
विश्व कप 2026 का पहला दौर: मेसी की हैट्रिक और क्लोजे के रिकॉर्ड की बराबरी, स्पेन-पुर्तगाल की लड़खड़ाहट
लियोनेल मेसी ने अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक से अर्जेंटीना को जीत दिलाई और मिरोस्लाव क्लोजे के 16 गोल के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, जबकि स्पेन और पुर्तगाल को अप्रत्याशित ड्रॉ का सामना करना पड़ा।
फीफा विश्व कप 2026 के पहले मैचडे की समाप्ति पर अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने सबसे बड़ी सुर्खी बटोरी। 38 वर्षीय इस दिग्गज ने अल्जीरिया के खिलाफ ग्रुप जे के शुरुआती मुकाबले में हैट्रिक जमाकर टीम को 3-0 से जीत दिलाई। यह उनके विश्व कप करियर का पहला हैट्रिक था, जिसने उन्हें तीन गोल के साथ शीर्ष स्कोरर सूची में पहुंचा दिया और जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजे के 16 गोल के सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी कराई। जहां मेसी ने उम्र को मात देते हुए जादू बिखेरा, वहीं पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे कुछ सुपरस्टार पहले दौर में कोई खास छाप छोड़ने में विफल रहे, जिससे प्रतियोगिता की अनिश्चितता और बढ़ गई।
पहले दौर में 24 मुकाबलों में कुल 74 गोल दागे गए और 56 खिलाड़ियों ने स्कोर किया। केवल एक मैच—स्पेन बनाम केप वर्डे—गोलरहित समाप्त हुआ, जो बड़ा आश्चर्य था। स्पेन और पुर्तगाल को क्रमशः केप वर्डे और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के खिलाफ ड्रॉ पर संतोष करना पड़ा, जबकि ब्राजील को मोरक्को के खिलाफ अप्रत्याशित रूप से अंक बांटने पड़े। दूसरी ओर, जर्मनी ने कुराकाओ को 7-0 से रौंदा, मेजबान मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को हराया, और अमेरिका ने पराग्वे को चौंकाते हुए जीत दर्ज की। इंग्लैंड और कोलंबिया ने भी अपने मुकाबले जीतकर मजबूत शुरुआत की।
मेसी की हैट्रिक ने गोल्डन बूट की दौड़ को रोमांचक बना दिया, लेकिन सर्वकालिक गोल रिकॉर्ड की लड़ाई भी उतनी ही दिलचस्प है। मेसी और क्लोजे अब 16-16 गोल के साथ संयुक्त शीर्ष पर हैं, जबकि फ्रांस के किलियन एमबाप्पे 14 गोल के साथ उनका पीछा कर रहे हैं। ये दोनों सक्रिय खिलाड़ी इसी टूर्नामेंट में क्लोजे के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकते हैं। पहले दौर में हैरी केन ने इंग्लैंड के लिए दो गोल किए, लेकिन मेसी के तीन गोल के आसपास कोई नहीं पहुंच सका। लैटिन अमेरिकी, अरब और इंडोनेशियाई मीडिया ने मेसी की उपलब्धि को युगांतरकारी बताया, जबकि स्पेन-पुर्तगाल के संघर्ष को बड़ा अपसेट करार दिया।
12 समूहों में बंटी 48 टीमों के इस विस्तारित विश्व कप में पहली बार 32 टीमें नॉकआउट में पहुंचेंगी—प्रत्येक समूह की शीर्ष दो और आठ सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमें। इस नए प्रारूप ने पहले ही दौर से संकेत दे दिया कि छोटी टीमें अब बड़ी टीमों को आसानी से नहीं छोड़ेंगी। केप वर्डे और कांगो का स्पेन-पुर्तगाल को रोकना इसका प्रमाण है। सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली टीमों को अब कुल आठ मैच खेलने होंगे, जिससे स्क्वॉड की गहराई और फिटनेस निर्णायक साबित होगी।
आगे की राह में अर्जेंटीना और जर्मनी ने खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है, जबकि ब्राजील, स्पेन और पुर्तगाल को अगले मैचों में वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा। दक्षिण एशिया के लिए यह विश्व कप भले ही प्रत्यक्ष भागीदारी से रहित हो, लेकिन मेसी और एमबाप्पे जैसे सितारों की मौजूदगी भारतीय उपमहाद्वीप में करोड़ों प्रशंसकों को बांधे रखेगी। विस्तारित प्रारूप भविष्य में एशियाई टीमों के लिए अवसरों के द्वार खोल सकता है, फिलहाल असली रोमांच अगले मैचडे में इन दिग्गजों की आपसी टक्कर में देखने को मिलेगा।
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मेसी की हैट्रिक ने उन्हें स्कोरिंग चार्ट में शीर्ष पर पहुंचा दिया, जबकि रोनाल्डो का फीका प्रदर्शन चर्चा का विषय है। अर्जेंटीना और जर्मनी ने ताकत दिखाई, लेकिन स्पेन और पुर्तगाल लड़खड़ा गए, जिससे टूर्नामेंट की शुरुआती शक्ति संरचना बदल गई।
पहले दौर में स्पेन और पुर्तगाल ड्रॉ पर रोके गए, जबकि मेसी की ऐतिहासिक हैट्रिक ने विश्व कप के सर्वकालिक गोल रिकॉर्ड की बराबरी की। अधिकांश दावेदार जीते, लेकिन ब्राजील का मजबूत मोरक्को के साथ ड्रॉ ने अरब टीम के प्रभावशाली प्रदर्शन को उजागर किया।
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