
रूस ने गैस भुगतान की समयसीमा बढ़ाई, चेक कंपनी पर विदेशी मुकदमेबाजी पर रोक
रूस ने गैस भुगतान के लिए वैकल्पिक बैंकों के इस्तेमाल की अनुमति अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी, जबकि सेंट पीटर्सबर्ग की अदालत ने चेक कंपनी नेट4गैस को विदेश में मुकदमा चलाने से रोक दिया; नाइजीरिया ने भी पूंजीगत बजट कार्यान्वयन की अवधि बढ़ाई।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण आदेश पर हस्ताक्षर कर विदेशी खरीदारों को रूसी गैस का भुगतान रूबल में करने की छूट को 1 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया। यह कदम अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण उठाया गया, जिनके चलते नवंबर 2024 में गैस भुगतान के लिए अनिवार्य गैज़प्रॉमबैंक का उपयोग बाधित हो गया था। मूल रूप से मार्च 2022 के राष्ट्रपति आदेश के तहत सभी विदेशी खरीदारों को गैज़प्रॉमबैंक के माध्यम से ही रूबल में भुगतान करना अनिवार्य था, लेकिन प्रतिबंधों के बाद दिसंबर 2024 में पुतिन ने किसी भी रूसी बैंक के जरिए भुगतान की अनुमति दे दी थी। अब यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 की पूर्व निर्धारित समयसीमा के बजाय अक्टूबर तक जारी रहेगी, जिससे यूरोपीय और एशियाई खरीदारों को लचीलापन मिलेगा।
इस बीच, रूस ने कानूनी मोर्चे पर भी आक्रामक रुख अपनाया। सेंट पीटर्सबर्ग की मध्यस्थता अदालत ने चेक गैस पाइपलाइन ऑपरेटर नेट4गैस को रूस के बाहर गैज़प्रॉम और गैज़प्रॉम एक्सपोर्ट के खिलाफ मुकदमा चलाने से प्रतिबंधित कर दिया। नेट4गैस ने चेक गणराज्य की आर्थिक और कृषि चैंबर की मध्यस्थता अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि रूसी पक्ष ने अपनी गैस परिवहन प्रणाली के उपयोग के लिए अनुबंधित मासिक भुगतान रोक दिए हैं। रूसी अदालत ने चेतावनी दी कि यदि नेट4गैस विदेशी कार्यवाही जारी रखती है तो उसे लगभग 5.8 करोड़ यूरो और 18 प्रतिशत रूबल ब्याज, तथा गैज़प्रॉम को अलग से 6 करोड़ यूरो से अधिक का हर्जाना देना होगा। यह कदम पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूसी ऊर्जा कंपनियों को विदेशी कानूनी दायरे से बचाने की रणनीति का हिस्सा है।
दूसरी ओर, अफ्रीकी महाद्वीप में नाइजीरिया की संसद ने भी समयसीमा विस्तार का सहारा लिया। प्रतिनिधि सभा ने 2025 के पूंजीगत बजट के कार्यान्वयन की अवधि 30 जून 2026 से बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी, ताकि चल रही परियोजनाओं को पूरा किया जा सके। अध्यक्ष तजुद्दीन अब्बास की अध्यक्षता में आपातकालीन सत्र में विधेयक को तीनों वाचनों में पारित किया गया। यह निर्णय नाइजीरिया की विकासात्मक चुनौतियों और बजट निष्पादन में आ रही बाधाओं को दर्शाता है।
ये तीनों घटनाक्रम अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में समयसीमा बढ़ाने की साझा प्रवृत्ति को उजागर करते हैं। रूस के लिए यह प्रतिबंधों के अनुकूलन और ऊर्जा निर्यात को बनाए रखने का प्रयास है, जबकि नाइजीरिया आंतरिक प्रशासनिक जरूरतों से प्रेरित है। दक्षिण एशिया, विशेषकर भारत जैसे बड़े रूसी गैस आयातकों के लिए भुगतान लचीलापन लाभकारी हो सकता है, लेकिन लगातार बढ़ती समयसीमाएं वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कानूनी जोखिमों की ओर भी इशारा करती हैं। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये अस्थायी विस्तार स्थायी समाधानों में बदलते हैं या केवल अनिश्चितता को टालने का जरिया बनकर रह जाते हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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मॉस्को ने विदेशी खरीदारों को गज़प्रॉमबैंक के अलावा अन्य बैंकों के माध्यम से रूसी गैस का भुगतान करने की अनुमति अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है, जो अमेरिकी प्रतिबंधों के अनुकूल एक कदम है। इसी के साथ, सेंट पीटर्सबर्ग की एक अदालत ने चेक ऑपरेटर Net4Gas को गज़प्रॉम के खिलाफ विदेश में कानूनी कार्रवाई करने से रोक दिया और उल्लंघन पर करोड़ों यूरो का जुर्माना लगाया। रूसी अधिकारी दोनों कदमों को राष्ट्रीय ऊर्जा हितों और कानूनी संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक तकनीकी समायोजन के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
नाइजीरिया की प्रतिनिधि सभा ने 2025 के बजट के पूंजीगत घटक के कार्यान्वयन की अवधि तीन महीने बढ़ाकर समय सीमा 30 जून से 30 सितंबर 2026 कर दी है। एक विधायी संशोधन के माध्यम से लिया गया यह निर्णय, संघीय सरकार को बजट में पहले से शामिल चल रही परियोजनाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय देने के लिए बनाया गया है। इस कदम को नियोजित सार्वजनिक निवेशों की पूर्ण डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए एक तकनीकी समायोजन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
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