
ईरान-हमास वार्ता: अमेरिकी समझौते के बाद गाजा पर समर्थन की पुष्टि
ईरानी विदेश मंत्री ने हमास नेता से बातचीत में फिलिस्तीनियों के प्रति निरंतर समर्थन दोहराया, जबकि अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन में गाजा का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने हमास के राजनीतिक ब्यूरो सदस्य बासेम नईम के साथ टेलीफोन पर बातचीत की, जिसमें ईरान-अमेरिका वार्ता की “नवीनतम प्रगति” और फिलिस्तीन की स्थिति पर चर्चा हुई। यह संपर्क पिछले सप्ताह हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन के बाद हुआ, जिसका उद्देश्य मध्य पूर्व में शत्रुता को स्थायी रूप से समाप्त करना है। ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार, ज्ञापन में गाजा का नामोल्लेख नहीं है, लेकिन इसमें “लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों की तत्काल और स्थायी समाप्ति” का प्रावधान है। हमास ने इस समझौते का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे गाजा पट्टी में भी हिंसा समाप्त होगी, जो इज़राइल के साथ दो वर्षों से अधिक के युद्ध से तबाह हो चुकी है।
ईरानी पक्ष के अनुसार, अराकची ने फिलिस्तीनियों और उनके “न्यायसंगत उद्देश्य” के प्रति इस्लामी गणराज्य के निरंतर समर्थन की पुष्टि की, जब तक कि उनके “वैध राष्ट्रीय अधिकार पूरी तरह साकार नहीं हो जाते।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का नेतृत्व, अपने वार्ता प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से, गाजा पर जारी इज़राइली हमलों, बार-बार युद्धविराम उल्लंघनों और “जारी नरसंहार” का मुद्दा सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों के साथ-साथ मध्यस्थों और अमेरिकी पक्ष के समक्ष वर्तमान वार्ता के दौरान उठा रहा है। हमास की ओर से, नईम ने ईरान के सर्वोच्च नेता को नेतृत्व का अभिवादन प्रेषित किया और समझौता ज्ञापन पर बधाई दी। हमास ने अमेरिकी-इज़राइली “आक्रमण” के विरुद्ध ईरान के प्रतिरोध और फिलिस्तीनी मुद्दे पर उसके “स्थिर व दृढ़” रुख की सराहना की।
यह वार्ता व्यापक कूटनीतिक प्रयासों के बीच हुई है। ईरानी विदेश मंत्री मंगलवार को राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के साथ पाकिस्तान की यात्रा पर थे, जो तेहरान और वाशिंगटन के बीच मध्यस्थता कर रहा है। इस बीच, दक्षिणी लेबनान में इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच युद्धविराम “मोटे तौर पर कायम” है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) ने इज़राइली सेना की ज़मीनी और हवाई गतिविधियाँ दर्ज की हैं। संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता के हवाले से बताया गया कि इज़राइली मशीनगन फायर और टैंक से तीन गोले दागे जाने की घटनाएँ देखी गईं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इज़राइल और लेबनान अमेरिकी समर्थन से एक पायलट परियोजना पर चर्चा कर रहे हैं, जिसके तहत इज़राइली रक्षा बल (IDF) दक्षिणी लेबनान के कुछ क्षेत्रों से हटेंगे और नियंत्रण लेबनानी सेना को सौंपा जाएगा।
ईरान-हमास संपर्क इस बात का संकेत है कि तेहरान अमेरिका के साथ वार्ता के दौरान भी फिलिस्तीनी मुद्दे को अपनी विदेश नीति की आधारशिला बनाए हुए है। समझौता ज्ञापन में गाजा का उल्लेख न होने से यह प्रश्न बना हुआ है कि क्या युद्धविराम का दायरा वहाँ तक विस्तारित होगा। हमास की सार्वजनिक आशा और ईरान का वार्ता में इस मुद्दे को उठाने का वादा दर्शाता है कि गाजा क्षेत्रीय समीकरणों में केंद्रीय बना रहेगा। फिलहाल, वाशिंगटन में इज़राइल-लेबनान वार्ता जारी है, और पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान-अमेरिका वार्ता के अगले चरणों की रूपरेखा तय होने की संभावना है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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ईरान और हमास ने वाशिंगटन के साथ रूपरेखा समझौते पर फोन पर बातचीत की। हमास ने तेहरान को बधाई दी और फिलिस्तीनी मुद्दे के प्रति उसके अटूट समर्थन की प्रशंसा की, इस समझौते को प्रतिरोध धुरी की जीत के रूप में देखा। इस कॉल ने रणनीतिक गठबंधन और फिलिस्तीनी संघर्ष में ईरान की स्थायी संरक्षक भूमिका की पुष्टि की।
ईरान के विदेश मंत्री ने हमास के एक अधिकारी के साथ अमेरिका के साथ समझौता ज्ञापन पर चर्चा की। पाठ में गाजा का उल्लेख नहीं है, लेकिन इसमें लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तत्काल और स्थायी युद्धविराम का प्रावधान है। हमास ने समझौते का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे गाजा में भी हिंसा समाप्त होगी।
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