024 से 2026 के आरंभ के बीच लाइवस्ट्रीमिंग की सूचनाएँ 25 से बढ़कर 250 से अधिक हो गईं, जिनमें फिलीपींस एक केंद्रीय बिंदु है।
जर्मन गृह मंत्री अलेक्ज़ांडर डोब्रिंट ने इन अपराधों को ‘भयावह रूप से उच्च’ बताते हुए आईपी पता भंडारण को अनिवार्य बनाने और यूरोपीय स्तर पर एक समर्पित आयुक्त की नियुक्ति की वकालत की। संसद से इस शरद ऋतु में एक विधेयक पारित होने की उम्मीद है जो इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को तीन महीने तक आईपी पते संग्रहीत करने के लिए बाध्य करेगा। यूरोपीय संघ में अप्रैल 2026 से बाल यौन शोषण सामग्री की पहचान और रिपोर्टिंग में एक नियामक अंतराल उत्पन्न हो गया है, जिसे अप्रैल 2028 तक की अंतरिम व्यवस्था के बाद स्थायी सीएसए विनियमन से भरने का प्रयास है।
इस बीच स्वीडन में यह मुद्दा सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के रूप में उभरा है। उदार महिला संगठन की अध्यक्ष एमी क्रोनब्लाड के अनुसार 10 से 14 वर्ष की लड़कियों में आत्महत्या की दर में प्रतिवर्ष 4.5 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है और 2023 में पहली बार इस आयु वर्ग में लड़कियाँ सबसे अधिक प्रभावित हुईं। जनस्वास्थ्य एजेंसी के आँकड़े बताते हैं कि 45.1 प्रतिशत आबादी ने डिजिटल यौन उत्पीड़न का सामना किया है। स्वीडिश पक्ष ने स्कूलों में सोशल मीडिया को अवरुद्ध करने, इंटरनेट पोर्न के लिए आयु सत्यापन अनिवार्य करने, अभिभावक प्रशिक्षण और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण जैसे संरचनात्मक उपायों की माँग की है।
जर्मन रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि लगभग 40 प्रतिशत ऑनलाइन अपराधी वास्तविक मुलाकातों के माध्यम से भी शोषण करते हैं, और गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म संपर्क स्थापित करने का प्रमुख ज़रिया बन रहे हैं। विशेषज्ञों ने सेक्सटॉर्शन और साइबरग्रूमिंग को अलग आपराधिक श्रेणी में रखने की आवश्यकता पर बल दिया है। अगला ठोस कदम जर्मन संसद में आईपी भंडारण विधेयक का शरद सत्र में पारित होना और यूरोपीय संघ में स्थायी सीएसए विनियमन की दिशा में प्रगति होगी।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | 0.00 | neutral |
|---|---|---|
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.60 | critical |
कृत्रिम बुद्धिमत्ता नाबालिगों के ऑनलाइन यौन शोषण का उत्प्रेरक बन रही है, जर्मन आपराधिक पुलिस रिपोर्ट चेतावनी देती है।
जर्मन आपराधिक पुलिस रिपोर्ट तथ्यात्मक आधार प्रदान करती है, और इसकी संस्थागत अधिकारिता चेतावनी को विश्वसनीयता प्रदान करती है।
रिपोर्ट में पीड़ितों की सटीक संख्या (20,000) या 5% वृद्धि का उल्लेख नहीं है, जिससे गंभीरता की धारणा कम हो जाती है।
ऑनलाइन बाल यौन शोषण का संकट वास्तविक है और AI के साथ बिगड़ रहा है। जर्मन अधिकारी और राजनेता निर्णायक कार्रवाई की मांग करते हैं।
गृह मंत्री और पुलिस के अधिकार का उपयोग तात्कालिकता पैदा करने के लिए किया जाता है, जो चिंताजनक आंकड़ों द्वारा समर्थित है।
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